अगर चीन में मानना है इस्लाम, तो चलना होगा कम्युनिस्ट पार्टी के हिसाब से: राष्ट्रपति जिनपिंग
नई दिल्ली, 16 जुलाई: उइगर मुसलमानों पर हो रहे जुल्म को लेकर पूरी दुनिया में आवाज उठ रही, लेकिन चीन अपने रुख पर कायम है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शिनजियांग दौरे के दौरान साफ कर दिया कि वो उइगर मुस्लिमों को लेकर अपनी नीति नहीं बदलेंगे। अगर किसी को इस्लाम धर्म मानना है तो उसे चीन के हिसाब से ही चलना होगा। इसके अलावा देश में धर्मों को चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा अपनाए जा रहे समाजवादी समाज के अनुकूल होना चाहिए।

चीनी मीडिया के मुताबिक जिनपिंग ने 12 जुलाई से शिनजियांग की चार दिवसीय यात्रा शुरू की थी। इस दौरान उन्होंने चीनी राष्ट्र के लिए समुदाय की मजबूत भावना को बढ़ावा देने, विभिन्न जातीय समूहों के बीच आदान-प्रदान, बातचीत और एकीकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की नीतियों के संपूर्ण कार्यान्वयन की भी बात कही। साथ ही शिनजियांग में सामाजिक स्थिरता और स्थायी सुरक्षा जैसे व्यापक लक्ष्यों को अहम बताया। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि धर्म को मानने वाले लोगों की सामान्य धार्मिक जरूरतों को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
वहीं अमेरिका का मानना है कि शिनजियांग क्षेत्र में उइगर और अन्य धर्मों के लोगों से बंधुआ मजदूरी करवाई जा रही है। ऐसे में उसने वहां पर बनने वाले सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि चीन को इससे फर्क नहीं पड़ रहा। चीनी राष्ट्रपति ने वहां पर मध्य एशिया से पूर्वी यूरोप को जोड़ने वाले बंदरगाहों, रेलवे और बिजली स्टेशनों के निर्माण का निरीक्षण किया। साथ ही उसे एक प्रमुख क्षेत्र कहा।
पीएलए सैनिकों से की मुलाकात
वहीं चीनी राष्ट्रपति ने शिनजियांग दौरे के दौरान पीएलए सैनिकों से मुलाकात की। ये सैनिक लद्दाख में एलएसी के पास तैनात हैं और वहां पर चीन के नापाक मंसूबों को अंजाम दे रहे। हालांकि भारतीय सेना उन्हें कई बार खदेड़ चुकी है।












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