तीसरे विश्वयुद्ध की तैयारी में जुटा ड्रैगन? रेगिस्तान में बनाए यूएस एयरक्राफ्ट कैरियर और युद्धपोतों के मॉडल
सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि, रेगिस्तान में चीन की तरफ से यूएस एयरक्राफ्ट कैरियर का मॉडल बनाकर टार्गेट हिट करने का युद्धाभ्यास किया जा रहा है।
वॉशिंगटन, नवंबर 08: क्या चीन तीसरे विश्व युद्ध की तैयारियों में जुटा हुआ है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि, चीन ने अपने उत्तर-पश्चिमी रेगिस्तान में अमेरिकी हथियारों के मॉडल बनाए हुए हैं। जिसके बाद आशंका इस बात को लेकर जताई जा रही है, कि क्या चीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और दूसरे विध्वंसक हथियारों को रोकने या उन्हें फेल करने के लिए रणनीति तैयार कर रहा है?

तकलामाकन रेगिस्तान में साजिश?
रिपोर्ट के मुताबिक, तकलामाकन रेगिस्तान में चीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और दूसरे युद्धपोतों का मॉडल बनाकर सैन्य हमले का युद्धाभ्यास कर रहा है। जिसके बाद आशंका जताई जा रही है कि, कहीं चीन भविष्य के नौसैनिक संघर्ष की तैयारी युद्धाभ्यास के जरिए तो नहीं कर रहा है। चीन ने हाल के वर्षों में अपनी सेना को बड़े पैमाने पर उन्नत किया है, और इसकी क्षमता और इरादे संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ ही हैं। क्योंकि दक्षिण चीन सागर, ताइवान और इंडो-पैसिफिक में चीन और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव चरम पर पहुंच चुका है। वहीं, सैटेलाइट तस्वीरों में पता चला है कि, एयरक्राफ्ट कैरियर अमेरिका के फोर्ड क्लास का है, जबकि चीन ने रेगिस्तान में अमेरिकी युद्धपोत आर्ले बर्क का मॉडल तैयार किया है।

सैटेलाइट तस्वीरों से खुली पोल
अमेरिका के कोलोराडो स्थित सैटेलाइट इमेजरी कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा रविवार को ली गई तस्वीरों में चीन के इस नये खुराफात का पोल खुला है। जिसमें दिख रहा है कि, रेगिस्तान में एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर का मॉडल बनाया गया है और दूसरे अमेरिकी युद्धपोतों का मॉडल बना हुआ है। चीन ने जिस जगह पर अमेरिकी युद्धपोतों का डिजाइन तैयार किया है, सैटेलाइट कंपनी मैक्सार ने उसकी पहचान रूओकियांग के तौर पर की है, जो जो उत्तर-पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र में स्थिति ताकलामाकन रेगिस्तान का एक हिस्सा है। इंडिपेंडेंट यूएस नेवल इंस्टीट्यूट ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि, अमेरिकी जहाजों का मॉक-अप चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने तैयार किया है और वो अमेरिकी जहाजों को मार गिराने का युद्धाभ्यास कर रही है।

चीन ने जानकारी होने से किया इनकार
वहीं, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन से जब सोमवार को अमेरिकी एयरक्राफ्ट के चीनी रेगिस्तान में बनाए गये मॉडल के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने घटना की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया। चीनी विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि, "मुझे आपके द्वारा बताई गई स्थिति के बारे में पता नहीं है।" दूसरी तरफ रिपोर्ट है कि, माना यही जा रहा है कि, चीन बहुत बड़े स्तर पर अमेरिका और विश्व की दूसरे देशों की नौसेना को हराने के लिए प्लानिंग कर रहा है। जिसमें जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च की जाने वाली मिसाइल के साथ साथ जहाजों को तबाह करने वाले मिसाइल भी शामिल हैं। इसके साथ ही पनडुब्बियों को डुबाने वाले मिसाइलों का निर्माण भी चीन की तरफ से किया गया है।

सैन्य संघर्ष की संभावना काफी तेज
मैक्सार द्वारा जारी की गई तस्वीरें दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सैन्य संघर्ष की संभावना पर बढ़ती चिंताओं को और ज्यादा बढ़ा रहा है और दोनों देशों के बीच डिप्लोमेटिक संबंध भी काफी खराब चल रहे हैं। खासकर ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन लगातार आमने सामने है। चीन पिछले एक महीने में ताइवान में घुसपैठ को काफी बढ़ा चुका है और पेंटागन ने इसी हफ्ते जो रिपोर्ट जारी की है, उसमें साफ तौर पर अमेरिका के लिए चेतावनी का अलार्म बजाया गया है। पेंटागन की रिपोर्ट में साफ-साफ कहा गया है कि, चीन की प्लानिंग पूरी तरह से 2050 तक अमेरिका से काफी ज्यादा आगे निकल जाने की है।

सपाट जमीन पर बने हैं मॉडल
मैक्सार द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों में कहा गया है कि, एक सपाट जमीन पर चीन की सेना पीएलए ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर का मॉडल तैयार किया है। आपको बता दें कि, अमेरिका के पास इस वक्त 11 एयरक्राफ्ट कैरियर हैं, जबकि चीन अभी तक चार एयरक्राफ्ट कैरियर तैयार कर चुका है। वहीं बात भारत की करें, तो भारत अपने दूसरे एयरक्राफ्ट कैरियर का निर्माण कर रहा है। हालांकि, चीन ने जिस एयरक्राफ्ट का मॉडल तैयार किया है, उसमें लड़ाकू विमानों, हथियार सिस्टम या फिर मिसाइलों को तैनात नहीं किया गया है। वहीं एक और तस्वीर में पता चलता है कि, चीन ने अमेरिका के दो विध्वंसक जहाजों के मॉडल भी तैयार किए हैं और तस्वीरों में दिख रहा है कि, इस लक्ष्य को पीएलए दूर से भेदने की कोशिश कर रहा है।

टार्गेट की प्रैक्टिस
मैक्सार की तस्वीरों के आधार पर विश्लेषकों ने खुलासा किया है कि, चीन ने अपने टार्गेट एरिया में एक व्यापार रेल लाइन का भी निर्माण किया है। ये तस्वीरें पिछले महीने 9 अक्टूबर को ली गई थी, जिसमें दिखाई दा रहे हैं कि 6 मीटर चौड़ी रेल लाइन में व्यापक उपकरण के साथ 75 मीटर से ज्यादा लंबा लक्ष्य दिखाई दे रहा है, जिसे भेदने की कोशिश की जा रही है। तस्वीरों से इस बात का भी खुलासा हो रहा है कि, इस रेगिस्तानी इलाके में बैलिस्टिक मिसाइलों का भी परीक्षण करता है।












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