परमाणु युद्ध की आशंका से पुतिन ने परिवार को न्यूक्लियर बंकर में छिपाया, रूसी प्रोफेसर का बड़ा दावा
रूस के रहने वाले 61 साल के वैज्ञानिक और प्रोफेसर वालेरी सोलोवी ने कहा कि, पुतिन मे अपने परिवार को जिस सीक्रेट लोकेशन में छिपाया है।
मॉस्को, मार्च 01: दुनिया को युद्ध की आग में झोंक देने वाले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन परमाणु युद्ध की धमकी भी दे चुके हैं और अगर परमाणु युद्ध होता है, तो फिर करोड़ों लोगों की मौत तय है, लेकिन रूस के एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने दावा किया है कि, लाखों लोगों को मौत के मुंह में झोंककर रूसी राष्ट्रपति ने अपने परिवार को बचाने की पूरी उपाय कर रखी है। रूसी प्रोफेसर ने दावा किया है कि, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल के दिनों में साइबेरिया के एक 'भूमिगत शहर' में अपने परिवार के सदस्यों को छुपा दिया है।

रूसी प्रोफेसर का दावा
रूस के रहने वाले 61 साल के वैज्ञानिक और प्रोफेसर वालेरी सोलोवी ने कहा कि, पुतिन मे अपने परिवार को जिस सीक्रेट लोकेशन में छिपाया है, वो लक्जरी हाई-टेक बंकर अल्ताई पर्वत में स्थित है, और परमाणु युद्ध की स्थिति में सुरक्षा के लिए ही उसे खास तौर पर डिजाइन किया गया है। मॉस्को स्टेस इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस यानि एमजीआईएमओ के पूर्व प्रोफेसर वालेरी सोलोवी ने रूसी राष्ट्रपति को यूक्रेन युद्ध के लिए कटघरे में खड़ा किया है और कहा है और आरोप लगाया है कि, व्लादिमीर पुतिन असल में एक 'मानसिक गुप्त रोग' से प्रभावित हैं, जिसके बारे में रूस की जनता को कोई जानकारी नहीं है।

सात घंटे तक हुई पूछताछ
हालांकि, प्रोफेसर वालेरी सोलोवी के दावों को राजधानी मॉल्को में पुतिन समर्थक खारिज कर रहे हैं और उनके आरोपों को झूठा बता रहे हैं, लेकिन पिछले हफ्ते रूसी अधिकारियों ने उनसे करीब घंटे से ज्यादा वक्त तक सख्त पूछताछ की है। वालेरी सोलोवी ने पिछले हफ्ते ही पुतिन को बीमारी से ग्रसित बताया था और अब उन्होंने कहा है कि, 'पुतिन ने अपने परिवार को सीक्रेट ठिकाने पर छिपा दिया है'। रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति पर आरोप लगाने वाले प्रोफेसर के घर की काफी सख्त तलाशी ली गई है और उनके घर में मौजूद तमाम इलेक्ट्रॉनिक सामानों को जब्त कर लिया गया है। हालांकि, सोलोवी को गिरफ्तार करने के बाद फिलहाल रिहा कर दिया गया है, लेकिन ये मामला अभी खत्म नहीं हुआ है।

रूसी हमले के बीच बड़े आरोप
प्रोफेसर वालेरी सोलोवी ने राष्ट्रपति पुतिन को लेकर ये सनसनीखेज दावे उस वक्त किए हैं, जब युद्ध के छठे दिन पुतिन के आदेशों के बाद रूसी सैनिकों ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में भीषण बमबारी की है और सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया है और पुतिन पर आरोप लगे हैं कि, उन्होंने यूक्रेन के ऊपर विनाशकारी क्लस्टर बम का इस्तेमाल किया है, जिसका इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है। एक वीडियो में प्रोफेसर ने दावा करते हुए कहा है कि, राष्ट्रपति पुतिन के परिवार को परमाणु युद्ध होने की स्थिति में बचाने के लिए तैयार किए गए एक विशेष बंकर में ले जाया गया।" उन्होंने कहा है कि, 'यह बंकर [पहाड़ी] अल्ताई गणराज्य में स्थित है।

कैसा है पुतिन का सीक्रेट बंकर?
प्रोफेसर वालेरी सोलोवी ने कहा कि, 'वास्तव में, यह एक बंकर नहीं है, बल्कि एक संपूर्ण भूमिगत शहर है, जो बेहद हाई-टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए काफी लेटेस्ट डिजाइन से बनाया गया है और ये शहर हर सुविधाओं के साथ सुसज्जित है।' उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि, 'मुझे आशा है कि यह आपके लिए कुछ मायने रखता है? कि राष्ट्रपति अपने परिवार को इस बंकर में भेज दें?' ऐसा माना जाता है कि, राष्ट्रपति पुतिन पर आरोप लगाने वाले प्रोफेसर वालेरी सोलोवी की पहुंच राष्ट्रपति भवन के अंदर तक हैं और उनके सीक्रेट संकट काफी गहरे हैं और उन्होंने जिस सीक्रेट लोकेशन का जिक्र किया है, वो साइबेरिया क्षेत्र मे स्थिति एक विशालकाय डाचा पर्वत पर है, जो चीन और मंगोलिया की सीमा के पास स्थित है।

पहाड़ी के पास क्या स्थित है?
कई पर्यवेक्षकों ने पहाड़ी से लगने वाले मैदान में कई वेंटिलेशन प्वाइंट्स होने का दावा किया है और इसके एक अत्याधुनिक 110 किलोवोल्ट सबस्टेशन से जुड़ी एक उच्च वोल्टेज लाइन, एक छोटे से शहर को बिजली देने के लिए पर्याप्त है, उसके लिंक यहां से जुड़े हुए हैं। वहीं, जब इस क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा था, उस वक्त यहां पर एक विशाल जर्मन सुरंग होने की सूचना मिली थी। हालांकि, सोलोवी ने बंकर में भेजे गए पुतिन के परिवार के सदस्यों की पहचान नहीं की, लेकिन पहले आरोप लगाया है कि ओलंपिक स्वर्ण विजेता लयबद्ध जिमनास्ट 38 वर्षीय अलीना काबेवा रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन की गुप्त पत्नी हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि, 'यह उसका असली परिवार है, और अलीना उसके फैसलों को प्रभावित करने में सक्षम हैं।

पुतिन के परिवार पर दावे
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो बेटियां हैं, जिनमें एक का नामा मारिया वोरोत्सोवा हैं, जिनकी उम्र 36 साल है और वो एक आनुवंशिकीविद् हैं, जबकि उनकी दूसरी बेटी का नाम कतेरीना तिखोनोवा है, जो 35 की हैं और एक गणितज्ञ हैं। वहीं, उनकी एक 18 वर्षीय उत्तराधिकारी लुइज़ा रोज़ोवा नाम की एक बेटी भी है, जिसे एलिसैवेटा क्रिवोनोगिख के नाम से भी जाना जाता है, जो क्लीनर से करोड़पति बने स्वेतलाना क्रिवोनोगिख की बेटी हैं और ऐसा दावा किया जाता है कि, वो पुतिन की बेटी हैं और पुतिन के घर में काम करने के दौरान दोनों के बीच संबंध बने थे और वो अब एक प्रमुख रूसी बैंक की सह-मालिक हैं। हालांकि, पुतिन पहले ही कह चुके हैं कि,'मेरा एक निजी जीवन है जिसमें मैं हस्तक्षेप की अनुमति किसी को नहीं देता और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।'

पुतिन की परमाणु युद्ध की धमकी
यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को अपने परमाणु हमले की आशंका को ये कहकर बढ़ा दिया है, जब उन्होंने अमेरिक और पश्चिमी देशों के द्वारा लगाए जा रहे प्रतिबंधों से चिढ़कर 'न्यूक्लियर डिटरेंस फोर्स' को एक्टिव करने का आदेश दे दिया है। रूसी राष्ट्रपति के इस आदेश के बाद दुनिया में परमाणु युद्ध छिड़ने की आशंका काफी ज्यादा बढ़ चुकी है और अमेरिका भी नाटो देशों के साथ आपातकालीन बैठक कर रहा है। लेकिन, पुतिन के इस फैसले के मायने क्या हैं और क्या वो वाकई परमाणु बम भी फोड़ेंगे? इसको लेकर आशंका काफी ज्यादा बढ़ चुकी है।

पुतिन ने ऐसा आदेश क्यों दिया?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि, 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला करने का आदेश देने वाले पुतिन की सोच थी, कि एक से दो दिनों के अंदर वो कीव में सत्ता परिवर्तन कर देंगे और लड़ाई खत्म हो जाएगी। पुतिन किसी भी हाल में लड़ाई को लंबा खींचने का इरादा नहीं रखते थे, लेकिन यूक्रेन की सेना ने जिस तरह से प्रतिरोध किया है, उसने रूसी राष्ट्रपति को चौंका दिया है। इस बीच अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस के खिलाफ इतने प्रतिबंध लगा दिए हैं, कि रूसी अर्थव्यवस्था का पोलियोग्रस्त होना तय माना जा रहा है। अब अगर रूस ये लड़ाई बंद भी कर देता है, तो रूस की अर्थव्यवस्था का धूल में मिलना और रूस में बदहाली की सुनामी आनी तय है और इन सबके बीच लड़ाई जारी है और अब रूस के लोग भी अपने राष्ट्रपति से पूछने लगे हैं, कि इस लड़ाई के क्या मायने हैं? अगर राष्ट्रपति पुतिन कीव पर कब्जा करने में नाकामयाब रहते हैं, तो फिर वो अपनी जनता के सामने क्या मुंह लेकर जाएंगे और एक्सपर्ट्स का मानना है कि, इन सवालो ने पुतिन को बौखलाहट से भर दिया है और उन्होंने 'न्यूक्लियर डिटरेंस फोर्स' को एक्टिव करने का आदेश दे दिया।












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