चीन ने पाकिस्तान के लिए खजाना खोलने का किया वादा, ट्रेन टेक्नोलॉजी, CPEC...जानें और क्या क्या देंगे जिनपिंग
शी जिनपिंग और शहबाज शरीफ के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद चीन की सरकारी मीडिया सीसीटीवी ने कहा है कि, चीन ने पाकिस्तान को हाईस्पीड ट्रेन टेक्नोलॉजी के निर्यात करने का फैसला किया है।
China-Pakistan Tie: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ दो दिवसीय दौरे पर चीन की यात्रा पर हैं, जहां उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई है। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान चीन ने पाकिस्तान से अपना खजाना खोलने का वादा किया है। चीन की सरकारी मीडिया सीसीटीवी ने कहा है कि, चीन पाकिस्तान को 160 किमी/घंटा हाई स्पीड रेलवे ट्रेन निर्माण के लिए टेक्नोलॉजी का निर्यात करेगा। इसके साथ ही चीन ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए भी संस्थानों के निर्माण का वादा किया है।

रेल टेक्नोलॉजी निर्यात करेगा चीन
शी जिनपिंग और शहबाज शरीफ के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद चीन की सरकारी मीडिया सीसीटीवी ने कहा है कि, चीन ने पाकिस्तान को हाईस्पीड ट्रेन टेक्नोलॉजी के निर्यात करने का फैसला किया है। इसके साथ ही चीन ने कहा है कि, 46 ट्रेन कैरिज का पहला बैच लोड किया जा चुका है, जिसे 3 नवंबर को पाकिस्तान को भेज दिया जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि, 184 अन्य गाड़ियों के पुर्जे असेंबल करने के लिए पाकिस्तान को डिलीवर किए जाएंगे। सीसीटीवी ने कहा है कि, यह पहली बार है जब चीन ने अपनी टेक्नोलॉजी का निर्यात किया है। वहीं, जियो न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) पर सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए दोनों देश सहमत हुए हैं। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था और निवेश में व्यापक सहयोग पर चर्चा की है, इसके साथ ही ग्लोबल और रिजनल डेवलपमेंट पर भी दोनों नेताओं ने विचारों का आदान-प्रदान किया और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए चर्चा की।

चीन के दौरे पर हैं शहबाज शरीफ
आपको बता दें कि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग के निमंत्रण पर एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ चीन की आधिकारिक यात्रा पर हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीपीईसी परियोजना को पुनर्जीवित करना है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच ये बैठक चीन के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में हुई है, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था और निवेश में व्यापक सहयोग पर चर्चा की। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "प्रधानमंत्री मुहम्मद शाहबाज शरीफ ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी क्षेत्रों, विशेष रूप से CPEC परियोजनाओं में आपसी सहयोग पर चर्चा की और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की है।"

चीन से आर्थिक मदद की उम्मीद
आपको बता दें कि, पाकस्तान के प्रधानमंत्री जिस वक्त चीन की यात्रा कर रहे हैं, उस वक्त पाकिस्तान की घरेलू स्थिति काफी मुश्किल बनी हुई है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान लांग मार्च निकाल रहे हैं और उन्होंने शहबाज शरीफ की सत्ता उखाड़ फेंकने की कसम खाई है। वहीं, शी जिनपिंग के तीसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद शहबाज शरीफ पहले वो नेता हैं, जो चीन की यात्रा पर हैं और उन्होंने खुद को आमंत्रित किए जाने को लेकर कहा है, कि वो चीनी प्रधानमंत्री से मिले सम्मान को लेकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था कभी भी डिफॉल्ट कर सकती है और ऐसे वक्त में सिर्फ चीन की पाकिस्तान को बचा सकता है, ऐसे में सवाल ये हैं, कि क्या चीन पाकिस्तान को राहत देगा। हालांकि, चीन के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान से ये वादा किया है।

शी जिनपिंग का वादा क्या है?
वहीं, शहबाज शरीफ से मुलाकत के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है, कि पाकिस्तान में वित्तीय संस्थानों की स्थापना में चीन पाकिस्तान की मदद करेगा। चीन की सरकारी मीडिया की तरफ से दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात के बाद बयान जारी किया गया है। हालांकि, चीन की तरफ से सीपीईसी प्रोजेक्ट को लेकर भी बयान जारी किया गया है और कहा गया है, कि चीन और पाकिस्तान को अपने आर्थिक गलियारे के निर्माण के साथ और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ना चाहिए, साथ ही ग्वादर सी पोर्ट के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण में तेजी लानी चाहिए। आपको बता दें कि, सीपीईसी को लेकर चीन पहले ही नाराजगी जता चुका है। चीन सीपीईसी की परियोजनाओं में देरी से भी नाखुश है, जो कि शी जिनपिंग की मल्टी-बिलियन डॉलर प्रोजेक्ट बीरआई का हिस्सा है। लेकिन, पाकिस्तान की तरफ से इस प्रोजेक्ट को इतना लेट कर दिया गया है, कि चीन के निवेशकों को काफी घाटा हुआ है और चीनी निवेशकों में गहरा असंतोष है।












Click it and Unblock the Notifications