पीएम ऋषि सुनक पूरे देश से माफी क्यों मांग रहे? कहा- कोविड से लोगों की मौत पर है 'गहरा दुख'
ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक ने सोमवार को उन परिवारों से माफी मांगी, जिन्होंने कोविड -19 महामारी में अपने प्रियजनों को खो दिया था। इस के साथ ही उन्होंने इस सप्ताह शुरू हुई सार्वजनिक जांच में अपनी ओर से सबूत पेश किए। इसे अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने की उनके रवांडा प्लान पर संसद में होने वाले मतदान में संभावित विद्रोह को रोकने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
ब्रिटिश भारतीय नेता ने कहा कि उन्हें जान गंवाने का "गहरा दुख" है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह साफ दिल से कोविड जांच के लिए अपने सबूत देना चाहते हैं। ताकि इससे सबक लिया जा सके। सुनक कोरोना महामारी के दौरान 2020-21 में वित्त मंत्री के पद पर थे।

सुनक ने कहा, मैं सिर्फ यह कहते हुए शुरुआत करना चाहता हूं कि मुझे उन सभी के लिए कितना खेद है जिन्होंने महामारी के दौरान अपने प्रियजनों, परिवार के सदस्यों को खो दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें उन लोगों के लिए अफसोस है जिन्होंने कोरोना महामारी के दौरान उठाए गए कदमों के कारण विभिन्न वजहों से पीड़ित होना पड़ा।
तत्कालीन वित्त मंत्री सुनक ने तब कई बिंदुओं पर तत्कालीन प्रधानमंत्री के रूप में बोरिस जॉनसन के निर्णय लेने के दबाव का भी बचाव किया था। सुनक ने कहा कि पहली कोविड लॉकडाउन अवधि के पीक के दौरान वह अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति से भी अधिक अपने पूर्व 'बॉस' से मिलते थे।
इस दौरान ऋषि सुनक ने अपनी बहुचर्चित 'ईट आउट टू हेल्प आउट' योजना का भी मजबूती से बचाव किया जो अगस्त 2020 में ब्रिटेन के आतिथ्य उद्योग को बढ़ावा देने और इस सेक्टर में नौकरियां बचाने के लिए उनकी ओर से शुरू की गई थी।
इस योजना में सोमवार, मंगलवार और बुधवार को पब और रेस्तरां में भोजन करने वाले लोगों को भारी छूट मिलती थी। उस समय ब्रिटेन कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा था। तब उनके इस योजना को लेकर उनकी भारी आलोचना हुई थी।












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