SCO Meet: गोवा में जयशंकर और बिलावल की 'सीक्रेट' मुलाकात, चीन-रूसी विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें
गोवा में विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जुलाई महीने में एससीओ शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें एससीओ देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत का दौरा करेंगे। शहबाज शरीफ के भी भारत आने की संभावना है।

SCO Meet In Goa: दो महीने पहले भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री किन गैंग की पहली मुलाकात हुई थी और अब दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच की दूसरी मुलाकात गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (SC0) की बैठक के दौरान हुई है।
आज एससीओ की बैठक का दूसरा और प्रमुख दिन और बैठक के पहले दिन एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों के बीच अलग अलग द्विपक्षीय बैठकें की गईं और इस दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री किन गैंग और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय बैठकें की हैं।
चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात
चीन के विदेश मंत्री किन गैंग के साथ हुई बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, कि बैठक का फोकस "बकाया मुद्दों को हल करने" और "सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करने" पर था। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई यह बैठक वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध को देखते हुए काफी महत्व रखती है, जो ठीक तीन साल पहले शुरू हुआ था।
जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात की और उनके बीच "द्विपक्षीय, वैश्विक और बहुपक्षीय सहयोग" की "व्यापक समीक्षा" को लेकर बातचीत की गई।
ये बैठकें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) देशों के विदेश मंत्रियों की शुक्रवार की बैठक से पहले हुई हैं।
आपको बता दें, कि चीन के विदेश मंत्री किन गैंग की गोवा पहुंचने पर विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव, चीन, जापान और कोरिया के प्रभारी अधिकारी, शिल्पक अंबुले ने गोवा हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की।
जयशंकर ने ट्विटर पर कहा, कि "चीन के स्टेट काउंसिलर और विदेश मंत्री किन गैंग के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा हुई। बकाया मुद्दों को हल करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करने पर हमारा ध्यान केंद्रित है। एससीओ, जी20 और ब्रिक्स को लेकर भी हमारी चर्चा हुई है।"
मार्च में हुई बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्री ने कहा था, कि "हमारी बातचीत का ज्यादातर हिस्सा मौजूदा हालातों पर था, जो फिलहाल 'असामान्य' है"। उन्होंने कहा कि, "असामान्य, ये वो विशेषण है, जिनका मैंने बैठक में इस्तेमाल किया।" हालांकि, कल हुई इस बैठक के दौरान ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया।
रूसी विदेश मंत्री के साथ बैठक
शंघाई सहयोग संगठन की बैठक शुरू होने से पहले भारत और रूस के विदेश मंत्रियों के बीच भी बैठक की गई और लावरोव से मुलाकात के बाद जयशंकर ने कहा, कि 'रूस के एफएम सर्गेई लावरोव के साथ हमने द्विपक्षीय, वैश्विक और बहुपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा। हम भारत की एससीओ अध्यक्षता के लिए रूस के समर्थन की सराहना करते हैं। जी20 और ब्रिक्स से जुड़े मुद्दों पर भी हमारे बीच चर्चा हुई है।"
वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर विश्वास आधारित बातचीत और विचारों का आदान-प्रदान किया गया है। जिसमें भविष्य में होने वाली बैठकों को लेकर चार्ट तैयार करने के अलावा वैश्विक और क्षेत्रीय एजेंडों पर आधिरित समसामयिक मुद्दों पर बातचीत हुई है"। मंत्रालय ने आगे कहा, कि "मंत्रियों ने हमारे देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की गतिशीलता की प्रशंसा की।"
बिलावल-जयशंकर में 'गुप्त' मुलाकात
वहीं, सूत्रों के हवाले से इंडिया टूडे टीवी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के बीच भी मुलाकात की गई है। हालांकि, इन नेताओं ने अभी तक सार्वजनिक तौर पर कोई फोटो नहीं खिंचवाई है।
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सूत्रों ने इंडिया टुडे टीवी को बताया, कि विदेश मंत्री एस जयशंकर और बिलावल भुट्टो जरदारी ने शंघाई सहयोग संगठन के दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन रात्रि भोज के समय मुलाकात की और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और एक दूसरे का अभिवादन किया।
बिलावल भुट्टो विदेश मंत्रियों की एससीओ परिषद की बैठक में भाग लेने के लिए कल दोपहर गोवा पहुंचे थे और आज एससीओ बैठक की मुख्य चर्चा होनी है। 2011 में हिना रब्बानी खार के भारत के पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से मुलाकात के बाद से पाकिस्तानी विदेश मंत्री की यह पहली भारत यात्रा है। हिना रब्बानी खार वर्तमान में पाकिस्तान के विदेश राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।












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