यूक्रेन जंग का भयानक चेहरा! 40 लाख बच्चे गरीबी की मार झेलने को मजबूर, UN रिपोर्ट

यूक्रेन जंग के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट, गरीबी, भुखमरी जैसे परिणाम निकलकर सामने आ रहे हैं। यूएन रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वी यूरोप, मध्य एशियाई देशों में 40 लाख बच्चे गरीबी की मार झेलने को मजबूर हैं।

रूस और यूक्रेन जंग के कारण दुनिया इस वक्त घोर आर्थिक और ऊर्जा संकट से जूझ रही है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र बाल एजेंसी (UNICEF) ने कहा कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण और इसके परिणामस्वरूप आर्थिक गिरावट ने पूर्वी यूरोप और मध्य एशिया में 40 लाख बच्चों को गरीबी four million children in poverty ) में डाल दिया है। यूनिसेफ ने कहा कि यूक्रेन में युद्ध के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट का सबसे ज्यादा बोझ बच्चों पर पड़ रहा है।

यूक्रेन युद्ध ने संकट उत्पन्न किया

यूक्रेन युद्ध ने संकट उत्पन्न किया

संयुक्त राष्ट्र ने इससे पहले भी दुनिया यूक्रेन संघर्ष से उत्पन्न होने वाले खतरों के बारे में कई बार चेतावनी दे चुका है। यूरोप जंग के बाद से ही घोर ऊर्जा संकट की दौर से गुजर रहा है। ब्रिटेन में तो हालात और भी अधिक खराब है। ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने आर्थिक संकट के बीच चेतावनियों के बीच टैक्स में भारी कटौती कर दी थी जिसके परिणामस्वरूप देश की स्थिति लड़खड़ा गई, जिसके बाद उन्होंने यू टर्न लेते हुए अपने फैसले वापस ले लिए। अब खबर है कि, वे अपनी राजनीतिक अस्तित्व के बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। वहीं, यूक्रेन संघर्ष के बीच लाखों बच्चें गरीबी की मार झेलने को मजबूर हो गए हैं।

बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल

बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल

वहीं, यूनिसेफ की रिपोर्ट के चौंकाने वाले खुलासे ने पूर्वी यूरोप और मध्य एशियाई बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यूक्रेन संघर्ष के कारण बढ़ती मुद्रस्फीति ने पूर्वी यूरोप और मध्य एशिया में अतिरिक्त 40 लाख बच्चों को गरीबी में डाल दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, 2021 के बाद से इसमें 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बता दें कि, यूनिसेफ ने 22 देशों के आंकड़ों के अध्ययन से यह निष्कर्ष निकाला है। यूनिसेफ का कहना है कि फरवरी में शुरू हुए यूक्रेन संघर्ष की वजह से रूस और यूक्रेन के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। रूस में यूक्रेन युद्ध के कारण गरीबी में रहने वाले बच्चों की संख्या में कुल वृद्धि का लगभग तीन चौथाई हिस्सा है। अतिरिक्त 2.8 मिलियन बच्चे और भी ज्यादा आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

40 लाख बच्चे हुए गरीब

40 लाख बच्चे हुए गरीब

यूक्रेन पर जंग थोपने की सजा के तहत पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंधों की झड़ी लगा दी थी, जिससे रूस की अर्थव्यवस्था को करारा झटका लगा। इसका प्रभाव रूस और बाहरी क्षेत्रों में भी देखा गया। यूनिसेफ ने बताया कि यूक्रेन के बच्चों की हालत और भी अधिक खराब है। यहां पाच लाख अतिरिक्त बच्चें गरीबी की मार से जूझ रहे हैं। यूरोप और मध्य एशिया के लिए यूनिसेफ के क्षेत्रीय निदेशक अफशान खान ने कहा कि, यूक्रेन जंग ने बच्चों के जीवन को तबाह करके रख दिया है। वहीं, रोमानिया में एक लाख 10 हजार बच्चे गरीबी में जीवन गुजारने को मजबूर हैं।

जंग का भयानक चेहरा, बच्चों का जीवन खतरे में

जंग का भयानक चेहरा, बच्चों का जीवन खतरे में

यूनिसेफ के क्षेत्रीय निदेशक का कहना है कि, अगर हम अभी से बच्चों और परिवारों की देखभाल नहीं करेंगे तो बाल गरीबी में तेजी आएगी। इससे बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। बता दें कि, रूस लगातार यूक्रेन पर हमले कर रहा है। रूस ने आज कीव पर दूसरा बड़ा हमला किया। कीव में रूस के हवाई हमले के बाद सायरन और विस्फोटों की आवाज सुनी गई। शेवचेनक्विस्की इलाके के मेयर विटाली क्लिट्स्को के मुताबिक रूसी ड्रोन हमलों के कारण आवासीय भवनों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के कार्यालय प्रमुख एंड्री यरमक का कहना है कि ये हमले कामिकेज ड्रोन से हमले किए गए। इससे पहले भी रूस ने कीव के कई इलाकों में मिसाइल से कई हमले किए थे।

(Photo Credit : Twitter & PTI)

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+