Russian-Ukraine News:'यूक्रेन में रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों को ट्रंप मान्यता दें', पुतिन की मांग होगी पूरी?
Russian-Ukraine News: रूस के प्रमुख दैनिक अखबार कोमर्सेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चाहते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप क्रीमिया के अलावा चार अन्य यूक्रेनी क्षेत्रों - लुहांस्क, डोनेट्स्क, ज़ापोरीज्जिया और खेरसॉन को भी रूस का आधिकारिक हिस्सा मानें।
रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने यह विचार मंगलवार (18 मार्च) को रूस के व्यापारिक नेताओं के साथ एक बंद कमरे की बैठक में रखा। उनका कहना था कि अगर अमेरिका इन चारों क्षेत्रों को रूस का आधिकारिक हिस्सा मान लेता है, तो बदले में रूस यूक्रेनी बंदरगाह शहर ओडेसा और अन्य क्षेत्रों पर दावा नहीं करेगा।

हालांकि, भले ही रूस युद्ध के मैदान में धीरे-धीरे बढ़त बना रहा है, लेकिन वह इन चारों क्षेत्रों पर पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित नहीं कर पाया है।
क्रेमलिन का बयान और पुतिन-ट्रंप बातचीत
19 मार्च, बुधवार को जब पत्रकारों ने इस रिपोर्ट पर सवाल किया, तो क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि मंगलवार को पुतिन और ट्रंप के बीच इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई।
हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि पुतिन ने बैठक के दौरान यूक्रेन युद्ध से जुड़ी कुछ बातें व्यापारिक अभिजात वर्ग (बिजनेस एलीट) के साथ साझा की थीं, लेकिन उन्होंने इस पर अधिक विवरण देने से इनकार कर दिया।
क्या ट्रंप इस मांग को स्वीकार करेंगे?
ट्रंप पहले भी रूस और यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत की वकालत कर चुके हैं। लेकिन अगर वे पुतिन की इस मांग को स्वीकार करते हैं, तो यह अमेरिका और पश्चिमी देशों की वर्तमान नीति के बिल्कुल विपरीत होगा, क्योंकि नाटो और पश्चिमी देश यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन कर रहे हैं।
अमेरिकी प्रशासन पहले ही साफ कर चुका है कि वह रूस के किसी भी अवैध कब्जे को मान्यता नहीं देगा। ऐसे में अगर ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं।
क्या आगे की राह?
- अगर अमेरिका रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों को मान्यता देता है, तो यह यूक्रेन के लिए एक बड़ा झटका होगा, और रूस की स्थिति मजबूत होगी।
- अगर ट्रंप इस मांग को खारिज करते हैं, तो रूस के साथ अमेरिका का टकराव जारी रहेगा और यूक्रेन को पश्चिमी समर्थन मिलता रहेगा।
- पुतिन की यह मांग यह संकेत देती है कि रूस दीर्घकालिक समाधान की ओर बढ़ सकता है, लेकिन अपनी शर्तों पर।
अब सबकी नजरें इस पर हैं कि क्या ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने की स्थिति में रूस-अमेरिका संबंधों में कोई बदलाव आएगा या नहीं।












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