पुलवामा हमला: FATF ने भारत की पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डालने की मांग ठुकराई
पेरिस। जम्मू कश्मीर में हुए पुलवामा हमले के बाद भारत लगातार पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बना रहा है। एफएटीएफ (फाइनेंशियल एक्सन टास्क फोर्स) के तहत भारत ने आतंकी फंडिंग के आरोप में अपने पड़ोसी मुल्क को ब्लैक लिस्ट में डालने के लिए आग्रह किया था, लेकिन इसको खारिज कर दिया गया है। एफएटीएफ ने पाकिस्तान को अक्टूबर तक 'ग्रे लिस्ट' में रखने का फैसला लिया है। आतंकवाद के खिलाफ फंडिंग नहीं रोकने के आरोप में एफएटीएफ ने पाकिस्तान को पिछले साल जून में ग्रे लिस्ट में डाला था।

एफएटीएफ ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कुछ खास काम नहीं किया है। पेरिस में हुए एफएटीएफ की मीटिंग में सभी ने यह माना कि अलकायदा और अन्य आतंकी संगठनों को अभी भी फंडिंग मिल रही है। एफएटीएफ ने पाकिस्तान को मई 2019 तक जिस टाइमलाइन के मुताबिक, आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था उन्हें तुरंत पूरा करे। मीटिंग में पश्चिमी देशों ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने के लिए भी कहा है।
एफएटीएफ ने करीब एक सप्ताह तक चले मीटिंग के बाद पाकिस्तान को अक्टूबर तक ग्रे लिस्ट में रखने का फैसला लिया है। पुलवामा हमले को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ फंडिंग नहीं रोकने के आरोप में कड़ा विरोध जताया था।
एफएटीएफ की मीटिंग में भारत ने पुलवामा हमले का जिक्र किया, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवानों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी, जो पिछले कई सालों से भारत के खिलाफ पाकिस्तान के जमीन का इस्तेमाल कर रहा है। भारत ने इस हमले से जुड़ी डिटेल देते हुए यह बताने कि कोशिश की है कि कैसे पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन कर रहा है। भारत की मांग थी कि पाकिस्तान को पूरी तरह से ब्लैक लिस्ट किया जाए, लेकिन एफएटीएफ ने इस मांग को खारिज कर दिया। फिलहाल ईरान और नॉर्थ कोरिया एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट में है।












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