खेरसॉन पर कब्जा, कीव में भारी गोलीबारी, युद्ध के 10वें दिन यूक्रेन के प्रमुख शहरों का हाल
कीव, 5 मार्च। शनिवार को यूक्रेन पर रूसी हमले का दसवां दिन है। इस दौरान अमेरिका और नाटो के अधिकारियों ने यह कहते हुए यूक्रेन में अधिक संख्या में नुकसान की चेतावनी जारी की है कि रूस शहरों पर नियंत्रण करने के लिए तेज बमबारी के लिए तैयार है। इस बीच रूस ने नागरिकों को बाहर निकलने के लिए यूक्रेन के दो शहरों में अस्थायी युद्धविराम घोषित किया है। अब तक रूस यूक्रेन के प्रमुख बंदरगाह शहर खेरसॉन पर कब्जा कर चुका है और उसका एक भारी सैन्य काफिला राजधानी कीव से कुछ दूरी पर तैनात है।

खेरसॉन पर रूसी कब्जा
यूक्रेन के दक्षिणी हिस्से में स्थित प्रमुख बंदरगाह शहर पर मॉस्को के विशेष अभियान (पुतिन यूक्रेन पर हमले को यही कह रहे हैं) के आठवें दिन रूसी बलों ने नियंत्रण स्थापित कर लिया था। यूक्रेनी अधिकारियों ने 3 मार्च गुरुवार को स्वीकार किया था कि खेरसॉन शहर पर रूसी सैनिकों का नियंत्रण स्थापित हो गया है। समाचार एजेंसी एएफपी ने इस बारे में सबसे पहले खबर जारी की थी। खेरसॉन एक प्रमुख बंदरगाह शहर है जो काला सागर पर स्थित है। व्यापार के लिहाज से यह बहुत महत्वपूर्ण है।

कीव पर हमला जारी
अब बात यूक्रेन के सबसे प्रमुख शहर और राजधानी कीव की जहां पर बीती रात रूसी बलों का हमला और गोलीबारी जारी रही। करीब तीस लाख की आबादी वाले कीव शहर पर पिछले कई दिनों से हमला जारी है। आने वाले दिनों में रूस अपना नियंत्रण स्थापित करने के लिए अधिक तेज हमला कर सकता है जिसके शहर में अधिक धमाके और लोगों के मारे जाने की आशंका है।
वहीं सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में कीव के उत्तर में 64 किमी लंबा रूस का भारी सैन्य काफिला देखा गया है जो आगे बढ़ रहा है। फिलहाल कीव से 30 किमी की दूरी पर इस काफिले की रफ्तार कम हो गई है। साथ ही यूक्रेन की सीमा के उत्तर में दक्षिणी बेलारूस में अतिरिक्त जमीनी बलों की तैनाती और जमीन पर हमला करने वाली हेलीकॉप्टर इकाइयां देखी गई हैं।

मारियुपोल पर नाकाबंदी
खेरसॉन पर कब्जे के बाद अब रूस ने मारियुपोल और वोल्नोवाक शहरों पर कब्जे की तैयारी कर ली है। मारियुपोल शहर की रूसी बलों ने नाकाबंदी कर ली है। शनिवार को रूस ने नागरिकों को शहर छोड़ने के लिए दोनों जगह पर अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की है। मारियुपोल के मेयर ने एक वीडियो संदेश में कहा है कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के दूसरे सप्ताह में शहर में भीषण लड़ाई छिड़ी हुई थी। शहर को रूसी बलों ने पूरी तरह से बंद कर दिया था। सिटी काउंसिल ने एक बयान जारी कर कहा है कि मारियुपोल में आग लगी है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पीड़ित हैं। हमें एक राष्ट्र के रूप में नष्ट किया जा रहा है। यह यूक्रेन के लोगों का नरसंहार है।"

खारकीव में भारी गोलाबारी
यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर पर नजर रखते हुए, रूसी सेना ने खार्किव पर बमबारी जारी रखी, जिससे भारी नुकसान हुआ, जिससे बिजली की आपूर्ति और पानी में व्यवधान हुआ। 2 मार्च को खार्किव में गोलाबारी में कम से कम 21 लोग मारे गए थे और 112 घायल हो गए थे क्योंकि लगातार बमबारी के बाद इमारतें और स्कूल जर्जर हो गए थे। शुक्रवार रात 34 अन्य नागरिकों की मौत हो गई।
मॉस्को की नजर यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव पर है जहां पर रूसी सेना ने भारी बमबारी की है जिसमें शहर में काफी नुकसान हुआ है। रूसी हमले के चलते शहर में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। 2 मार्च को खारकीव में कम से कम 21 लोग मारे गए थे जबकि 112 घायल हुए थे। शुक्रवार रात को 34 दूसरे नागरिक हमले में मारे गए हैं। लगातार बमबारी के बाद इमारतें और स्कूल जर्जर हो गए हैं।

सूमी में सड़कों पर जंग
सूमी में हालात चिंताजनक हैं क्योंकि यहां सड़कों पर जंग शुरू हो गई है। सूमी की सड़कों पर शनिवार की सुबह भीषण लड़ाई देखी गई। कीव और खारकीव की तरह इस शहर में भी कई भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। जंग में फंसे छात्रों को निकालने के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन गंगा के नाम से विशेष अभियान चलाया है जिसके तहत विशेष निकासी उड़ाने संचालित कर लोगों को वापस लाया जा रहा है।

ओडेसा की तरफ रूसी मार्च
यूक्रेन के प्रमुख बंदरगाह शहर खेरसॉन पर कब्जे के बाद अब रूस की नजर तीसरे सबसे बड़े शहर ओडेसा पर है। खेरसॉन से रूसी जंगी जहाज पर ओडेसा की तरफ बढ़ रहे हैं। अमेरिका ने पहले ही चेतावनी जारी की थी कि रूस ओडेसा पर हमला करने की योजना बना रहा है।












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