Ransomware Attack: अमेरिका में एक साथ कई साइबर हमले, पुलिस विभाग की वेबसाइट भी हुई ठप
रैंसमवेयर एक तरह का मैलवेयर है, जो यूजर पर अटैक करके उनके कंप्यूटर पर फाइलों के एक्सेस को रोक देता है। ये उन फाइलों को एन्क्रिप्ट करता है और फिर डिक्रिप्शन की के लिए फिरौती यानी रेंसम यानी फिरौती की मांग करता है।

अमेरिका के डलास में एक साथ कई रैंसमवेयर अटैक किए गए हैं जिससे शहर का कामकाज ठप पड़ गया है। इस साइबर अटैक में सरकारी विभाग की कई वेबसाइट पर हमला किया गया है। इस हमले में जिन कंप्यूटर सर्वरों को इंफेक्ट किया गया है, उनमें पुलिस विभाग की साइट भी शामिल है।
सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साइबर हमले के बाद डलास पुलिस विभाग की वेबसाइट ठप हो गई है। हालांकि अब तक शहर के लोगों को जरूरी सेवाएं देने वाली साइट पर इस अटैक का सीमित प्रभाव है।
शहर के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कई सर्वर रैनसमवेयर के साथ समझौते भी किए गए हैं। फिलहाल अधिकारी अटैक के बाद अधिकारी शहर के कंप्यूटर सिस्टम से मैलवेयर के फैलाने के प्रयास को रोकने के लिए काम कर रहे हैं।
इसके साथ ही अन्य सर्वर को रीस्टोर करने पर भी काम चल रहा है। इस अटैक के बाद डलास के कई सरकारी विभाग के सर्वर भी डाउन हैं। डलास के कोर्ट का भी काम ठप पड़ा है।
आपको बता दें कि रैनसमवेयर एक तरह का मालवेयर है, जो किसी कंप्यूटर में घुसकर उसका एक्सेस हासिल कर लेता है। यह कंप्यूटर में मौजूद सभी फाइल को एन्क्रिप्ट कर देता है और डेटा और एक्सेस वापस देने के एवज में फिरौती यानी कि रैंसम की मांग करता है।
इसलिए इसे रैनसमवेयर नाम दिया गया है। इसे डिजिटल किडनैपिंग भी कहा जा सकता है। जिसके कोई लुटेरा किसी सिस्टम और डेटा को एन्क्रिप्ट कर लेता है और फिर डिक्रिप्शन के बदले रैंसम मांगता है। अपने जरूरी डाटा को हासिल करने के लिए लोग या कंपनी फिरौती देने के लिए तैयार हो जाती है। यही वजह है कि ये खतरा दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है।
आधुनिक रैंसमवेयर की शुरूआत 2017 के वानाक्राई (WannaCry) आउटब्रेक के साथ हुई। इसमें दुनिया भर में बड़े पैमाने पर लोगों को प्रभावित किया। इसके बाद कोरोना महामारी के दौर में रैंसमवेयर अटैक में काफी बढ़ोतरी हुई, क्योंकि उस समय ज्यादातर ऑर्गेनाइजेशन रिमोटली काम करने लगे।












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