रूसी जासूस की हुई मौत! राष्ट्रपति की 'खास' व्हेल का कैसे पड़ा ह्वाल्डिमिर नाम?
रूस की एक जासूस व्हेल की मौत ने सबको हैरान करके रख दिया है। व्हेल ह्वाल्डिमिर की लाश नार्वे के तट के पास मिली। 13 फीट लंबी और करीब 2700 पाउंट वजनी इस व्हेल को राष्ट्रपति पुतिन के बेहद करीब माना जाता था। हालांकि ये बात और है कि खुलेतौर पर उन्होंने कभी इस बात को स्वीकार नहीं किया।
कैसे पड़ा ह्वाल्डिमिर नाम?
बताते चलें कि इस व्हेल का नाम ह्वाल्डिमिर है, जिसे नॉर्वेजियन शब्द ह्वाल और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नाम के पहले पार्ट व्लादिमीर से लिया गया है। ये व्हेल दूर ठंडे आर्कटिक महासागर में रहती है। हालांकि इस व्हेल को इंसानों के बीच रहने की आदत थी।

हालांकि इसे लेकर एक्सपर्ट मानते हैं कि ऐसा भी हो सकता है कि इसने अपनी जिंदगी का ज्यादातर समय इंसानों की कैद में गुजारा है, इसलिये इसे यहां रहने की आदत हो गई हो।
बताते चलें कि व्हेल की लाश दक्षिण-पश्चिमी सिटी रिसाविका के पास तैरती हुई मिली, जिसके बाद जांच के लिए उसे पास के ही बंदरगाह पर लेकर जाया गया।
व्हेल को पहली बार पांच साल पहले नॉर्वे के पानी में एक हार्नेस से जुड़े गोप्रो कैमरे के साथ देखा गया था जिस पर 'सेंट पीटर्सबर्ग के उपकरण' लिखा हुआ था। इसके बाद ये अफवाह फैल गई थी कि ये स्तनधारी प्राणी एक जासूस भी हो सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा पहले भी हो चुका है।
हालांकि रूसी अधिकारियों की तरफ से इसे लेकर कोई बयान नहीं दिया गया। बताते चलें कि मरीन माइंट नाम का एक संगठन है, जो इस व्हेल की गतिविधियों पर पैनी नजर रखता आया है। नरीन माइंड के ही संस्थापक सेबेस्टियन स्ट्रैंड ने एएफपी समाचार एजेंसी को बताया कि व्हेल की मौत की वजह साफ नहीं है। उसके शरीर पर कोई चोट भी नहीं थी।












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