शरणार्थियों ने डाली यूरोप में सरकारों और जनता के बीच फूट
बर्लिन। यूरोप अब तक के सबसे बड़े शरणार्थी संकट से गुजरने को मजबूर है। आईएसआईएस और सिविल वॉर की वजह से अब सीरिया से यूरोप आने वाले शरणार्थियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। यूरोप के कई देशों ने शरणार्थियों को जगह देने से साफ मना कर दिया है! अब यूरोप के लोग ही अपनी सरकारों के विरोध में उतर आए हैं।

यूरोप के कई शहरों में शरणार्थियों के समर्थन में रैलियां निकाली जा रही हैं जिनमें हजारों लोग शामिल हो रहे हैं। लोग रैलियों में सरकारों से शरणार्थियों के समर्थन में ज्यादा कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
कुछ देशों में हलांकि इसके विरोध में भी प्रदर्शन हुए हैं। यूरोप में अब न सिर्फ सीरिया बल्कि मीडिल ईस्ट और अफ्रीका से भी लोग आने लगे हैं। यूरोप इस शरणार्थी संकट से निबटने में कई तरह की चुनौतियों का सामना करने को मजबूर हें।
शरणार्थियों के समर्थन में लंदन में कई हजार लोगों ने पीएम डेविड कैमरुन के आधिकारिक निवास की ओर से मार्च किया। जर्मनी के शहर म्यूनिख में शनिवार को करीब 9,000 शरणार्थी पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि जर्मनी में इस वीकएंड तक 40,000 शरणार्थी पहुंच सकते हैं।
स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में भी एक हजार लोगों ने रैली में हिस्सा लिया तो वहीं डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में 30,000 से ज्यादा लोग संसद के बाहर इकट्ठा थे। सिडनी में भी हजारों लोग एक रैली में शामिल हुए।












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