अमेरिका पर सरकार गिराने का आरोप लगाने वाली शेख हसीना का U-Turn? US में रहने वाले बेटे की सफाई का मतलब क्या?
Sheikh Hasina: बांग्लादेश की लंबे समय से नेता रहीं शेख हसीना के बेटे ने उस मीडिया रिपोर्ट का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि उनकी मां ने अमेरिका पर बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन की साजिश रचने का आरोप लगाया है और कहा, कि अगर उन्हें मौका मिलता तो वह अपने भाषण में इस मुद्दे को उठातीं।
एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और 5 अगस्त को हिंसक छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच देश से भागने से पहले शेख हसीना राष्ट्र को संबोधित करना चाहती थीं। जिसमें वो अमेरिका पर बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन की साजिश रचने का आरोप लगाने वाली थीं। लेकिन, सेना ने उन्हें देश को संबोधित करने का मौका नहीं दिया।

शेख हसीना के बेटे साजिद वजेब ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस मीडिया रिपोर्ट का पूरी तरह खंडन किया है। उन्होंने इस रिपोर्ट को "झूठा और मनगढ़ंत" भी बताया है।
हसीना के बेटे ने एक्स पर लिखा, "हाल ही में एक अखबार में मेरी मां के नाम से प्रकाशित इस्तीफा स्टेटमेंट, पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत है। मैंने अभी उनसे पुष्टि की है, कि उन्होंने ढाका छोड़ने से पहले या बाद में कोई बयान नहीं दिया है।"
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि शेख हसीना ने कहा है, कि अमेरिका ने उन्हें सत्ता से हटाने की योजना बनाई थी क्योंकि उन्होंने सेंट मार्टिन द्वीप देने से इनकार कर दिया था। हसीना ने कहा है, कि इस द्वीप को पाने से अमेरिका को बंगाल की खाड़ी पर प्रभाव बढ़ाने में मदद मिल सकती थी।
शेख हसीना की पलटी या रिपोर्ट गलत?
इकोनॉमिक टाइम्स ने शेख हसीना के एक करीबी के हवाले से उनका स्टेटमेंट छापा है, जिसमें उन्होंने कहा है, कि "मैंने इस्तीफा दे दिया, ताकि मुझे शवों का जुलूस न देखना पड़े। वे छात्रों के शवों पर सत्ता में आना चाहते थे, लेकिन मैंने ऐसा नहीं होने दिया, मैंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। मैं सत्ता में बनी रह सकती थी, अगर मैंने सेंट मार्टिन द्वीप की संप्रभुता को त्याग दिया होता और अमेरिका को बंगाल की खाड़ी पर शासन करने दिया होता। मैं अपने देश के लोगों से विनती करती हूं, कृपया कट्टरपंथियों के बहकावे में न आएं।"
शेख हसीना ने आगे कहा, कि "अगर मैं देश में रहती, तो और भी लोगों की जान चली जाती, और भी संसाधन नष्ट हो जाते। मैंने देश छोड़ने का बेहद मुश्किल फैसला किया। मैं आपकी नेता बनी, क्योंकि आपने मुझे चुना, आप मेरी ताकत थे।"
अपनी पार्टी के नेताओं की हत्याओं पर चिंता जताते हुए शेख हसीना ने कहा, कि "जब मुझे खबर मिली, कि कई नेताओं की हत्या की गई है, कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है और उनके घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई है, तो मेरा दिल रो पड़ा... सर्वशक्तिमान अल्लाह की कृपा से मैं जल्द ही वापस आऊंगी। अवामी लीग ने बार-बार अपनी आवाज उठाई है। मैं हमेशा बांग्लादेश के भविष्य के लिए प्रार्थना करूंगी, वह देश जिसके लिए मेरे परदादा ने संघर्ष किया। वह देश जिसके लिए मेरे पिता और परिवार ने अपनी जान दे दी।"
मैंने छात्रों को कभी रजाकार नहीं कहा- शेख हसीना
कोटा विरोधी आंदोलन में भाग लेने वाले छात्र प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, कि उन्हें भड़काने के लिए उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।
उन्होंने जोर देकर कहा, "मैं बांग्लादेश के युवा छात्रों से दोहराना चाहूंगी। मैंने आपको कभी रजाकार नहीं कहा। बल्कि आपको भड़काने के लिए मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। मैं आपसे उस दिन का पूरा वीडियो देखने का अनुरोध करती हूं। साजिशकर्ताओं ने मासूमियत का फायदा उठाया और देश को अस्थिर करने के लिए आपका इस्तेमाल किया है।"












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