यूक्रेन अपनी धरती पर फोड़ेगा 'Dirty Bomb', जंग के 'चक्रव्यहू' में फंसकर रह जाएगा रूस!
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा के बीच टेलीफोन से बातचीत रूस के डर्टी बम विस्फोट के दावों के बीच आया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Secretary of State Antony J. Blinken) ने मंगलवार को यूक्रेन के अपने समकक्ष दिमित्रो कुलेबा (Foreign Minister Dmytro Kuleba) के साथ वार्ता की। इस दौरान कीव ने रूस से यूक्रेन को बचाने के लिए उसे समर्थन देते रहने का आग्रह किया । दिमित्रो कुलेबा ने बताया कि क्रेमिलिन दुनिया को यह बताना चाहता है कि यूक्रेन रूस के खिलाफ अपने धरती पर डर्टी बम (Ukraine Dirty Bomb)का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।

क्या सही कह रहा है रूस, या फिर बात कुछ और है...
रूस और यूक्रेन के बीच जंग कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। इस बीच रूस ने दावा किया है कि यूक्रेन अपनी जमीन पर एक रेडियोएक्टि बम दागने की तैयारी कर रहा है। ऐसा करके यूक्रेन रूस पर इसकी जिम्मेदारी थोपना चाहता है। वहीं रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने रविवार को यूक्रेन युद्ध में बिगड़ते हालात पर ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस के रक्षा मंत्रियों से चर्चा की और डर्टी बम के खतरे के बारे में चेतावनी दी।

बिना किसी सबूत के कह दिया....
वहीं बिना किसी सबूत के रूसी रक्षा मंत्री ने कहा कि, यूक्रेन एक डर्टी बम के जरिए संघर्ष को बढ़ा सकता है। जानकार बताते हैं कि डर्टी बम परमाणु बम जैसा होता है और इसके फटने से रेडियोएक्टिव कचरा निकलता है। इसका विस्फोट परमाणु बम की तरह विनाशकारी होता है। इससे बड़े पैमाने पर रेडिएशन फैलता है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा के बीच टेलीफोन से बातचीत रूस के डर्टी बम विस्फोट के दावों के बीच आया है। वहीं, रूस के आरोपों पर यूक्रेन ने भी जवाब दिया है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि, अगर कोई यूरोप के इस हिस्से में परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकता है तो वह एक ही देश है।

रूस पर यूक्रेन को संदेह
यूक्रेन ने इशारों-इशारों में रूस पर आरोप लगा दिया। विदेश मंत्री दिमित्री कुलेबा ने कहा कि रूस जितना खतरनाक है डर्टी बम को लेकर उसका झूठ बिना किसी सिर-पैर के है। यूक्रेन एनपीटी का समर्थक है, वह परमाणु बम नहीं बनाना चाहता है। वहीं, रूस हमेश दूसरों पर उन बातों का आरोप लगाता है, जिसकी तैयारी वे खुद कर रहे होते हैं।

तीन देशों ने रूस के आरोपों को खारिज कर दिया
वहीं, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने अपने संयुक्त बयान में रूस की तरफ से यूक्रेन पर लगाए गए झूठे आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने यह मानने से भी साफ इनकार कर दिया कि यूक्रेन रूस के खिलाफ डर्टी बम का इस्तेमाल करेगा। वहीं, रूस ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुतारेस से कहा कि वह यूक्रेन को अपनी डर्टी बम को रूस के खिलाफ इस्तेमाल करने से रोके। रूस ने अपने लिखे पत्र में कहा कि, वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव से इस जघन्य अपराध को होने देने से रोकने के लिए अपनी शक्ति का इस्तेमाल करने को कहा है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि वसीली नेबेंज्या ने Tass द्वारा दिखाए गए पत्र में कहा कि, रूस कीव शासन द्वारा डर्टी बम के उपयोग को परमाणु आतंकवाद के कार्य के रूप में मानेंगे।

डर्टी बम क्या है?
डर्टी बम को रेडियोएक्टिव तत्वों को फैलाने वाले डिवाइस के तौर पर जाना जाता है। परमाणु हथियारों की तुलना में बेहद सस्ते और कम खतरनाक माने जाते हैं। इसमें डायनामाइट का इस्तेमाल होता है और उसके साथ रेडियोएक्टिव पदार्थ रखे जाते हैं। ये ब्लास्ट होने के बाद चारों तरफ फैल जाते है। रेडियोएक्टिव सामग्री जो डर्टी बम में इस्तेमाल होती है, उसको दवा या उद्योग में इस्तेमाल होने वाले रेडियोएक्टिव स्रोतों या रिसर्च सेंटर से हासिल किया जा सकता है। डर्टी बम से ज्यादा लोगों की मौत होने के बजाय गंभीर बीमारियों हो सकती हैं। इन बमों का मुख्य मकसद एनवायरनमेंट में रेडियोएक्टिव धुएं और धूल को फैलाकर लोगों में घबराहट, भ्रम और चिंता पैदा करना है। बता दें कि, आजतक किसी देश ने डर्टी बम से हमला नहीं किया है।












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