ब्रिटेन ने ली चैन की सांस, उसका ही हिस्सा रहेगा स्कॉटलैंड
एडिनबरा। आज यानी शुक्रवार को इस बात पर मोहर लग जाएगी कि स्कॉटलैंड यूके का हिस्सा रहेगा या फिर वर्ष 2016 से वह एक अलग देश के रूप में काम करने लगेगा। फिलहाल तो यही लग रहा है कि स्कॉटलैंड ब्रिटेन का ही हिस्सा रहेगा।

गुरुवार को स्कॉटलैंड की आजादी पर वोटिंग हुई और अब इसका भविष्य अगले कुछ घंटों में तय हो जाएगा। अगर स्कॉटलैंड की आजादी के पक्ष में वोटिंग हुई होगी तो फिर 24 मार्च 2016 से स्कॉटलैंड एक आजाद मुल्क बन जाएगा।
शुरुआती नतीजे स्कॉटलैंड की आजादी के खिलाफ
स्कॉटलैंड के ब्रिटेन में बने रहने या स्वतंत्र देश बनने के लिए हुए जनमत संग्रह के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। शुरुआती चार स्थानीय निकायों के नतीजे स्कॉटलैंड की स्वतंत्रता के खिलाफ गए हैं।
क्लॉकमैनशर और ऑर्कनी क्षेत्र के अधिकतर लोगों ने ब्रिटेन से अलग नहीं होने के पक्ष में राय जताई है।
सबसे पहला नतीजा क्लाकमैनशर से आया है, जहां 19,036 लोगों ने 'नहीं' के पक्ष में मतदान किया है, जबकि 16,350 लोगों का मत है कि स्कॉटलैंड को स्वतंत्र देश बन जाना चाहिए। क्लॉकमैनशर में 89 प्रतिशत मतदान हुआ था।
दूसरा नतीजा स्थानीय निकाय ऑर्कनी का घोषित हुआ है। यहां स्कॉटलैंड की स्वतंत्रता के पक्ष में 4,883 लोगों ने राय व्यक्त की है, जबकि 10,004 लोगों का जवाब 'नहीं' रहा है।
ऑर्कनी में 83.7 प्रतिशत मतदान हुआ था। स्कॉटलैंड के सभी 32 निकायों के जनमत संग्रह के नतीजों की घोषणा की जाएगी।
कांटे का मुकाबला
तीसरा नतीजा शेटलैंड का आया है। यहां 63 पर्सेंट लोगों ने ब्रिटेन के पक्ष में मतदान किया है जबकि 36.2 पर्सेंट लोगों ने आजाद स्कॉटलैंड के पक्ष में मतदान किया है।
चौथा नतीजा वेस्टर्न आइल का आया है। यहां भी ज्यादातर लोगों ने ब्रिटेन के साथ रहने की हामी भरी है। 63 पर्सेंट लोगों ने ब्रिटेन के पक्ष में मतदान किया। आजाद स्कॉटलैंड के पक्ष में 46.6 पर्सेंट लोगों ने मतदान किया है।
पांचवां परिणाम सिटी ऑफ डूंडी का आया है। यहां के 57 पर्सेंट लोगों ने स्कॉटलैंड की आजादी के पक्ष में मतदान किया है। आजादी के पक्ष में यह पहला रिजल्ट है। 42.6 पर्सेंट लोगों ने ब्रिटेन के पक्ष में वोटिंग की है।
छठा रिजल्ट इनवरक्लाइड का आया है। यहां कांटे का मुकाबला रहा। यहां 49.9 पर्सेंट लोगों ने स्वतंत्र स्कॉटलैंड के पक्ष में मतदान किया तो 50.1 पर्सेंट लोगों ने ब्रिटेन के साथ रहने के पक्ष में।
लोगों में बेचैनी
पोल के बंद होते ही स्कॉटलैंड के लोगों में एक अजीब सी बेचैनी देखी गई। कई स्कॉट्स सारी रात अपने घरों में, या फिर बार में जागकर रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे।
वहीं कई जगहों पर वोटिंग टाइम से काफी पहले से ही, जो कि सुबह के 7 बजे का था, लंबी लाइनें लग चुकी थीं।
इस चुनाव में तकरीबन 42 लाख लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें से 97 प्रतिशत मत वैध पाए गए। वोट करने की न्यूनतम उम्र सीमा 16 साल थी।












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