रूस निभाएगा अपना वादा, जल्द सौंपेगा S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तीसरी खेप, जानें इसकी खासियत

भारत को रूस S-400 मिसाइल सिस्टम का तीसरा रेजीमेंट देने जा रहा है। इसके आते ही भारत की सैन्यशक्ति में और इजाफा हो जाएगा। रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने इसकी पुष्टि की है।

third regiment of S-400 missile systems

File Image: PTI

रूस जल्द ही भारत को S-400 मिसाइल सिस्टम का तीसरा रेजीमेंट सौंपने जा रहा है। इसके आते ही भारत की सैन्यशक्ति में और इजाफा हो जाएगा। रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा है कि रूस जल्द ही भारत को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली एस-400 ट्रायम्फ की तीसरी रेजीमेंट की आपूर्ति पूरी करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अनुबंध के लिए प्रतिबद्ध हैं। रूस पहले ही भारत को दो S-400 मिसाइल सिस्टम की खेप सौंप चुका है।

दिसंबर 2021 में रूस ने की पहली डिलीवरी

रूस ने दिसंबर 2021 में मिसाइल सिस्टम की पहली रेजिमेंट की डिलीवरी शुरू की थी। इसके बाद भारत ने इसे उत्तरी क्षेत्र में चीन के साथ सीमा के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पाकिस्तान के साथ लगी सीमा को कवर करने के लिए तैनात किया था। इसी मिसाइल सिस्टम के लेकर पिछले साल अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने चीन और पाकिस्तान के खिलाफ विशेष परिस्थितियों में इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।

दिल्ली की सुरक्षा में होगा इजाफा

रिपोर्ट के मुताबिक एक रेजीमेंट में आठ लॉन्चर होते हैं। यानी आठ लॉन्चिंग ट्रक। हर ट्रक में चार लॉन्चर लगे होते हैं। हर लांचर से चार मिसाइलें निकलती हैं। कुल मिलाकर एक रेजीमेंट में 32 मिसाइलें होती हैं। यानी एक रेजीमेंट किसी भी समय 32 मिसाइलें दाग सकता है। भारत के पास ऐसे 3 रेजीमेंट होने के बाद देश की राजधानी दिल्ली और सीमाओं की सुरक्षा मजबूत हो जाएगी।

पल भर में दुश्मन को कर देता है ढेर

S-400 मिसाइल सिस्टम का पूरा नाम है - एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम (S-400 Air Defence Missile System) है। यह आसमान से आ रहे हमलावर मिसाइल को पलभर में ढेर कर देता है। यह दुनिया का सबसे सटीक एयर डिफेंस सिस्टम कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इसके सामने दुश्मन के हर हथियार दम तोड़ देते हैं। एशिया में शक्ति का संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसे मिसाइल की जरुरत थी, जो अब पूरी हो चुकी है। इसके जरिए दुश्मन की सीमा के अंदर भी नजर रखी जा सकती है।

हर हवाई हमले से निपटने में सक्षम

यह सिस्टम मिसाइल, एयरक्राफ्ट या फिर ड्रोन से हुए किसी भी तरह के हवाई हमले से निपटने में सक्षम है। S-400 को नाटो द्वारा SA-21 ग्रोवलर लॉन्ग रेंज डिफेंस मिसाइल सिस्टम भी कहा जाता है। यह माइनस 50 डिग्री से लेकर माइनस 70 डिग्री तक तापमान में काम करने में सक्षम है। इस मिसाइल को नष्ट कर पाना दुश्मन के लिए बहुत मुश्किल है। क्योंकि इसकी कोई फिक्स पोजिशन नहीं होती। इसलिए इसे आसानी से डिटेक्ट नहीं किया जा सकता है।

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