Bangladesh: शेख हसीना सत्ता गवांने के बाद मुश्किल में! राजनयिक पासपोर्ट रद्द, अब भारत प्रवास पर भी टेंशन
बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के अंतर्गत सुरक्षा सेवा प्रभाग ने शेख हसीना, उनके सलाहकारों, पूर्व कैबिनेट सदस्यों का राजनयिक पासपोर्ट रद्द कर दिया है। यह कदम अगस्त में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन द्वारा संसद को भंग करने के बाद उठाया गया। इसके तुरंत बाद पूर्व पीएम हसीना को इस्तीफा देने और देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह स्थिति बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन द्वारा संसद को भंग करने के बाद बनी।
राजनयिक पासपोर्ट रद्द होने के बाद बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के पास अब कोई पासपोर्ट नहीं है। अगर उन्होंने नए पासपोर्ट के लिए आवेदन किया तो बांग्लादेश के नियम के मुताबिक कम से कम दो एजेंसियों से वेरिफिकेशन जरूरी है। ऐसे में पासपोर्ट बनवाने के लिए उन्हें बांग्लादेश वापस जाना होगा। ऐसे में शेख हसीना के भारत प्रवास पर भी संकट है, उन्हें प्रत्यार्पण करना पड़ सकता है।

क्या शेख हसीना पर प्रत्यर्पण का खतरा है?
बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ हत्या के 42 मामलों समेत कुल 51 केस दर्ज हैं। ऐसे में राजनयिक पासपोर्ट रद्द होने के बाद उनका व्यक्तिगत पासपोर्ट भी बनने में लंबा वक्त लग सकता है। ऐसे में शेख हसीना का प्रत्यर्पण बांग्लादेश और भारत के बीच 2013 की प्रत्यर्पण संधि के कानूनी ढांचे दायरे में आएगा। हालांकि ये संधि राजनीतिक मामलों में प्रत्यर्पण से इनकार करने की अनुमति देती है। लेकिन हत्या के मामलों में प्रत्यर्पण से इनकार नहीं किया जा सकता।












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