USA से 150KM दूर दुश्मन के घर न्यूक्लियर पनडुब्बी लेकर आया रूस, धमाके की धमकी देने वाले पुतिन क्या कह रहे?
Yasen-Class Nuclear Submarine Near America: पिछले हफ्ते रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी देते हुए कहा था, कि अगर अमेरिका हथियारों के साथ यूक्रेन, रूस की जमीन पर हमला करता है, तो ऐसी स्थिति में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना से रूस इनकार नहीं करता है।
विनाशक धमकी देने के सिर्फ एक हफ्ते बाद ही रूस अपना न्यूक्लियर पनडुब्बी लेकर अमेरिका के 'दुश्मन' और वामपंथी पड़ोसी क्यूबा में भेजने जा रहा है और कहा जा रहा है, कि अमेरिका से करीब 150 किलोमीटर की दूरी पर रूसी परमाणु पनडुब्बी मौजूद है।

क्यूबा के रिवॉल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस मिनिस्ट्री ने 6 जून को कहा है, रूसी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी अगले सप्ताह हवाना पहुंच जाएगी। हालांकि, क्यूबा ने ये भी कहा है, कि रूसी परमाणु पनडुब्बी में कोई परमाणु बम नहीं होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी कजान पनडुब्बी के अलावा तीन अन्य रूसी नौसैनिक जहाज, मिसाइल फ्रिगेट एडमिरल गोर्शकोव, एक तेल टैंकर भी क्यूबा पहुंचने वाला है।
इससे पहले, अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 5 जून को मीडिया के सामने माना था, कि रूस का इरादा कैरेबियन समुद्र में युद्धक जहाजों को भेजने वाला है, जिसमें क्यूबा और वेनेजुएला में भी रूसी जहाज रूकेंगे और संभवत: युद्धाभ्यास करेंगे।
अमेरिका ने कहा है, कि वो रूसी पनडुब्बी और जहाजों का काफी करीब से निगरानी करेगी और इस बात को जानने की कोशिश करेगी, कि क्या रूसी पनडुब्बी या जहाजों से अमेरिका को कोई खतरा तो नहीं है। इस दौरान अमेरिकी नौसेना भी युद्धाभ्यास से स्थल के पास मौजूद होकर करीब से निगरानी करने की कोशिश में है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारी ने ये भी माना है, कि रूस की इन गतिविधियों से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है।
लेकिन, रूस ने उस वक्त पनडुब्बी और जहाजों को अमेरिका के इलाके में भेजा है, जब पुतिन ने साफ साफ शब्दों में चेतावनी दी थी, अगर अमेरिका और पश्चिम की ये सोच है, कि यूक्रेन को हथियार देकर वो रूस को नुकसान पहुंचाएंगे, तो ये उनकी भ्रम होगी, क्योंकि ऐसी स्थिति में रूस अपने परमाणु हथियारों की तरफ देखेगा और किसी को रूस की इन बातों को मजाक नहीं मानना चाहिए।
वहीं, रिपोर्ट ये भी है, कि अमेरिका ने भी अपने 20 अन्य नाटो देशों से बाल्टिक सागर में BALTOPS 24, एक महत्वपूर्ण नौसैनिक और विमानन अभ्यास शुरू करने जा रहा है और ये इलाका रूस से काफी करीब है।
रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण शुरू होने से पहले ही दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों में अभ्यास किया था। इसमें 2022 में आर्कटिक की सुरक्षा का अनुकरण करने वाले अभ्यास शामिल थे - जिसमें अमेरिका और अन्य नाटो देशों के हित जुड़े हैं। रूस ने अक्टूबर 2022 में भूमध्य सागर में नौसैनिक अभ्यास भी किया था। वास्तव में, रूस ने 2022 में वेनेजुएला में संयुक्त युद्ध अभ्यास भी किया। और, पिछली सर्दी में रूसी प्रशांत बेड़े ने साइबेरिया और अलास्का के करीब प्रमुख नौसैनिक अभ्यास किए थे।
कैरेबियाई देशों के साथ रूस की दोस्ती
हालांकि कैरिबियन देशों में रूसी सैन्य अभ्यास अमेरिका के लिए कोई बड़ी बात नहीं हो सकती है, लेकिन क्यूबा और वेनेजुएला के बंदरगाहों पर रूसी सबमरीन और युद्धपोतों की तैनाती अमेरिका की दिलचस्पी जगा सकते हैं।
क्यूबा उन कुछ देशों में से है, जो यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस के खिलाफ लगने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में शामिल नहीं हुआ है। इसके विपरीत, फरवरी 2022 से दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार हुआ है। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल ने पहले अमेरिकी प्रतिबंधों की आलोचना की थी। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि रूस पिछले साल की दूसरी छमाही से यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए क्यूबा के लोगों की भर्ती कर रहा है।
वहीं, एक और देश जिसने रूस के साथ सहयोग को मजबूत किया है, वह है वेनेजुएला। यह रिश्ता कई सालों से चला आ रहा है और रूस ने पारंपरिक रूप से अमेरिकी हस्तक्षेप की निंदा की है। उदाहरण के लिए, 2019 में, रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा था, कि "हमने वेनेजुएला के घरेलू मामलों में सभी हस्तक्षेपों के खिलाफ चेतावनी दी है, जिसमें वाशिंगटन ने वेनेजुएला के खिलाफ बल का उपयोग भी शामिल है और जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।"












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