हजारों महिलाएं विधवा, लाखों लोग बेघर, प्रतिबंधों के जाल में जकड़ा रूस, यूक्रेन युद्ध के 2 साल पूरे...
Ukraine War 2 Years Complete: जब 24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था, तो दुनिया के ज्यादातर एक्सपर्ट्स ने भविष्यवाणी की थी, कि रूसी सेना को राजधानी कीव पर कब्जा करने में ज्यादा से ज्यादा तीन दिन लग सकते हैं।
लेकिन, आज यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए 2 साल पूरे हो रहे हैं और कल से ये युद्ध, तीसरे साल में प्रवेश कर जाएगा। इस बीच यूक्रेन के बड़े हिस्से पर पूरी तरह से रूस का कब्जा हो चुका है औऱ रूसी राष्ट्रपति उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब यूक्रेन को पश्चिमी देशों का समर्थन मिलना बंद होगा और फिर वो यूक्रेन को घुटनों पर ला सकें।

हालांकि, यूरोपीय लोगों के बीच यूक्रेन के लिए समर्थन अभी भी बना हुआ है, लेकिन यूरोपीय संघ के सर्वेक्षण से पता चलता है, कि महज 10 प्रतिशत यूरोपीय लोगों का ही मानना है, कि यूक्रेन इस जंग को जीत स कता है, लिहाजा उनका मानना है, कि युद्ध खत्म करने के लिए किसी अंतिम समझौते पर पहुंचना चाहिए।
हजारों महिलाएं विधवा, बच्चे अनाथ
पिछले दो सालों से लगातार चल रहे युद्ध में हजारों यूक्रेनी महिलाएं विधवा हो चुकी हैं, माता-पिता अपने बच्चों को देखने के लिए तरस गई हैं, स्कूल खाली हैं, किसानों ने काम करना करीब करीब बंद कर दिया है और उनकी जिंदगी बम के बरसते गोलों के बीच 'अब मरे, तब मरे' की तरह चल रही है।
यूक्रेन में शायद ही कोई ऐसा जगह बचा है, जहां पर युद्ध के निशान मौजूद ना हों।
यूक्रेन के कब्रिस्तानों में शवों को दफनाने की ताजा गंध लगातार बहती रहती हैं, ताजी खोदी गई मिट्टी के ढेरों पर अक्सर साधारण लकड़ी के बने क्रॉस, मृतकों की तस्वीरें, चमकीले रंग के फूल और पीले और नीले यूक्रेनी झंडे देखे जा सकते हैं।

यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है, कि जंग के बीच करीब 8 हजार नागरिक और सैनिक रूस की कैद में है, जबकि करीब 3 हजार युद्धबंदियों की रूस के साथ अदलाबदली की गई है, जिनमें ज्यादातर सैनिक हैं।
1- यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी मिशन के आंकड़ों के मुताबिक, 22 फरवरी 2024 तक यूक्रेन में 30,457 नागरिक मारे गए या घायल हुए हैं, जिनमें 587 बच्चों सहित 10,582 नागरिक मारे गए हैं और बाकी घायल हुए हैं। इन आंकड़ों में सीधे तौर पर हथियारों और बमों की चपेट में आकर 9 हजार 241 लोग मारे गये हैं।
2- यूक्रेन में काम करने वाली 'यूएन की मानवीय आवश्यकताएं और प्रतिक्रिया योजना-2024' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल यूक्रेन में 30 लाख बच्चों समेत करीब साढ़े डेढ़ करोड़ो लोगों को गंभीर मानवीय मदद की जरूरत है। 80 प्रतिशत से ज्यादा लोग डिप्रेशन की अवस्था में पहुंच गये हैं। जबकि, करीब 40 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। यूक्रेन में आंतरिक तौर पर विस्थापितों में 58 प्रतिशत महिलाएं हैं।
3- यूक्रेन में युद्ध से पहले गरीबी रेखा से नीचे वाले लोगों की संख्या 5.5 प्रतिशत थी, जबकि अब ये आंकड़ा 24 प्रतिशत को पार कर गया है।
4- UNHCR के आंकड़ों के मुताबिक, यूक्रेन से करीब 59 लाख लोग दूसरे देशों में शरणार्थी बनकर पहुंचे हैं।
5- UNHCR के मुताबिक, आंतरिक तौर पर विस्थापित 67 प्रतिशत लोगों को उम्मीद है, कि वो एक ना एक दिन अपने घरों को जरूर लौटेंगे।
रूस पर 500 अमेरिकी प्रतिबंध
दूसरी तरफ, रूस के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों का सिलसिला लगातार जारी है और अमेरिका की उप-वित्त मंत्री वैली एडेइमो ने गुरुवार को समाचार एजेंसी रॉयटर्स को कहा है, कि अमेरिका ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर कार्रवाई करते हुए 500 से ज्यादा ठिकानों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।
इसके अलावा उन्होंने कहा है, कि अमेरिकी प्रतिबंधों के इस सेट में पश्चिमी देश भी शामिल हैं, जिसमें रूस के सैन्य औद्योगिक केन्द्रों के अलावा, उन देशों की कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए गये हैं, जो रूसी सैन्य ठिकानों को मदद पहुंचाती हैं।
अमेरिका ने फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद ही रूस के खिलाफ हजारों तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे, रूस को इंटरनेशनल ट्रेड सिस्टम से बाहर किया जा चुका है, वहीं रूसी तेल आयात पर भी प्राइस कैप लगाया गया है।
अमेरिका ने रूस के खिलाफ नये प्रतिबंधों का ऐलान उस वक्त किया है, जब बाइडेन प्रशासन अमेरिकी संसद में यूक्रेन के लिए मदद के लिए फंड पास करवाने के लिए संघर्ष कर रहा है।
युद्ध के मैदान में अब ड्रोन वार
यूक्रेन युद्ध में अब दोनों तरफ से ड्रोनों का प्रदर्शन हो रहा है। युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल करने में रूस ने काफी ज्यादा देरी की है और उसका खामियाजा उसे चुकाना पड़ा है। जबकि, यूक्रेन ने ड्रोन और बड़े पैमाने पर तोपखाने के गोलों का इस्तेमाल रूसी बख्तरबंद और पैदल सेना की इकाइयों को नष्ट करने में इस्तेमाल किया है।
छोटे यूक्रेनी ड्रोनों का इस्तेमाल रूसी ठिकानों पर ग्रेनेड गिराने के लिए किया गया है, जिससे खाइयों और गड्ढों में फंसे सैनिकों का मनोबल टूट गया। रूस की जासूसी करने के लिए बड़े पैमाने पर ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है और उसके ठीक बाद रूसी सैन्य ठिकानों पर यूक्रेन में बम गिराए हैं। वहीं, रूसी टैंक और हथियार यूंकी खुले में इस्तेमाल हो रहे हैं, इसलिए उन्हें ट्रैक करना काफी आसान रहा है।

रूस ने अवदीव्का पर कब्जा किया
फरवरी 2024 में, यूक्रेन में रूसी सेना ने कई महीनों के बाद फिर से बड़ी जीत हासिल की और रणनीतिक शहर अवदीव्का पर कब्जा कर लिया। एक रूसी समर्थक ब्लॉगर ने बताया, कि इस प्रयास में 16,000 रूसी सैनिक मारे गए थे हैं। हालांकि, रूस ने आधिकारिक तौर पर इसे नहीं माना है। रूस ने अभी तक नहीं बताया है, कि यूक्रेन में पिछले दो सालों के युद्ध में कितने सैनिक मारे गये हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है, कि रूस और यूक्रेन के बीच का युद्ध कब खत्म होगा, इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है। ये अभी कई साल और चल सकते हैं, अगर यूक्रेन को पश्चिमी देशों की लगातार मदद मिलती रही। हालांकि, इस साल अमेरिका में चुनाव होने वाले हैं और रिपब्लिकन पार्टी यूक्रेन को मिलने वाली मदद का विरोध कर रही है, ऐसे में अगर यूक्रेन की मदद रोक दी जाती है, तो फिर इस युद्ध का अंत नजदीक हो सकता है।












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