Rice Export Ban: भारत ने चावल भेजना बंद किया तो मचा दुनिया में हाहाकार, अब IMF ने भारत से की ये अपील
भारत सरकार ने गुरुवार को एक सरकारी नोटिस जारी कर गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया। केंद्र सरकार ने ऐसा कदम घरेलू बाजार में चावल की आपूर्ति को बेहतर रखने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उठाया।
भारत सरकार के इस फैसले से पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया है। अमेरिका समेत दुनिया कई देशों में चावल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। ऐसे में अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ ने भारत से पाबंदी हटाने की अपील की है।

आईएमएफ ने कहा है कि वह भारत को चावल की एक निश्चित श्रेणी के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने के लिए 'प्रोत्साहित' करेगा क्योंकि इससे वैश्विक मुद्रास्फीति पर असर पड़ सकता है।
आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवर गौरींचास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा मौजूदा स्थिति में इस प्रकार के प्रतिबंधों से बाकी दुनिया में खाद्य कीमतों में अस्थिरता पैदा हो सकती है। इसकी देखादेखी बाकी देश भी कोई जवाबी कदम उठा सकते हैं।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, 'इसलिए हम भारत को निर्यात पर इस प्रकार से प्रतिबंध हटाने के लिए निश्चित ही प्रोत्साहित करेंगे, क्योंकि इनसे दुनिया पर हानिकारक असर पड़ सकता है।'
भारत ने गैर-बासमती किस्म के सफेद चावल के एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगाई है। खाद्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि सरकार ने उसना चावल और बासमती चावल की निर्यात नीति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
कुल निर्यात में दोनों किस्मों के चावल का हिस्सा बड़ा है। देश से निर्यात होने वाले कुल चावल में गैर-बासमती सफेद चावल की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत है। भारत से गैर-बासमती सफेद चावल मुख्य रूप से अमेरिका के अलावा थाईलैंड, इटली, स्पेन, श्रीलंका में निर्यात होता है।
भारत में गैर बासमती चावल के निर्यात पर बैन लगाए जाने के बाद अमेरिका में मॉल और राशन की दुकानों पर लंबी लाइनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। आने वाले समय में चावल की कमी होने की आशंका में लोग बड़े पैमाने पर खरीद कर ली है।
बिजनेस लाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में भारतीयों द्वारा संचालित किराना दुकानों ने भी मौके का फायदा उठाते हुए चावल की बोरियों की कीमत बढ़ानी शुरू कर दी है। इसमें एक एनआरआई के हवाले से कहा गया है कि चावल के 9 किलोग्राम बैग की कीमत अब 47 डॉलर है, जबकि निर्यात पर प्रतिबंध लगने से पहले यह 15-16 डॉलर पर बिक रही थीं।
बता दें कि भारत से गैर-बासमती सफेद चावल का कुल निर्यात वित्तवर्ष 2022-23 में 42 लाख डॉलर का हुआ था। इससे पिछले वर्ष में निर्यात 26.2 लाख डॉलर का था। भारत सरकार की ओर से जारी बयान में गया था, 'चावल की घरेलू कीमतें बढ़ रही हैं। खुदरा कीमतें एक साल में 11.5 फीसदी और पिछले महीने में 3 फीसदी बढ़ी हैं।'












Click it and Unblock the Notifications