भारत को गैस सप्लाई में रूस की बड़ी चूक, विकल्पों की तलाश शुरू, जानें क्या है वजह
रूस ने पिछले कुछ महीनों में 31 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें रूसी गैस को यूरोप ले जाने वाली यमल पाइपलाइन के पोलैंड वाले हिस्से के अलावा गैजप्रॉम की जर्मनी की पूर्व इकाई भी शामिल है।
नई दिल्ली/मास्को, 19 जुलाई : रूस तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की कम से कम पांच खेपें भारत भेजने में चूक की है। जानकारी के मुताबिक, मास्को द्वारा भारत को गैस की आपूर्ति करने वाली कंपनियों में से एक पर जवाबी प्रतिबंध लगाए जाने के बाद ऐसा हुआ है। इसके बाद भारत को एलएनजी की कम-से-कम पांच खेपों की आपूर्ति में चूक हुई है। भारत की गैस कंपनी गेल इंडिया लिमिटेड (GAIL) ने रूसी गैस उत्पादक कंपनी गैजप्रॉम (Gazprom) के साथ एक सौदा किया था। यह सौदा गैजप्रॉम की सिंगापुर स्थित इकाई से सालाना 28.5 लाख टन एलएनजी का आयात करने को लेकर था। जून से अब तक गैजप्रॉम इस अनुबंध के तहत एलएनजी की पांच खेपों की आपूर्ति करने में चूक गई है।

क्या है वजह जानें
एलएनजी की आपूर्ति ना कर पाने के लिए गैजप्रॉम ने प्रतिबंधों की वजह से गैस जुटाने में हो रही दिक्कतों का हवाला दिया है। दो सूत्रों ने इस मामले की जानकारी दी।

खेप बाद में भेजा जाएगा
हालांकि, अनुबंध की शर्तों में इसका उल्लेख है कि इस खेप को बाद में भेजा जाएगा। लेकिन रूसी गैस कंपनी ने अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि इन पांच खेपों की गैस कब और किस तरह समायोजित की जाएगी।

विकल्प की तलाश में गेल
सूत्रों के मुताबिक, गैजप्रॉम ने गेल से कहा है कि अब से वह एलएनजी आपूर्ति की बेहतरीन कोशिश करेगी। इस बीच, गेल ने अमेरिका एवं पश्चिम एशिया में अन्य स्रोतों से गैस आपूर्ति के विकल्पों की तलाश शुरू कर दी है।

रूस ने 31 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं
रूस ने पिछले कुछ महीनों में 31 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें रूसी गैस को यूरोप ले जाने वाली यमल पाइपलाइन के पोलैंड वाले हिस्से के अलावा गैजप्रॉम की जर्मनी की पूर्व इकाई भी शामिल है। इन प्रतिबंधों का मकसद स्वीकृत संस्थाओं को रूसी गैस की आपूर्ति में कटौती करना था।












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