अमेरिका की सीमा के पास अलास्का तक पहुंचे रूसी बॉम्बर प्लेन, F-16 जेट ने किया इंटरसेप्ट, क्या चाहते हैं पुतिन?
अमेरिका के बयान में कहा गया है, कि संयुक्त राज्य अमेरिका भी अक्सर निगरानी अभियान चलाता है, लेकिन वो अन्य देशों के हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं करता है।

Russian bombers near Alaska: यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए अगले हफ्ते एक साल हो जाएंगे और इस बीच अमेरिका ने दावा किया है, कि रूसी बॉम्बर जहाज अलास्का की सीमा पर देखे गये हैं, जिसे अमेरिकी फाइटर जेट एफ-22 ने इंटरसेप्ट किया है। उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (एनओआरएडी) ने एक बयान जारी करते हुए कहा है, कि उसने कई रूसी सामरिक बमवर्षकों और लड़ाकू विमानों को अलास्का के पास अंतर्राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ान भरते हुए रोक दिया है।

अलास्का में क्या करने पहुंचे रूसी बमवर्षक
एनओआरएडी ने अपने बयान में कहा है, कि उत्तर अमेरिकी वायु रक्षा बलों ने अलास्का के पास अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ान भरते हुए रूसी बॉम्बर्स को रोक दिया है। हालांकि, उसने ये भी कहा है, कि इस घटना का यूक्रेन में चल रहे युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है। संयुक्त अमेरिकी-कनाडाई केंद्र ने 14 फरवरी को एक बयान में कहा है, कि विमान, जिसकी पहचान अगले दिन की गई, उसने अमेरिका या कनाडाई हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया और ना ही कोई खतरा पैदा किया है। बयान में कहा गया है, कि रूसी बॉम्बर्स की उड़ानें पिछले कुछ हफ्तों में उत्तरी अमेरिका के ऊपर मंडराने वाले अज्ञात फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स से भी संबंधित नहीं है, जिनके बारे में अभी तक कोई जानकारी अमेरिका के हाथ में नहीं लगी है। आपको बता दें, कि पिछले 15 दिनों में अमेरिका ने एक चीनी जासूसी बैलून के साथ साथ तीन रहस्यमय फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स को मार गिराया है। वहीं, एनओआरएडी ने कहा है, कि अमेरिकी एफ-16 विमानों ने रूसी बमवर्षक विमानों को अलास्का की सीमा के पास रोक दिया।

पुतिन के सैन्य अभियान का है हिस्सा?
अमेरिका के बयान में कहा गया है, कि संयुक्त राज्य अमेरिका भी अक्सर निगरानी अभियान चलाता है, लेकिन वो अन्य देशों के हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं करता है, और ऐसी उड़ानें सैन्य अभियानों का एक सामान्य हिस्सा हैं। वहीं, रूस ने बुधवार को कहा है, कि उसने हाल के दिनों में अलास्का और रूस के बीच बेरिंग सागर सहित अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में कई उड़ानें भरीं हैं। बयान में कहा गया है, कि रूस के दो Tu-95MS रणनीतिक मिसाइल वाहकों ने Su-30 जेट के साथ बेरिंग सागर के ऊपर से उड़ान भरी थी, और इसने नॉर्वे के उत्तर में और रूस के सुदूर पूर्व के पास भी इंटरनेशनल वाटर एरिया के ऊपर इसी तरह की "नियमित" उड़ानें भरी थीं। हालांकि, रूसी बयान में ये नहीं गया है, कि उसके विमान को रोका गया था या नहीं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है, कि "लंबी दूरी के विमानन पायलट नियमित रूप से आर्कटिक, उत्तरी अटलांटिक, काला सागर, बाल्टिक सागर और प्रशांत महासागर के तटस्थ जल पर उड़ान भरते हैं।"
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अलर्ट पर अमेरिकी सुरक्षा बल
आपको बता दें, कि पिछले दिनों लगातार संदिग्ध फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स के दिखने के बाद अमेरिकी वायुसेना लगातार अलर्ट पर हैं और अमेरिकी हवाई सीमा क्षेत्र में कड़ी निगरानी रख रही हैं। वहीं, नीदरलैंड के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार देर रात एक बयान में कहा है, कि उसके दो F-35 लड़ाकू विमानों ने पोलैंड के पास तीन रूसी सैन्य विमानों को घेरा था और फिर उन्हें अपने क्षेत्र से बाहर निकाला था। नाटो के सदस्य देशों ने भी हाल के वर्षों में आर्कटिक में सैन्य अभ्यास बढ़ा दिया है, क्योंकि रूस ने इस क्षेत्र में अपने सैन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार और नवीनीकरण किया है।












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