राष्ट्रपति पुतिन ने पाकिस्तान से किया बड़ा वादा, क्या भारत के लिए साबित होगा बड़ा झटका?
शहबाज शरीफ से बातचीत के क्रम में पुतिन ने कहा कि, साउथ ईस्ट एशिया में पाकिस्तान हमारा विश्वसनीय पार्टनर बन सकता है।
समरकंद, 16 सितंबर : उज्बेकिस्तान में जारी एससीओ शिखर सम्मेलन (SCO summit Samarqand, Uzbekistan) के दौराम रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इस दौरान पुतिन ने इस्लामाबाद के लिए अपना प्रेम दिखाकर भारत की चिंता बढ़ा दी हैं। खबर है कि, द्विपक्षीय बैठक के क्रम में रूस और पाकिस्तान ने आपसी संबंधों को मजबूत करने के विषय में चर्चा की है।

रूस के साथ पाकिस्तान नजदिकियां बढ़ा रहा है
दुनिया जानती है कि, नई दिल्ली और मास्को के बीच सदियों पुराना गहरा नाता है। भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी रूस के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा। हालांकि, नई दिल्ली रूस को शांति से समाधान निकालने की बात करता रहा है। वहीं, रूस जब रूस पर अमेरिका और यूरोपीय देश आर्थिक प्रतिबंधों की झड़ी लगा रहे थे उस समय भारत रूस से तेल खरीद रहा था। हालांकि, अमेरिका ने कई बार भारत को रूस से ईंधन की खरीद नहीं करनी चेतावनी देता रहा है। हम यह बात यहां इसलिए कह रहे हैं क्योंकि, उज्बेकिस्तान में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने द्विपक्षीय बैठक की है। इस दौरान रूस ने पाकिस्तान के प्रति अपना प्रेम को दिखा दिया है। इस्लामाबाद के लिए मास्को का बढ़ता प्रेम भारत के लिए चिंता का विषय बन गया है।

रूस का पाकिस्तान प्रेम से भारत चिंतित!
शहबाज शरीफ से बातचीत के क्रम में पुतिन ने कहा कि, साउथ ईस्ट एशिया में पाकिस्तान हमारा विश्वसनीय पार्टनर बन सकता है। इस पर पाकिस्तान के पीएम शरीफ ने पुतिन से कह दिया कि, रूस सुपर पावर है और इस्लामाबाद मास्को के साथ रिश्तों को प्रगाढ़ करने के इच्छुक है। बता दें कि, शहबाज शरीफ ने कुछ समय पहले कहा था कि, अगर रूस पाकिस्तान को बेहतर दरों में गेंहू देता है तो इस्लामाबाद मास्को से अनाज खरीदने में अपनी दिलचस्पी दिखा सकता है।

पाकिस्तान का सहयोग करेगा रूस, साथ मिलकर करेंगे काम
पाकिस्तानी पीएम कार्यालय के एक बयान में कहा गया है कि, पीएम शहबाज शरीफ ने खाद्य सुरक्षा, व्यापार और निवेश, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा सहित पारस्परिक लाभ के सभी क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूती से बढ़ाते हुए रूस के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता प्रकट की है। बयान में कहा गया है कि, दोनों पक्ष इस्लामाबाद में अंतर-सरकारी आयोग (आईजीसी) की अगली बैठक जल्द से जल्द बुलाने पर सहमत हुए हैं।

रूस पाकिस्तान को इन क्षेत्रों में सहयोग करेगा
दक्षिण एशियाई देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण लंबे समय से विलंबित गैस पाइपलाइन, पाकिस्तान स्ट्रीम गैस परियोजना, जिसे उत्तर-दक्षिण गैस पाइपलाइन के रूप में भी जाना जाता है , को रूसी कंपनियों के सहयोग से बनाया जाना है। दोनों देशों ने 2015 में पंजाब के पूर्वोत्तर प्रांत में बिजली संयंत्रों को अरब सागर तट पर कराची से आयातित तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) पहुंचाने के लिए 1,100 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बनाने पर सहमति व्यक्त की। पाइपलाइन की डिजाइन की गई वार्षिक क्षमता 12.4 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है, जिसे बढ़ाकर 16 बीसीएम करने की संभावना है।

शहबाज को लेकर आगे बढ़ेंगे पुतिन
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन पर हमें काम करने की जरूरत है। राष्ट्रपति ने कहा कि हम रेलवे ट्रांस्पोर्टेशन और ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में अच्छी संभावनाएं भी देख रहे हैं। इसके बाद राष्ट्रपति पुतिन ने पाकिस्तान स्ट्रीम गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट को लेकर कहा कि इस प्रोजेक्ट का मकसद पाइपलाइन गैस को रूस से पाकिस्तान पहुंचाना है। पुतिन ने बताया कि कजाकिस्तान, रूस और उज्बेकिस्तान में कुछ जगहों पर तो काम भी पूरा हो गया है। बता दें कि, जब इमरान खान ने प्रधानमंत्री रहते हुए यूक्रेन युद्ध के पहले दिन मास्को का दौरा किया था। इससे अमेरिका पाक इमरान से काफी नाराज हो गया था। इसके कुछ समय पश्चात इमरान की सरकार गिर गई। इमरान खान ने अमेरिका पर सरकार गिराने का आरोप लगा दिया। हालांकि, वाशिंगटन ने इमरान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।












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