प्रिंस हैरी के बच्चों को अब तक नहीं मिला खिताब, बहू मेगन से इतनी नफरत क्यों करता है शाही परिवार?
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल के बेटे आर्ची और लिलिबेट तकनीकी रूप से खिताब के हकदार होने के बावजूद शाही वेबसाइट पर मास्टर और मिस बने हुए हैं।
लंदन, 11 सितंबरः ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल के बेटे आर्ची और लिलिबेट तकनीकी रूप से खिताब के हकदार होने के बावजूद शाही वेबसाइट पर मास्टर और मिस बने हुए हैं। हालांकि ये पहले से तय था कि किंग के दूसरे बेटे ड्यूक एंड डचेस ऑफ ससेक्स हैरी और बहू मेगन मर्केल को उनके राजशाही दर्जे में कोई बदलाव नहीं दिखेगा। ऐसे में ये अनुमान लगाया जा रहा है कि अब उनके बच्चों को भी संभवतः ये खिताब नहीं दिया जाएगा।

मेगन को उम्मीद थी कि बच्चों को मिलेगा खिताब
मेगन ने पिछले साल मार्च में अमेरिकी प्रसारक 'ओपरा विनफ्रे' के साथ एक साक्षात्कार के दौरान कहा था कि आर्ची को पुलिस सुरक्षा नहीं मिलेगी क्योंकि उसके पास कोई पदवी नहीं है। हालांकि उन्होंने साक्षात्कार में संकेत दिया था कि उन्हें उम्मीद है कि प्रिंस चार्ल्स के सिंहासन ग्रहण करने के बाद आर्ची को राजकुमार की पदवी दी जाएगी। हालांकि नए किंग चार्ल्स तृतीय के प्रवक्ता के शनिवार को बताया कि जब भी उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी मिलती है, वेबसाइट पर प्रकासित उत्तराधिकार के नए आदेश को अपडेट कर दिया जाएगा।

किंग के बच्चों को मिलता है स्वतः अधिकार
किंग जॉर्ज पंचम द्वारा 1917 में स्थापित प्रोटोकॉल के तहत, एक सम्राट के बच्चों और पोते-पोतियों को 'हर रॉयल हाइनेस' या 'हिज रॉयल हाइनेस' (एचआरएच) और राजकुमार या राजकुमारी की पदवी का स्वत: अधिकार है। हालांकि किंग के पदभार ग्रहण करने के बाद प्रिंस विलियम के शीर्षक जिस प्रकार उनके बच्चों के साथ जोड़ा गया है, प्रिंस हैरी के बच्चों के साथ ऐसा नहीं हुआ है।

राज परिवार से अब तक नहीं लिया गया कोई निर्णय
किंग के प्रवक्ता ने कहा कि सम्राट ने वेल्स के राजकुमार और राजकुमारी के रूप में विलियम और केट के खिताब की घोषणा की थी और शुक्रवार को दिए राष्ट्र के संबोधन में हैरी-मेघन के लिए अपने प्यार का इजहार किया। प्रवक्ता ने कहा कि वेबसाइट वेल्स के अपडेट की गई थी। यह पूछे जाने पर कि क्या आर्ची और लिलिबेट राजकुमार और राजकुमारी की उपाधि लेंगे, प्रवक्ता ने कहा कि फिलहाल हम अगले 10 दिनों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जैसे ही हमें कोई जानकारी मिलती है हम वेबसाइट अपडेट कर देंगे।

रॉयल्स की संख्या कम करना चाहते हैं किंग
गौरतलब है कि जिस वक्त आर्ची का जन्म हुआ था, वह महारानी के एक परपोते थे, पोते नहीं। लेकिन उन्हें राजकुमार बनने से रोकने के लिए, किंग को एक 'लेटर्स पेटेंट' जारी करना होगा जिसमें आर्ची के राजकुमार होने के अधिकार और लिली के राजकुमारी होने के अधिकार में संशोधन किया जाएगा। इससे पहले प्रमुख रॉयल्स की संख्या सीमित करने को लेकर 2021 में तत्कालीन प्रिंस को सुझाव दिया गया था। लेकिन ऐसी संभावना नहीं है कि किंग ऐसा कोई काम करें जिससे उनके पुत्र हैरी के साथ उनके संबंध बिगड़े।

2020 में परिवार से अलग हो गए थे प्रिंस हैरी
बता दें कि डायना के छोटे बेटे प्रिंस हैरी अपनी पत्नी मेगन के साथ 9 जनवरी 2020 को शाही परिवार से अलग हो गए थे। एक इटरव्यू में प्रिंस हैरी और मेगन ने कहा था कि रॉयल फैमिली से अलग होना उनके लिए बहुत मुश्किल भरा अनुभव था। ठीक वैसा ही, जैसा कभी उनकी मां डायना के लिए रहा होगा। हैरी ने कहा कि वह तो कल्पना भी नहीं कर सकते कि उनकी मां के हालात कितने बुरे रहे होंगे। हैरी की पत्नी मेगन फिल्म स्टार रह चुकी थीं और नॉन ब्रिटिश थीं। वे डायना की तरह ही रहीं। उनकी ही तरह बाहरी। अपनी लाइफस्टाइल की वजह से मेगन को शाही परिवार का गुस्सा झेलना पड़ा। इसी वजह से हैरी अपने परिवार से दूर हो गए।

नस्लभेदी टिप्पणी करता था राज परिवार
इस इंटरव्यू में जोड़े ने शाही परिवार के एक सदस्य द्वारा नस्लभेदी टिप्पणी का भी जिक्र किया था। बकौल, मेगन शाही परिवार में उनके बेटे के पैदा होने से पहले ही उसे लेकर रंगभेद से जुड़ी टिप्पणियां होने लगीं थीं। हालांकि, हैरी और मेगन ने परिवार से जुड़े उस सदस्य का नाम जाहिर नहीं किया था। लेकिन उन्होंने यह जरूर बताया था कि नस्लीय टिप्पणी उनके बेटे आर्ची को रंग को लेकर की गई थी। मेगन ने कहा कि आर्ची के जन्म से पूर्व ही उसे उसके अधिकारों से वंचित करने की योजनाएं बनाई गईं थीं। हैरी और मेगन दोनों ही अपनी संतान के भविष्य को लेकर आशंकित थे।

मेगन को आने लगा था आत्महत्या का ख्याल
मेगन ने कहा कि परिवार के लोग उसकी त्वचा के रंग को लेकर बात करते थे। इन सब बातों से वह तनाव महसूस करती थीं। मेगन ने कहा कि वह इन सब बातों के कारण इतने अधिक तनाव में आ गयी थीं कि कई दफा अनचाहे बुरे ख्याल उनके मन में आने लगे थे। वे उन्हें किसी से साझा तक नहीं कर पाती थीं। इसके कारण कई बार उनके मन में आत्महत्या कर लेने तक के ख्याल आने लगे थे। हालांकि इस इंटरव्यू के बाद पूरा राज परिवार सकते में आ गया था। बकिंघम पैलेस ने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की ओर से एक बयान जारी कर खेद व्यक्त किया और इस खुलासे को चिंताजनक बताते हुए पारिवारिक स्तर पर मंथन करने की बात कही थी।
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