कनाडाई वीजा लेकर US में अवैध घुसने वाले भारतीयों की संख्या में रिकॉर्ड उछाल, बाइडेन सरकार के उड़े होश
Indians illegally enter US: कनाडाई वीजा लेकर अमेरिका में अवैध तरीके से घुसने वाले भारतीयों की संख्या में रिकॉर्ड इजाफा हुआ है और जो आंकड़े सामने आए हैं, उसे देखकर बाइडेन प्रशासन के होश उड़ गये हैं। पता चला है, कि भारी संख्या में भारतीय, कनाडा के रास्ते अमेरिका में घुस रहे हैं।
द इंडियन की रिपोर्ट ने आंकड़ों के आधार पर अपनी रिपोर्ट में बताया है, कि कनाडा से अमेरिका में पैदल आने वाले बिना दस्तावेज वाले भारतीयों की संख्या रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है, कि अकेले जून 2024 में 5,152 बिना दस्तावेज वाले भारतीय अवैध तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए, जो मेक्सिको से आने वाले लोगों की संख्या से ज्यादा है। इस वृद्धि ने कनाडा की वीजा जांच प्रक्रिया और पारगमन को सवालों में घेरे में ला दिया है। वहीं, पता ये भी चला है, कि ये भारतीय इस तरह से यात्रा करते हैं, उन्हें यूके में रूकना पड़ा और इस दौरान वो यूके में शरण लेने की कोशिश करते हैं, जिसने भारतीय यात्रियों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
कनाडा से अमेरिका में भारतीयों की अवैध एंट्री
रिपोर्ट से पता चला है, कि अमेरिका-कनाडा सीमा पर पकड़े जाने वाले भारतीयों की औसत मासिक संख्या 2023 से 47% बढ़ गई है। इसके अलावा, यूके बंदरगाहों पर भारतीय शरणार्थियों की संख्या में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है।
अमेरिका और यूके, दोनों ने कनाडा के सामने अपनी चिंताएं जताईहैं। अमेरिका वीजा प्रक्रियाओं में सख्त जांच की मांग कर रहा है, जबकि यूके का सुझाव है, कि कनाडा जाने वाले सभी भारतीय नागरिकों को स्टॉपओवर के लिए ट्रांजिट वीजा लेना जरूरी करना चाहिए।
पता चला है, कि कनाडा इन गतिविधियों के पीछे के कारकों को समझने और इस मुद्दे को हल करने के लिए अमेरिका और ब्रिटेन के साथ सहयोग को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है। कनाडा में भारतीयों की शरण लेकर रहने के दावों में इजाफा 2017 में शुरू हुई, जो विदेशी छात्रों को आकर्षित करने के लिए कनाडा की वीजा नीति में ढील के साथ मेल खाती है। इस नीति परिवर्तन की वजह से अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई, जिनमें कई भारतीय भी शामिल थे।
कनाडा में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। और इसी का परिणाम है, कि अमेरिका में रहने की चाह रखने वाले कई भारतीय अप्रवासियों ने अपना ध्यान मैक्सिको के बजाय उत्तरी सीमा पार करने पर केंद्रित कर लिया है। यह बदलाव आंशिक रूप से जून में अमेरिकी राष्ट्रपति की उस घोषणा की वजह से, जिसने कुछ गैर-अमेरिकी नागरिकों के लिए प्रवेश को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

आंकड़ों ने बाइडेन प्रशासन के उड़ाए होश
करीब 9,000 किलोमीटर तक फैली, यूएस-कनाडा लाइन दुनिया की सबसे लंबी खुली सीमा है, जो मेक्सिको की सीमा से दोगुनी से भी ज़्यादा लंबी है और संयोग से, चीन के साथ भारत की 3,400 किलोमीटर की सीमा की लंबाई से लगभग तीन गुना ज्यादा है।
यूएस सीबीपी डेटा के मुताबिक, इस साल जनवरी से जून के दौरान कनाडा के साथ यूएस सीमा पर "मुठभेड़ों" (हिरासत में लिए गए, निष्कासित या प्रवेश देने से मना किए गए) में पकड़े गए भारतीयों की औसत मासिक संख्या 2023 में 2,548 से 47% बढ़कर 3,733 हो गई है। और यह आंकड़ा साल 2021 में 282 के मुकाबले 13 गुना ज्यादा है।
ये संख्याएं अमेरिका में कानूनी रूप से बसे भारतीय आबादी के बढ़ते आर्थिक प्रभाव के साथ उनके तरफ से रहने के लिए बताए गये वजहों के विपरीत हैं। उदाहरण के लिए, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के एक हालिया अध्ययन में अनुमान लगाया गया है, कि भारतीय अमेरिकी, अमेरिकी आबादी का सिर्फ 1.5% हिस्सा बनाते हैं, लेकिन अमेरिकी सरकार को जितना इनकम टैक्स मिलता है, उसका 5-6% टैक्स सिर्फ भारतीय देते हैं।
वहीं, अटलांटिक से होकर पार करने वालों से संबंधित डेटा से पता चलता है, कि यूके में "बंदरगाह पर" शरण मांगने वाले भारतीयों की संख्या में 2021 (495) की तुलना में 2022 (1,170) में 136% की वृद्धि देखी गई, जो 2023 (1,319) में और बढ़ गई। इस साल, जून तक 475 शरणार्थियों को पहले ही "बंदरगाह पर" दर्ज किया जा चुका है।
कनाडा, US और UK का क्या कहना है?
अमेरिका में कनाडा से होकर घुसने वाले अवैध भारतीयों को लेकर कनाडा और यूएस, यूके बीच चल रही बातचीत को लेकर इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) के प्रवक्ता ने कहा, कि "IRCC इस समय यूके या यूएस के साथ किसी भी संपर्क के विवरण पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है। कनाडा इन गतिविधियों के पीछे के कारकों और सुविधा नेटवर्क को बेहतर ढंग से समझने के लिए काम कर रहा है, ताकि हम उसके मुताबिक कदम उठा सकें।"
वहीं, यूके गृह मंत्रालय ने कहा है, कि वह इस प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं, ओटावा में अमेरिकी दूतावास ने "आंतरिक कूटनीतिक चर्चा" पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सीबीपी के प्रवक्ता ने कहा, "अमेरिका आव्रजन कानून को लागू करना जारी रखता है, और हमारी सीमाएं उन लोगों के लिए खुली नहीं हैं, जिनके पास देश में प्रवेश करने के लिए कानूनी आधार नहीं है। होमलैंड सुरक्षा विभाग भारतीय नागरिकों को बिना कानूनी आधार के निकाल रहा है, जिसमें चार्टर रिमूवल फ्लाइट्स के रास्ते भी शामिल है।"












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