पुतिन ने अपने सबसे बड़े 'शैतान' जनरल को सौंपी यूक्रेन की कमान, आखिरी जंग की तैयारी में रूस?
पिछले साल अक्टूबर महीने में जनरल सर्गेई सुरोविकिन को पुतिन ने यूक्रेन युद्ध की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन पिछले दिनों मकीवका शहर में यूक्रेनी हमले में 89 रूसी सैनिकों के मारे जाने के बाद उनकी काफी आलोचना हो रही थी।

Valery Gerasimov: यूक्रेन युद्ध के अब एक साल होने वाले हैं और अभी तक रूस इस युद्ध को जीत नहीं पाया है। इस दौरान रूस के दर्जनों कर्नल और बड़े अधिकारी मारे गये हैं। वहीं, पुतिन के कई जनरलों ने यूक्रेन युद्ध को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश की है। लेकिन, रूस को हर मोर्चे पर हार ही मिली है। लेकिन, अब पुतिन ने अपने शीर्ष जनरल को सीधे तौर पर यूक्रेन युद्ध की कमान सौंप दी है, जो युद्ध के मैदान में कई हार मिलने के बाद नये सिरे से युद्ध को जीतने का प्लान बनाएंगे, ताकि युद्ध और लंबा नहीं चले।

वालेरी गेरासिमोव को यूक्रेन की कमान
वालेरी गेरासिमोव रूस से शीर्ष सैन्य अधिकारी होने के साथ साथ राष्ट्रपति पुतिन के सबसे विश्वासपात्र अधिकारियों में से एक हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा है, कि रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू ने जनरल स्टाफ वालेरी गेरासिमोव को सेना के समग्र कमांडर के रूप में नियुक्त कर दिया है। यानि, यूक्रेन युद्ध को कैसे लड़ना है, इसकी पूरी की पूरी जिम्मेदारी वालेरी गेरासिमोव की होगी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रूसी रक्षा मंत्रालय के इस फैसले के बाद वालेरी गेरासिमोव सीधे तौर पर यूक्रेन युद्ध के लिए जिम्मेदार होंगे। लेकिन, पुतिन के इस फैसले के बाद अभी तक यूक्रेन युद्ध का प्रभार संभाल रहे जनरल सर्गेई सुरोविकिन को भी झटका दिया गया है, जिन्हें रूसी मीडिया उनकी क्रूरता के लिए "जनरल आर्मगेडन" के नाम से संबोधित करती है।

यूक्रेन युद्ध होगा और खतरनाक
वालेरी गेरासिमोव, रूसी सेना के प्रमुख हैं और उनके हाथों में यूक्रेन युद्ध की पूरी जिम्मेदारी दिए जाने का मतलब ये है, कि पुतिन अब किसी भी हाल में युद्ध को और लंबा नहीं खींचना चाहते हैं, जिसका मतलब ये हुआ, कि पुतिन के नये जनरल युद्ध में अपनी पूरी ताकत झोंकने वाले हैं, लिहाजा यूक्रेन युद्ध और खतरनाक होने वाला है। रूसी रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, कि "यूक्रेन में चल रहे स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन में लीडरशिप लेवल को बढ़ा दिया गया है, ताकि युद्ध के स्केल को विस्तार दिया जा सके"। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि, "सशस्त्र बलों की विभिन्न शाखाओं के बीच नजदीकी संपर्क को व्यवस्थित करने और उसकी क्वालिटी में सुधार करने की जरूरत है। लिहाजा, रूसी सेना के मैनेजमेंट के प्रभाव को बढ़ाना होगा।" रूसी रक्षा मंत्रालय के बयान से साफ जाहिर हो रहा है, कि युद्ध और भी ज्यादा खतरनाक होने वाला है।

जनरल सर्गेई सुरोविकिन को झटका
जनरल सर्गेई सुरोविकिन को पुतिन ने युद्ध को जिताने की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन वो युद्ध में नाकाम हो गये हैं और सिर्फ तीन महीने बाद ही उन्हें डिमोट कर दिया गया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अब वह दो अन्य जनरलों, ओलेग साल्युकोव और एलेक्सी किम के साथ गेरासिमोव के भी डिप्टी बन गए। आपको बता दें कि, सुरोविकिन ने यूक्रेन युद्ध की कमान संभालने के बाद रूसी सेना ने यूक्रेन के सामान्य इन्फ्रास्ट्रक्चर, जैसे बिजली संयंत्र, गैस संयंत्र जैसे ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने शुरू कर दिए थे, जो रूस की रणनीति में बड़ा बदलावा माना गया, जिससे कई यूक्रेनी शहरों में बिजली ब्लैकआउट और पानी की समस्या शुरू हो गई।

सुरोविकिन पूरे फेल नहीं हुए
अपने थोड़े समय के कार्यकाल के दौरान सुरोविकिन ने यूक्रेन के अंदर रूसी सैनिकों के समन्वय पर काफी ज्यादा ध्यान दिया था और उन्हें अपने सैनिकों पर मजबूत नियंत्रण का श्रेय दिया गया है। लेकिन, उन्होंने नवंबर में खेरसॉन से वापसी की भी घोषणा की थी, जो सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से एक था। जिस पर रूसी सेना ने संघर्ष के दौरान कब्जा कर लिया था। लेकिन, उनके डिमोशन ने संकेत दिया है, कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उनके प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। पिछले साल अक्टूबर महीने में सुरोविकिन को यूक्रेन में रूसी युद्ध का प्रमुख नियुक्त किया गया था, लेकिन पिछले दिनों मकीवका शहर में यूक्रेन के भीषण हमले के बाद उनकी काफी आलोचना हो रही थी, जिसमें एक ही झटके में 89 रूसी मारे गये थे। हालांकि, यूक्रेन का दावा है, कि कम से कम 400 रूसी सैनिक मारे गये थे।
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रूस ने युद्ध में बदला प्लान?
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को स्थित राजनीतिक विश्लेषक दिमित्री ट्रेनिन ने कहा, कि यह कदम "यूक्रेन ऑपरेशन में कमांड को कारगर बनाने" के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि, "गेरासिमोव की नियुक्ति का मतलब है, कि ऑपरेशन का महत्व बढ़ गया है और ऑपरेशन का दायरा, आज जो हम देखते हैं उससे आगे बढ़ सकता है। यह बहुत महत्वपूर्ण है।" उन्होंने कहा कि, "युद्ध के दायरे का विस्तार हो रहा है, ये और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है, और मुझे लगता है, कि यह एक फील्ड कमांडर के स्तर से ऊपर की बात है। यह युद्ध अब रूस के सबसे बड़े सैन्य अधिकारी के हाथों में है"।












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