ऑस्ट्रेलिया में मिली 'एक हाथ' से चलने वाली दुर्लभ मछली, गुलाबी रंग को देख वैज्ञानिक हैरान
ऑस्ट्रेलिया में हाथों से चलने वाली अति दुर्लभ मछली की खोज की गई है। इसके गुलाबी रंग को देख वैज्ञानिक भी हैरान हैं।
तस्मानिया, दिसंबर 25: प्रकृति ने ऐसी ऐसी दुर्लभ चीजें अपनी गोद में छिपा रखी हैं, जिसे देखकर इंसान सिर्फ हैरान हो सकता है और ऑस्ट्रेलिया में ऐसी ही एक दुर्लभ मछली मिली है, जिसे देखने के बाद वैज्ञानिक हैरान रह गये। ऑस्ट्रेलिया में 22 सालों के बाद जाकर दुर्लभ माने जाने वाली और हाथों से चलने वाली मछली मिली है।
Recommended Video

22 सालों बाद मिली दुर्लभ मछली
ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय विज्ञान एजेंसी कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (CSIRO) ने घोषणा की है, कि उसने 22 साल बाद तस्मानियाई तट के पास एक दुर्लभ गुलाबी हैंडफिश देखी है। इस मछली को आखिरी बार 1999 में देखा गया था और अब तक इसे सिर्फ चार बार ही देखा गया है, इसीलिए इस मछली को काफी दुर्लभ मछली कहा जाता है। मछली का नाम उसके छोटे छोटे हाथों की वजह से 'हैंडफिश' दिया गया है।

हाथों से चलती है मछली
हैंडफिश मछली अपने हाथों से चलती है। देखा गया है कि, समुद्र तल पर चलने के दौरान ये मछली अपने हाथों का इस्तेमाल करती है। चूंकि यह जलीय जीव, जो एंगलरफिश परिवार का हिस्सा है, इसे काफी मुश्किल से देखा जाता है और अब तक सिर्फ चार बार ही देखा गया है। पिछली बार 22 साल पहले इसे वैज्ञानिकों ने देखा था और फिर वैज्ञानिकों को लगने लगा कि, मछली की ये प्रजाति शायद और धरती से विलुप्त हो चुकी और वैज्ञानिकों ने इसे लुप्तप्राय मछली की श्रेणी में रखा था, लेकिन अब 22 सालों के बाद मछली मिली है, जिसे देख वैज्ञानिकों की खुशी का ठिकाना नहीं है।

मछली की हो रही थी खोज
फरवरी में ऑस्ट्रेलियाई समुद्री रिसर्चर ने इस मछली की खोज के लिए मरीन पार्क के समुद्र के अंदर पानी के नीचे के कैमरा लगाया था। मछली को देखने के लिए कई जगहों पर समुद्र के अंदर पानी में कैमरे लगाए गये थे और फिर अब जाकर मछली कैमरे में दिखी है। गुलाबी रंग की दिखने वाली हैंडफिश को देखने के बाद वैज्ञानिकों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पहले वैज्ञानिकों का मानना था कि ये मछली उथली पानी में रहती है, लेकिन तस्मानिया में मिली दुर्लभ हैंडफिश पानी के अंदर करीब 150 मीटर नीचे मिली है।

मछली के मिले लंबे हाथ
वैज्ञानिकों ने समुद्र के अंदर इस मछली को खोजने के लिए जिस कैमरे का इस्तेमाल किया था, वो पानी के अंदर 4 हजार मीटर तक समुद्री जीवों को देख सकता है। कैमरे में दर्ज तस्वीरों के मुताबिक, हैंडफिश मछली के 'लंबे लंबे' हाथ दिखे हैं और ये मछली हाथों के सहारे समुद्र की तलहटी में चलने के अलावा समुद्र की पानी में काफी आसानी से तैरती हुई भी दिखाई दे रही थी। दुर्लभ माने जाने वाली हैंडफिश की खोज करने के बाद यूनिवर्सिटी ऑफ तस्मानिया के प्रोफेसर नेविल्ले बैरेट और उनकी टीम ने कहा कि, उन्होंने मछलियों पर रिसर्च के लिए कैमरा अंदर डाला था, ताकि वो मछलियों की अलग अलग प्रजातियों, जैसे कोरल, झींगा समेत दूसरी प्रजातियों का सर्वेक्षण कर सकें, लेकिन उन्हें ये दुर्लभ मछली दिख गई।
एक हाथ से भी चलती है मछली
दुर्लभ हैंडफिश का खोज करने वाले बैरेट ने कहा कि, वीडियो में ये मछली कुछ देर के लिए दिखाई दे रही है और फिर ये तैरकर कैमरे की रेंज से बाहर हो जा रही है। उन्होंने कहा कि, हमने इस दुर्लभ मछली को अपने कैमरे में कैद करने में कामयाबी हासिल की है और हमने एक हाथ से चलने वाली दुर्लभ गुलाबी मछली की खोज की है। आपको बता दें कि, मरीन पार्क ऑस्ट्रेलिया में समुद्री जीवों पर रिसर्च के लिए बनाया गया है और इसका आकार स्विटजरलैंड से बड़ा है।












Click it and Unblock the Notifications