भारत से विवाद के बीच पुतिन ने ट्रूडो को बताया बेवकूफ! कहा- उन्हें कुछ नहीं पता, वह स्कूल नहीं गया
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वेटरन नाजी फौजी का संसद में सम्मान करने को लेकर कनाडा की आलोचना की है। गुरुवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को खूब खड़ी-खोटी सुनाते हुए उनके इस कदम को घिनौना करार दिया।
दरअसल बीते महीने 22 सितंबर को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कनाडा की संसद में भाषण दिया था। इसके तुरंत बाद दूसरे विश्व युद्ध में रूस के खिलाफ लड़ने वाले 98 साल के यारोस्लाव हुंका का सम्मान किया गया।

इस दौरान कनाडाई सांसदों और जेलेंस्की ने मुट्ठी बंधे हाथ को उठाकर खड़े होकर हुंका को सम्मानित किया। इस अवसर पर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भी संसद में मौजूद थे।
इस घटना के कुछ ही देर बार हुंका के बारे में खुलासा हुआ कि वे हिटलर की सेना में थे और नाजियों की तरफ से दूसरे विश्व युद्ध में लड़े थे। इस खुलासे के बाद पूरी दुनिया में ट्रूडो सरकार की आलोचना हुई और एक बार फिर से कनाडा को अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।
इस विवाद पर अब जाकर पुतिन ने अपना मुंह खोला है। नाजी सैनिक को सम्मानित करने मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वल्दाई डिस्कशन क्लब की एक बैठक में कहा, "मान लीजिए कि वह यह नहीं जानते हैं।"
"लेकिन अगर वह नहीं जानते कि हिटलर और उसके गुर्गों ने युद्ध के दौरान रूस के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, तो वह मूर्ख है। इसका मतलब है कि वह स्कूल नहीं गया।"
उन्होंने आगे कहा कि, "अगर संसद के स्पीकर को पता था और फिर भी उस सैनिक को यूक्रेन और कनाडा का हीरो बताया गया तो वो सबसे बड़ा दुष्ट है।''
पुतिन ने आगे कहा कि, यह घिनौना है कि सभी ने नाजी सैनिक की तारीफ की। खासकर यूक्रेन के राष्ट्रपति ने, जिसकी रगों में यहूदी खून है।
पुतिन की इस टिप्पणी को लेकर कनाडा के डिप्टी पीएम क्रिस्टिया फ़्रीलैंड ने कहा कि यह पूर्व स्पीकर की एक भयानक गलती थी लेकिन रूसी राष्ट्ररपति को इसका फायदा नहीं उठाना चाहिए।












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