विवेक रामास्वामी के हिंदू होने पर बवाल करने का प्लान, रॉन डिसेंटिस का मेमो लीक, बढ़ती लोकप्रियता से घबराए
Vivek Ramaswamy News: रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी के बारे में उनके विरोधी रॉन डिसेंटिस का एक मेमो लीक हो गया है, जिससे पता चलता है, कि उनके हिन्दू समुदाय से होने और उनकी जाति को लेकर उनपर हमला बोलने का इरादा है।
विवेक रामास्वामी को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के एक और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रॉन डिसेंटिस, जो फ्लोरिडा के गवर्नर भी हैं, उनके लिए काम करने वाली संस्था पीएसी ने रिसर्च पेपर तैयार किया है, जिसमें विवेक रामास्वामी की हिंदू आस्था और उनकी बार बार होने वाली भारत यात्रा को हाईलाइट किया गया है।
इस रिसर्च में इस बात को हाईलाइट किया गया है, कि विवेक रामास्वामी अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए अकसर भारत की यात्रा करते रहते हैं।

विवेक रामास्वानी की जाति पर रिसर्च
विवेक रामास्वामी को लेकर जो रिसर्च किया गया है, उसके पहले पैराग्राफ में, विवेक रामास्वानी ने अतीत में जो विरासत टैक्स का समर्थन किया था, उसकी बातें लिखी गई हैं। जिसको आधार बनाकर उनके भारतीय प्रवासियों के बेटे के रूप में उनके हिन्दू धर्म, हिंदू रीति-रिवाज से उनकी परवरिश के बीच में एक संबंध बनाने की कोशिश की गई है।
दस्तावेज़ में कहा गया है, "रामास्वामी, जो एक हिंदू हैं, वो अकसर अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए भारत की यात्रा करते रहते हैं, लिहाजा वो भारत की जाति व्यवस्था में पूरी तरह से घुल मिल गये हैं, और अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए योग्यता को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए, एक तंत्र के रूप में इसका समर्थन करता है कि हर कोई एक समान खेल मैदान पर शुरुआत करे।"
आपको बता दें, कि विवेक रामास्वामी अभी तक एकमात्र उम्मीदवार हैं, जिन्होंने मंच पर आकर रॉन डिसेंटिस से बहस की है और विवेक रामास्वामी एकमात्र ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनको लेकर जो भी दस्तावेज एक्सिओम स्ट्रैटेजीज़ वेबसाइट पर पोस्ट किए गये हैं, उनमें उनकी राष्ट्रीय पहचान और धार्मिक पहचान का जिक्र किया गया है।
यानि, विवेक रामास्वामी के भारतीय और हिन्दू होने को मुद्दा बनाया जा रहा है।
अमेरिकी राजनीति का इतिहास रहा है, कि अगर किसी भी उम्मीदवार की जाति या फिर उसके धर्म को इस तरह से दस्तावेजों में दिखाया जाता है, तो इसका मतलब यह दर्शाना होता है, कि वो उम्मीदवार, बाकी अन्य अमेरिकियों से अलग है।
विवेक की जाति पर क्यों आई बात?
दस्तावेजों से पता चलता है, कि डिसेंटिस के सहयोगी विवेक रामास्वामी को एक खतरे के रूप में देखते हैं क्योंकि, फ्लोरिडा के गवर्नर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बाद दूसरे स्थान पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
विवेक रामास्वामी अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले लगातार लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं, लिहाजा वो डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी खतरा बनने लगे हैं। अमेरिकी मीडिया के कई लेखों में उनकी तुलना बराक ओबामा से की गई है।
आयोवा कॉकस ने छह महीने पहले जो सर्वेक्षण करवाया था, उसमें चौंकाने वाले आंकड़े देखने को मिले थे। सर्वे में पता चला था, कि अमेरिका के कई प्रांतों में विवेक रामास्वामी ने रॉन डिसेंटिस को पीछे छोड़ दिया है, लिहाजा रॉन डिसेंटिस अब किसी भी तरह से विवेक को अपने रास्ते से बाहर हटाना चाह रहे हैं।
इसके अलावा, रॉन डिसेंटिस की चुनावी कैम्पेन टीम है, वो उन्हें सलाह दे रही है, कि वो अब मीडिया में बयान देते समय विवेक रामास्वामीको 'नकली विवेक' या फिर 'विवेद द फेक' कहकर संबोधित करें। ये वो रणनीति है, जिसका इस्तेमाल डोनाल्ड ट्रंप ने अपने विरोधियों के खिलाफ धड़ल्ले से किया था और उन्होंने विरोधियों को नीचा दिखाने के लिए उनके नामों को खराब करना शुरू कर दिया था।
इस बात का पहले से ही अंदाजा लगाया जा रहा था, कि विवेक रामास्वामी के भारतीय पहचान और उनका हिंदू होना, अमेरिका के नेताओं को पसंद नहीं आएगा। यहां यह ध्यान देना जरूरी है, कि ये वो वही अमेरिका है, जो बार बार भारत को मानवाधिकार और भेदभाव पर ज्ञान देने की कोशिश करता रहता है।












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