रूस में अचानक कोरोना वायरस से बिगड़े हालात, लगातार पांचवें दिन रिकॉर्ड मौतें
रूस में लगातार पांचवें दिन कोरोना वायरस से रिकॉर्ड मौतें, वैक्सीनेशन की सुस्त रफ्तार ने घुटनों पर लाया।
मॉस्को, जुलाई 04: रूस लंबे अर्से तक दावा करता रहा है कि कोरोना वायरस से देश को ज्यादा नुकसान नहीं हो रहा है, लेकिन पिछले एक हफ्ते से अचानक रूस के हालात काफी बिगड़ गये हैं और पिछले पांच दिनों से रूस में कोरोना वायरस की वजह से रिकॉर्ड मौतें दर्ज की गई हैं। कोरोना वायरस से होने वाली मौतों ने शनिवार को लगातार पांचवें दिन भी नया रिकॉर्ड बना दिया और रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक रूस में शनिवार को 697 लोगों की मौत हुई है, जो रूस के लिए एक रिकॉर्ड है।

लगातार पांचवें दिन रिकॉर्ड मौतें
रूसी कोरोनावायरस टास्क फोर्स ने शनिवार को 24 हजार 439 नए मामले दर्ज किए हैं, जो जनवरी के बाद से सबसे ज्यादा है। वहीं, शुक्रवार को करीब साढ़े 23 हजार नये संक्रमित मरीज मिले थे। रूसी विशेषज्ञों का कहना है कि रूस में हालात इससे काफी ज्यादा खराब हैं, लेकिन टेस्टिंग काफी कम होने की वजह से हजारों मामले सामने नहीं आ पा रहे हैं। वहीं, रूस में आरोप लगाया जा रहा है कि वैक्सीनेशन की रफ्तार को कम कर दिया गया है, जिसकी वजह से एक बार फिर से रूस में कोरोना वायरस काफी तेजी से फैलना शुरू हो चुका है।

अभी नहीं लगेगा लॉकडाउन
रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के अधिकारियों ने अभी भी लॉकडाउन के बारे में कोई फैसला नहीं किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने स्वीकार किया कि कई क्षेत्रों में कोरोनवायरस के साथ स्थिति "तनावपूर्ण" बनी हुई है, लेकिन उन्होंने कहा कि "कोई भी लॉकडाउन नहीं चाहता है"। रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर राजधानी मॉस्को है, जहां शनिवार को 7446 मामले दर्ज किए गये हैं, जबकि सेंट पीटर्सबर्ग में 1733 नये मामले दर्ज किए गये हैं। आपको बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बाद भी सेंट पीटर्सबर्ग ने शनिवार को स्पेन और स्विटजरलैंज के बीच यूरो कप 2020 की मेजबानी की थी, जबकि उस दिन शहर में वायरस से 110 लोगों की मौत हो गई थी। कोरोना वायरस की बढ़ती लहर के बाद भी शहर में लोग बिना मास्क के घूमते दिखाई दे रहे हैं।

रूस में वैक्सीनेशन अभियान
रूस को उम्मीद थी कि उसका टीकाकरण अभियान कोरोना वायरस की नई लहर को कम कर देगा, लेकिन धीरे धीरे रूस ने वैक्सीनेशन की रफ्तार को काफी कम कर दिया है। रूस की 14.6 करोड़ की आबादी में से केवल 16 प्रतिशत लोगों को ही वैक्सीन की दोनों खुराक दी गई है। वहीं, जब पिछले एक हफ्ते में कोरोना वायरस ने फिर से तेज रफ्तार पकड़ ली है, तब एक बार फिर से वैक्सीनेशन की रफ्तार को बढ़ाया गया है। मॉस्को में पिछले साल भी सख्त लॉकडाउन नहीं लगाया गया था। उस वक्त कैफे, बार और रेस्तरां में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। वहीं, मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा है कि मॉस्को में करीब 27 लाख लोगों को कम से कम वैक्सीन की एक डोज दी जा चुकी है और हर दिन करीब 60 हजार से 70 हजार लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जा रही है।












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