आज भारत आएंगे राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, एस-400 समेत 20 अहम सौदे होंगे साइन
नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन आज से दो दिन के भारत दौरे पर राजधानी दिल्ली पहुंचेंगे। पुतिन यहां पर 19वें भारत-रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। शुक्रवार को पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। पुतिन के इस भारत दौरे पर रक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष और अर्थव्यवस्था से जुड़े 20 सौदों पर हस्ताक्षर होंगे। इंडियन एक्सप्रेस की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। इसके अलावा सबकी नजरें भारत और रूस के बीच होने वाली एस-400 एयर एंड मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डील पर टिकी हैं। पांच बिलियन डॉलर की इस डील के साइन होने के बाद भारत पर अमेरिका की तरफ से प्रतिबंधों की संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी।

ज्वॉइन्ट एक्सरसाइज का होगा ऐलान
पुतिन के इस भारत दौरे पर दोनों देशों के बीच काउंटर-टेररिज्म एक्सरसाइज इंद्रा-2018 का ऐलान होगा। यह ज्वॉइन्ट एक्सरसाइज 18 नवंबर से शुरू होकर 28 नवंबर को खत्म होगी। विदेश नीति मामलों में पुतिन के सलाहकार यूरी उषाकोव ने इस बात की पुष्टि की है कि राष्ट्रपति की देखरेख में एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की डील साइन होगी। रूस की सरकार की तरफ से पहला मौका है जब इस डील को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि की गई। साल 2012 में उषाकोव को पुतिन का सलाहकार नियुक्त किया गया था। वह साल 1998 में रूसी राजदूत के तौर पर अमेरिका पहुंचे और 10 वर्षों तक उनकी राजदूत के तौर पर वॉशिंगटन में तैनात रहे।

नजरें टिकी एस-400 की डील पर
अमेरिका और रूस के बीच इस समय तनातनी जारी है और इस तनातनी की वजह से ही एस-400 डील पर सबकी नजरें टिकी हैं। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह अपने साथियों पर प्रतिबंध लगा सकता है अगर उन्होंने रूस के साथ किसी भी तरह का कोई रक्षा सौदा किया। उषाकोव ने मॉस्को में मीडिया से बात करते हुए इस बात की जानकारी दी थी कि भारत और रूस के बीच 20 से ज्यादा सौदों पर साइन होंगे। शुक्रवार को पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन एक ज्वॉइन्ट स्टेटमेंट जारी करेंगे।

चीन पर लगे मिलिट्री डील की वजह से प्रतिबंध
एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की डील पांच बिलियन डॉलर की डील होने वाली है। डील साइन होने से पहले अमेरिका की तरफ से अप्रत्यक्ष तौर पर नई दिल्ली को प्रतिबंधों की धमकी दी गई है। अमेरिका ने बुधवार को अपने साथियों से अपील की है कि वे रूस के साथ होने वाले व्यापारिक संबंधों से बचें। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो फिर उन पर अमेरिकी प्रतिबंधों का खतरा बढ़ सकता है। पिछले माह ही अमेरिका ने काट्सा यानी काउंटरिंग अमेरिकाज एडवरसरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट के तहत प्रतिबंध लागू करने का नया नियम इसमें जोड़ा है। अगस्त में आए इस नियम के तहत ही व्हाइट हाउस की ओर से चीन पर रशियन मिसाइल डिफेंस और फाइटर जेट्स खरीदने के बाद प्रतिबंध लगाए गए हैं।












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