अब पश्चिम को परमाणु हमले का संकेत दे रहे हैं पुतिन, बोले- ऐसा जवाब मिलेगा 'इतिहास में कभी नहीं देखा'
लंदन, 24 फरवरी: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के मसले पर किसी भी हद से गुजर जाने का संकेत दे रहे हैं। उन्होंने एक तरह से यूक्रेन की मदद करने की कोशिश करने वाले किसी भी पश्चिमी देश को परमाणु हमला तक भुगतने तक की चेतावनी दे डाली है। गौरतलब है कि शुक्रवार को नाटो के 30 देश इसपर चर्चा करने वाले हैं और इसके महासचिव ने आज जो कुछ कहा है, उसके मुताबिक यह आगे बढ़ा तो विश्वयुद्ध को टालना असंभव हो सकता है। देखिए पुतिन ने कहा क्या है और यूरोपीय एक्सपर्ट उसे किस रूप में व्याख्या कर रहे हैं।

ऐसा जवाब मिलेगा 'इतिहास में कभी नहीं देखा'-पुतिन
यूक्रेन संकट बहुत ही भयानक दौर में पहुंच गया है। नाटो अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जाने की बात कह रहा है। तो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संकेत दिया है कि यदि किसी भी देश ने उसे निशाना बनाने की कोशिश की तो ऐसा अंजाम होगा, जो इतिहास में किसी का नहीं हुआ होगा। मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति ने अपने टीवी संदेश में यह चेतावनी पश्चिमी देशों को ही दी है। उन्होंने कहा है कि यूक्रेन में उनके देश ने जो आक्रमण किया है, उसकी वजह से किसी और देश ने उसपर हमला किया तो ऐसा जवाब मिलेगा, जो 'इतिहास में कभी नहीं देखा गया।'

सभी उचित निर्णय लिए गए हैं-पुतिन
मास्को के समय के अनुसार सुबह 5.45 बजे रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अपने टेलीविजन संदेश में कहा, 'जो कोई भी हमें रोकने की कोशिश करता है, हमारे देश और इसकी जनता के लिए खतरे पैदा करता है, उसे पता होना चाहिए कि रूस की जवाबी प्रतिक्रिया तत्काल होगी और उन परिणामों की ओर ले जाएगी जो आपने इतिहास में कभी नहीं देखे हैं।' पुतिन ने जोर देकर कहा, 'सभी उचित निर्णय लिए गए हैं। मुझे उम्मीद है कि आप मुझे सुनेंगे।'

पश्चिम को परमाणु हमले का संकेत दे रहे हैं पुतिन-विश्लेषक
यूरोपीय विश्लेषकों का मानना है कि अगर रूसी सेना पर यूक्रेन के बाहर की ताकतों की ओर से हमला किया जाता है, तो रूस परमाणु हथियारों की तैनाती कर सकता है, यह बात राष्ट्रपति पुतिन के भाषण में निहित था। रूस के राष्ट्रपति की बातों में पश्चिमी देशों में रूस की परमाणु शक्ति को लेकर सख्त चेतावनी थी। उन्होंने जिस भाषण के जरिए यूक्रेन में युद्ध का ऐलान किया है, उसमें कहा- 'किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि हमारे देश पर सीधा हमला किसी भी संभावित हमलावर के लिए विनाश और भयानक परिणाम का कारण बनेगा।'

नाटो के 30 सदस्य देशों की आपात बैठक
उधर पुतिन की धमकी के बाद नाटो की ओर से जो प्रतिक्रिया आई है, उसने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। नाटो महासचिव जनरल जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने रूस को तुरंत यूक्रेन से अपनी सेना को वापस बुलाने के लिए कहा है। इसके साथ ही उन्होंने भी रूस को चेतावनी देते हुए बताया है कि 'हमारे पास अपने वायु क्षेत्र की रक्षा के लिए 100 से ज्यादा जेट और उत्तर से भूमध्य सागर तक 120 से ज्यादा संबद्ध जहाज हाई अलर्ट पर हैं। गठबंधन को आक्रामकता से बचाने के लिए जो भी आवश्यक होगा हम वो करेंगे। आगे का रास्ता तय करने के लिए कल नाटो के नेता मिलेंगे।' इस मसले पर शुक्रवार को इसके 30 सदस्य राष्ट्रों का आपात सम्मेलन होने वाला है।

'पड़ोसी मुल्क अपनी सीमाओं को खोल दें'
इस बीच संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने रूसी हमले के फौरन बाद गुरुवार को यूक्रेन में बिगड़ते हालात को देखते हुए पड़ोसी मुल्कों से अपील की है कि वे अपनी सीमाओं को खुला रखें, ताकि लोग वहां पर शरण लेकर अपनी रक्षा कर सकें। इस बीच रूस का दावा है कि उसने पहले ही दिन यूक्रेन के 70 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है, जिसमें 11 एयर बेस भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक इन हमलों में अभी तक यूक्रेन के कम से कम 40 जवान और 10 नागरिकों की भी मौत हुई है।












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