रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव आज आएंगे भारत, जानिए रूस को क्यों चाहिए भारत का साथ
रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव आज भारत दौरे पर आ रहे हैं। जानिए क्यों रूस को भारत का साथ चाहिए और दोनों देशों के बीच किन मुद्दों पर बात होगी।
नई दिल्ली: रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव आज भारत दौरे पर आ रहे हैं और चूंकी भारत के लिए रूस सबसे पुराना और बुरे दिनों का दोस्त रहा है, लिहाजा रूस के विदेश मंत्री का भारत दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले महीने अमेरिका के रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने भारत का दौरा किया था और अमेरिका में जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद विश्व की राजनीति लगातार बदल रही है और नये नये समीकरण बन रहे हैं। रूसी विदेशमंत्री का भारत दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनके बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी भारत का दौरा करेंगे। रूस के विदेश मंत्री भारत दौरे के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे।

द्विपक्षीय संबंध पर बात
भारत और रूस के संबंध सालों से बेहद मजबूत रहे हैं। हालांकि, पिछले कुछ सालों में भारत का झुकाव अमेरिका की तरफ हुआ है तो रूस भी चीन की तरफ शिफ्ट हुआ है। इस साल इंडिया-रसिया वार्षिक समिट कार्यक्रम भी होना है, जिसके लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भारत का दौरा करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने रूसी विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव के भारत दौरे से पहले कहा है कि रूसी विदेश मंत्री का भारत दौरा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध को लेकर बेहद महत्वपूर्ण है, जिसमें द्विपक्षीय संबंध, आपकी हितों के अलावा हम इंटरनेशनल मुद्दों पर भी बात करेंगे। वहीं, भारत स्थित रूसी दूतावास ने विदेश मंत्री के दौरे से पहले बयान जारी करते हुए कहा है कि 'दोनों देशों के बीच मौजूदा हालात के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर बात होगी वहीं इस साल भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन को लेकर भी दोनों देश रूप-रेखा तैयार करेंगे। इसके साथ साथ द्विपक्षीय सहयोग, कोरोना के खिलाफ लड़ाई, ग्लोबल एजेंडा, यूनाइटेड नेशंस और ब्रिक्स जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बात होगी'

रूस के लिए भारत स्पेशल दोस्त
रूसी दूतावास ने अपने बयान में कहा है कि 'रूस की विदेश नीति में भारत हमेशा से खास रणनीतिक साझेदार और रणनीतिकार के तौर पर रहा है। और रूसी विदेश मंत्री के इस दौरे के दौरान भी दोनों देश आपसी संबंध को मजबूत करने और दोनों देशों के विकास को ध्यान में रखते हुए एजेंडा तय करेंगे'। रूसी दूतावास ने अपने बयान में कहा है कि इसके अलावा राजनीतिक बातचीत, व्यापार, और अर्थव्यवस्था, मिलिट्री और टेक्नोलॉजी पर भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण बात होगी। हालिया दिनों में रूस और अमेरिका के संबंध काफी ज्यादा तनावपूर्ण बने हैं, ऐसे में दोनों देशों के बीच बदलते वैश्विक हालातों पर भी चर्चा होगी। इसके साथ ही ब्रिक्स, एससीओ, यूनाइटेड नेशंस, क्षेत्रीय हालातों पर भी चर्चा की जाएगी। वहीं, दोनों देशों के बीच अफगानिस्तान मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी।

रूस को भारत की जरूरत
अमेरिका समेत यूरोपीयन यूनियन ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लग रखे हैं, साथ ही रूस की अर्थव्यवस्था भी पिछले कई सालों में खराब रही है, साथ ही मानवाधिकार जैसे मुद्दे पर हालिया दिनों में रूस की काफी आलोचना गई है, ऐसे में रूस को बड़े देशों के समर्थन की जरूरत है। पिछले हफ्ते रूस और चीन के बीच भी कई अहम मसलों पर समझौते हुए हैं। लेकिन, भारत एक लोकतांत्रिक देश है, लिहाजा भारत का साथ रूस के लिए काफी मददगार होगा। रूस और भारत की दोस्ती काफी ज्यादा पुरानी रही है और रूस ने हमेशा भारत की टेक्नोलॉजी और डिफेंस सेक्टर में मदद की है। इस वक्त भी भारत विश्व में सबसे ज्यादा हथियार रूस से ही खरीदता है। ऐसे में रूस चाहता है कि उसे भारत का समर्थन हासिल हो। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और अमेरिका के बीच फिर से शीत युद्ध जैसे हालात बनने वाले हैं ऐसे में रूस किसी भी तरह भारत को अपने साथ रखना चाहता है। रूस चाहता है कि भारत किसी भी तरह से रूस के खिलाफ ना जाए, ऐसे में दोनों देशों के बीच अहम बातचीत होने की उम्मीद है।












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