भारत के खिलाफ बांग्लादेश में अमेरिकी एयरबेस? बाइडेन ने शेख हसीना को ब्लैकमेल के लिए भेजा दूत?
US-Bangladesh Airbase: बांग्लादेश की प्रधान मंत्री शेख हसीना ने गुरुवार को सनसनीखेज खुलासा किया है, कि उन्हें एक 'श्वेत व्यक्ति' ने 7 जनवरी को हुए लोकसभा में बिना विवाद फिर से जिताने की पेशकश की थी और बदले में उनके सामने बांग्लादेश में एक अमेरिकी एयरबेस बनाने की इजाजत देने का शर्त रखा था।
बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के ये आरोप सनसनीखेज इसलिए हैं, क्योंकि 7 जनवरी को बांग्लादेश में हुए लोकसभा चुनाव से पहले अमेरिका ने चुनाव की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर दर्जनों बार सवाल उठाए थे, जिससे ये सवाल उठ रहे हैं, कि क्या अमेरिका ने शेख हसीना को ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी?

76 साल की बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना 7 अक्टूबर को हुए लोकसभा चुनाव में फिर से जीत हासिल कर पांचवीं बार दक्षिण एशियाई राष्ट्र की प्रधानमंत्री बनी थीं और इस चुनाव का पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने बहिष्कार किया था, जिन्हें कथित तौर पर अमेरिका का समर्थन हासिल था।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के आरोप क्या हैं?
द डेली स्टार बांग्लादेश ने रविवार को शेख हसीना के हवाले से कहा है, कि "अगर मैं किसी खास देश को बांग्लादेश में एयरबेस बनाने की अनुमति देती, तो मुझे कोई समस्या नहीं होती।" हालांकि, उन्होंने उस देश का नाम नहीं बताया, जिसने उन्हें यह पेशकश की थी, लेकिन इस बात पर जोर दिया, कि "प्रस्ताव एक श्वेत व्यक्ति की ओर से आया था।"
बांग्लादेश के संस्थापक और पहले राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान की बेटी शेख हसीना ने कहा, "यह प्रस्ताव एक श्वेत व्यक्ति की ओर से आया था।"
उन्होंने आगे कहा, कि "ऐसा लग सकता है, कि उनके निशाने पर सिर्फ एक देश हों, लेकिन उनका लक्ष्य सिर्फ एक देश नहीं है। मुझे पता है, कि वे और कहां जाने का इरादा रखते हैं।" उन्होंने कहा, "यही वजह है, कि उनकी पार्टी अवामी लीग हमेशा संकट में रहती है, लेकिन इससे घबराने की कोई बात नहीं है।"
जब बांग्लादेशी प्रधानमंत्री से यह पूछा गया, कि उन्होंने उस प्रस्ताव रखने वाले "श्वेत व्यक्ति" को क्या जवाब दिया, तो उन्होंने वही उत्तर दिया, जो उन्होंने 2001 में दिया था, जब अमेरिका ने भारत को देश की गैस बेचने की पेशकश की थी।
उन्होंने कहा, कि "मैंने स्पष्ट रूप से कहा है, कि मैं राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की बेटी हूं। हमने अपना मुक्ति संग्राम जीता, मैं देश का कोई हिस्सा किराए पर लेकर या किसी अन्य देश को सौंपकर सत्ता में नहीं आना चाहती और मुझे सत्ता की जरूरत नहीं है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, कि "वह तभी सत्ता में आएंगी जब लोग चाहेंगे, और अगर वे उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में नहीं देखना चाहते तो नहीं आएंगी।"

शेख हसीना ने कहा, कि बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर में ट्रे़ड और कॉमर्स प्राचीन काल से चल रहा है। उन्होंने कहा, कि "कई लोगों की नजर इस जगह पर है। इस स्थान पर न तो कोई विवाद है और न ही किसी का मनमुटाव। और मैं ऐसा कुछ होने भी नहीं दूंगी। और (उनकी नजर में) यही मेरा सबसे बड़ा गुनाह है।"
शेख हसीना ने कहा, कि वह देश और विदेश, हर जगह लड़ाई लड़ रही हैं और बांग्लादेश से अलग एक नया देश बनाने की "साजिशें अभी भी जारी हैं"। शेख हसीना ने बिना कोई ज्यादा जानकारी दिए कहा, कि "पूर्वी तिमोर की तरह...वे बांग्लादेश (चट्टोग्राम) और म्यांमार के कुछ हिस्सों को बंगाल की खाड़ी में बेस बनाने के लिए एक ईसाई देश बनाएंगे।"
आपको बता दें, कि अगर शेख हसीना के आरोप सही हैं, तो ये बेस भारत की सीमा के पास होगा और बांग्लादेश के एक मंत्री ने दावा किया है, कि एयरबेस बनाकर अमेरिका भारत पर नजर रखना चाहता है।
द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, कि "उनकी सरकार को गिराने की साजिशें रची जा रही हैं और उन्हें वही परिणाम भुगतने होंगे, जो उनके पिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान ने झेले थे।"
आपको बता दें, कि बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की 15 अगस्त 1975 को परिवार के ज्यादातर सदस्यों के साथ हत्या कर दी गई थी। शेख हसीना और उनकी बहन उस वक्त देश से बाहर थीं, इसलिए उनकी जान बत गई थी। वहीं, उनके हत्या के मास्टरमाइंड आज भी कनाडा में रह रहे हैं।
बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, कि बांग्लादेश उन देशों से कुछ भी नहीं खरीदेगा, जिन्होंने उस पर प्रतिबंध लगाए हैं।












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