Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

2024 में 'बरमूडा ट्राएंगल' में फंस जाएगी दुनिया की अर्थव्यवस्था, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री की चेतावनी से हड़कंप

नूरील रूबिनी वही अर्थशास्त्री हैं, जिन्होंने सबसे पहले 2008 में आने वाले वित्तीय संकट की सटीक भविष्यवाणी की थी और उन्होंने जब आर्थिक संकट के बारे में बात की थी, तो किसी ने उनकी बातों को सीरियस तरीके से नहीं लिया था।

Nouriel Roubini predictions

Economic Crisis: दुनियाभर की अर्थव्यवस्था के लिए मशहूर अर्थशास्त्री नूरील रौबिनी ने गंभीर चेतावनी जारी की है और कहा है, कि अगले साल दुनिया की इकोनॉमी 'बरमूडा ट्राएंगल' में फंस जाएगी और बाजार में हाहाकार मच जाएगा। उन्होंने चेतवनी जारी करते हुए कहा है, कि अगले साल पूरी दुनिया बेहद गंभीर आर्थिक संकट में फंस जाएगी, जिसका देशों की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। 2007-2008 के वैश्विक वित्तीय संकट की भविष्यवाणी करने वाले प्रसिद्ध अर्थशास्त्री नूरील रौबिनी की इस चेतावनी ने दुनियाभर के बाजारों की नींद उड़ा दी है।

नूरील रौबिनी की गंभीर चेतावनी

नूरील रौबिनी ने चेतावनी दी है, कि अगले साल "गंभीर मंदी" आ सकती है। अमेरिका के वॉल स्ट्रीट में डॉ. डूम के नाम से प्रख्यात अर्थशास्त्री नूरील रौबिनी ने बाजारों को सचेत करते हुए कहा है, कि अर्थव्यवस्था खतरे के "बरमूडा ट्राएंगल" की ओर बढ़ रही है। मैकिन्से ग्लोबल इंस्टीट्यूट के फॉरवर्ड थिंकिंग पॉडकास्ट के साथ हाल ही में एक इंटरव्यू में, रूबिनी ने कहा, कि केंद्रीय बैंकरों ने मौद्रिक नीति को सख्त करना जारी रखा है, लिहाजा अर्थव्यवस्था एक और वित्तीय संकट की तरफ बढ़ती जा रही है। आपको बता दें, कि अमेरिका की केन्द्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने एक बार फिर से बुधवार को ब्याज दरों में 25 बेसिक प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी है और इसके पीछे उसने महंगाई को कंट्रोल करने का हवाला दिया है। पिछले साल से लेकर अभी तक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में 475 अंकों की वृद्धि कर चुका है और उसी का असर है, कि अमेरिका के 2 बैंक अभी तक डूब चुके हैं और कई बैंकों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। पिछले हफ्ते, यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने भी अपनी पॉलिसी रेट में 50 बेसिक प्वाइंट्स की वृद्धि की है।

Nouriel Roubini predictions

'कर्ज का भारी निर्माण'

रौबीनी ने हाल के दशकों में दुनिया भर में "कर्ज के भारी जमाव" के बारे में चेतावनी दी है। रौबीनी ने पिछले साल सितंबर महीने मे भी चेतावनी देते हुए कहा था, कि 2023 के अंतिम महीनों के बाद पूरी दुनिया गंभीर आर्थिक संकट के चक्कर में फंस सकती है और एक लंबे वक्त तक दुनियाभर की अर्थव्यवस्था में तबाही आ सकती है। अमेरिका की केन्द्रीय बैंक पर निशाना साधते हुए कहा, कि महंगाई को कंट्रोल करने के लिए फेडरल रिजर्व ने सिर्फ ब्याज दरों को बढ़ाया है और ऐसा लगता है, कि फेडरल रिजर्व के पास ब्याज दरों को बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। आपको बता दें, कि डॉक्टर डूम के नाम से चर्चित अर्थशास्त्री नूरील रूबिनी ने इसी साफ फरवरी में कहा था, आने वाले समय में जल्द ही डॉलराइजेशन की प्रक्रिया होगी। उन्होंने आगे कहा, कि अमेरिका की ग्लोबल इकोनॉमी का हिस्सा 40 से 20 फीसदी तक गिर रहा है। अर्थशास्त्री ने दावा किया था, कि अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के उद्देश्यों के लिए डॉलर को हथियार बना रहा है।

Nouriel Roubini predictions

'बरमूडा ट्राएंगल' में फंस जाएगी अर्थव्यवस्था

डॉ डूम ने कहा, कि केंद्रीय बैंक वर्तमान में सिर्फ हार की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा, कि बढ़ती ब्याज दरें बैंकिंग प्रणाली को हिला सकती हैं और साथ ही भारी अस्थिरता पैदा कर सकती हैं, लेकिन उन्हें कम करने से मुद्रास्फीति में भारी वृद्धि हो सकती है। रूबिनी ने इस सप्ताह की शुरुआत में ब्लूमबर्ग टीवी को बताया था, कि "समाधान खोजने में बहुत देर हो चुकी है, जो एक कठिन लैंडिंग को रोकता है और गंभीर वित्तीय तनाव को रोकता है।" आपको बता दें, कि 'बरमूडा ट्राएंगल' त्तर पश्चिम अटलांटिक महासागर का एक हिस्सा है, जिसके ऊपर से जब कोई हवाई जहाज गुजरता था, तो गायब हो जाता था। ये क्षेत्र काफी खतरनाक माना जाता है और उस क्षेत्र से जहाजों के गुजरने पर पाबंदी है। डॉ. डूम ने अर्थव्यवस्था के 'बरमूडा ट्राएंगल' में फंसने की बात कही है, यानि दुनिया की इकोनॉमी काफी गंभीर अवस्था में फंसने वाली है।

कैसी होने वाली है वास्तविक स्थिति?

उन्होंने कहा, कि "घरों और कॉरपोरेट्स में काम करने वाले लोगों की इनकम गिरेगी, जिसकी वजह से परिवारों की इनकम, मजदूरों की इनकर ना सिर्फ घटेगी, बल्कि बेरोजगारी भी बढ़ेगी। वहीं, कंपनियों के लिए, अगर उनका राजस्व गिरता है, तो फिर उनका मुनाफा कम होता है और पहले से ही तनाव भरी दुनिया में ऐसी कंपनियों के लिए काम जारी रखना काफी मुश्किल हो जाएगा।" उन्होंने कहा, कि परिसंपत्ति की कीमतों में गिरावट देखी गई है, क्योंकि कंपनियों को उच्च उधारी लागत और कम तरलता का सामना करना पड़ा है। रौबिनी ने कहा, कि "मुद्रास्फीति के कारण कैश ने भी निगेटिव रिटर्न दिया है।" अर्थशास्त्री ने कहा, कि एक अत्यधिक लीवरेज्ड परिवार या कंपनी को ऋण चुकाने की क्षमता पर झटका लगता है। खतरे को बरमूडा ट्रायंगल से जोड़ते हुए रौबिनी ने कहा, कि "आपकी इनकम पर, आपकी संपत्ति के मूल्यों पर, और फिर अपनी देनदारियों के वित्तपोषण के बोझ पर चोट लगी है। यदि आप अत्यधिक लाभकारी घरेलू या व्यावसायिक फर्म हैं, तो फिर आप संकट की स्थिति में खत्म होते जाते हैं"।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+