बेलारूस बॉर्डर पर कुछ देर में यूक्रेन-रूस की शांति वार्ता, रूसी सेना ने कम की हमले की रफ्तार, बंद होगी जंग?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने स्वीकार किया है कि, उन्हें सकारात्मक नतीजा निकलने का भरोसा नहीं है, लेकिन वो अपने लोगों के लिए एक बार फिर से कोशिश करना चाहते हैं।
कीव/मॉस्को, फरवरी 28: यूक्रेन युद्ध के शुरू होने के बाद पहली बार रूस और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच आधिकारिक बातचीत होने वाली है और सूत्रों ने बताया है कि, यूक्रेन का प्रतिनिधिमंडल रूस के साथ बातचीत करने के लिए बेलारूस पहुंच गया है। 24 फरवरी को रूस द्वारा आक्रमण की शुरूआत करने के बाद से यह पहली वार्ता होने वाली है और युद्ध के बीच एक लड़ाई खत्म होने की एक उम्मीद बंधी है।

बेलारूस बॉर्डर पर ‘शांति वार्ता’
हालांकि, बातचीत को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कोई खास उम्मीद नहीं जताई है, लेकिन विदेश और रक्षा मंत्रालयों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कार्यालय के अधिकारियों सहित एक रूसी प्रतिनिधिमंडल सुबह बेलारूस के गोमेल शहर में पहुंच गया है। रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत का यह घटनाक्रम तब आया है, जब रूस ने पहले यूक्रेन के पड़ोसी देश बेलारूस में एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था और कहा था कि वह गोमेल शहर में यूक्रेन के साथ शांति वार्ता शुरू करने के लिए तैयार है। लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमर ज़ेलेंस्की ने मास्को के प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वह उस देश में शांति वार्ता में शामिल नहीं होंगे, जहां से उनके देश पर मिसाइलें दागी जा रही हैं, जिसके बाद अब बेलारूस के बॉर्डर पर शांति वार्ता का आयोजन किया जा रहा है।
बातचीत सफल होने की कितनी उम्मीद?
यूक्रेन राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के परिणामस्वरूप बेलारूस सीमा पर रूस के साथ बातचीत करने के लिए यूक्रेन सहमत हो गया। इससे पहले दिन में, यूक्रेन के पड़ोसी देश बेलारूस ने अपनी गैर-परमाणु स्थिति को रद्द करते हुए एक संवैधानिक जनमत संग्रह पारित किया है और देश में रूसी परमाणु हथियारों को रखने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि, रूसी परमाणु हथियारों को अपने देश में तैनात करने के लिए बेलारूस ने ये प्रस्ताव पारित किया है। वहीं, यूक्रेनी सेना ने कहा है कि, शांति वार्ता से पहले रूस की सेना ने हमले की स्पीड कम कर दी है।

‘बातचीत से नतीजा निकलने की उम्मीद कम’
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने स्वीकार किया है कि, उन्हें सकारात्मक नतीजा निकलने का भरोसा नहीं है, लेकिन वो अपने लोगों के लिए एक बार फिर से कोशिश करना चाहते हैं। वहीं, बेलारूस में सेना का जंग के लिए तैयार होना भी शांति वार्ता पर विपरीत असर डाल सकता है। वहीं, रविवार शाम यूरोपीय संघ ने पुतिन के शासन के खिलाफ और कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया है और सभी रूसी विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। वहीं, रूस को अंतर्राष्ट्रीय पेमेंट सिस्टम स्विफ्ट से भी बाहर कर दिया गया है।












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