बिलावल के भारत दौरे पर पाकिस्तान में राजनीति तेज, इमरान की पार्टी ने कहा, भारत की बेइज्जती के बाद भी गये
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी SCO की बैठक में शामिल होने के लिए गोवा पहुंच गए हैं। वो शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) के विदेश मंत्रियों की मीटिंग में शामिल होंगे।

शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) की विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो गोवा पहुंच गए हैं। ये किसी पाकिस्तानी विदेश मंत्री का 12 साल बाद पहला भारत का दौरा है। इससे पहले 2011 में पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार भारत दौरे पर आई थीं।
हालांकि उनके भारत आने के बाद पाकिस्तान में राजनीति गरम हो गई है। इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेता फवाद हुसैन ने बिलावल भुट्टो को घेरा है। फवाद हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान सरकार, भारत की मोदी सरकार के प्यार में गिरफ्तार है।
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ने बिलावल भुट्टो की यात्रा की निंदा करते हुए कहा कि भारत में पीएम मोदी की सरकार बहुसंख्यक जनता को खुश करने के लिए, अल्पसंख्यक मुसलमानों पर अत्याचार करती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार कश्मीर में हुए अत्याचार को भुला चुकी है।
आपको बता दें कि शंघाई सहयोग संगठन में शामिल होने के लिए बिलावल गुरुवार सुबह 11 बजे रवाना हुए थे। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि कि वे शंघाई सहयोग संगठन में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
बिलावल ने कहा कि इस बैठक में भाग लेने का उनका निर्णय एससीओ के चार्टर के प्रति पाकिस्तान की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वे मित्र देशों के अपने समकक्षों के साथ रचनात्मक चर्चा के लिए तत्पर हैं।
बिलावल भुट्टो के भारत दौरे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा इस मीटिंग के लिए जाना SCO चार्टर के लिए हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है। हम इलाके में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री मंत्री के अलावा रूस और चीन के विदेश मंत्री भी गोवा पहुंचे हैं। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशकंर रूस और चीन के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
रूस और चीन दोनों देशों के विदेश मंत्री इससे पहले मार्च में दिल्ली में आयोजित G20 देशों की मीटिंग में शामिल होने भारत आए थे। चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्री उन लोगों में शामिल हैं, जो व्यक्तिगत रूप से इस बैठक में शामिल होंगे।
कहा जा रहा है कि दोनों मंत्री एससीओ सदस्यों के बीच आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा समेत कई महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। रूसी मंत्री सर्गेई लावरोव के अन्य एससीओ देशों के अपने समकक्षों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करने की उम्मीद है।












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