सिंगापुर में लिटिल इंडिया में इंडियन की मौत के बाद भड़की हिंसा

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के पांच वाहनों और कई निजी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा एक एम्बुलेंस में भी आग लगा दी। दंगे में 10 पुलिस अधिकारी भी घायल हो गए। सिंगापुर में पिछले चार दशकों में इस तरह की घटना नहीं हुई थी। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में 27 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि दंगे के दौरान उसकी तरफ से कोई गोलीबारी नहीं की गई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने सोमवार को कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है।
ली ने फेसबुक के अपने पृष्ठ पर लिखा है कि जो कुछ घटित हुआ उससे दंगा भड़कना स्वाभाविक है। लेकिन इस तरह हिंसक, विध्वंसात्मक और आपराधिक कृत्य करने वालों को माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि हम दोषियों की पहचान करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे और उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा करेंगे। उप प्रधानमंत्री एवं आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री तियो ची हियन ने कहा कि सरकार ऐसे गैर कानूनी आचरण को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और इस घटना से संबंधित अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।












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