बेटे-पत्नी के साथ फिल्म देख लौट रहे थे ये पूर्व PM, जानिये इन 10 नेताओं की कैसे हुई हत्या ?
दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक माने जाने वाले जापान में यह हमला हैरान करने वाला है। बता दें कि इससे पहले भी कई देशों में राष्ट्राध्यक्षों और बड़े नेताओं पर जानलेना हमला हो चुका है।
नई दिल्ली, 08 जुलाईः जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की आज गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमले के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक माने जाने वाले जापान में यह हमला हैरान करने वाला है। बता दें कि इससे पहले भी कई देशों में राष्ट्राध्यक्षों और बड़े नेताओं पर जानलेना हमला हो चुका है।

इंदिरा गांधी
भारत अपने दो प्रधानमंत्रियों को जानलेवा हमले में गंवा चुका है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की जानलेवा हमले में मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री पद पर तीन बार बैठ चुकीं इंदिरा गांधी की हत्या 31 अक्टूबर 1984 को पद पर रहते हुए कर दी गई। इंदिरा गांधी की हत्या उस समय हुई तब वह अपने आवास से बाहर निकल रही थीं। इंदिरा गांधी की हत्या स्वर्ण मंदिर पर सेना के हमले की प्रतिक्रिया के रूप में की गई। इंदिरा को उनके ही सिख अंगरक्षक ने मारा।

राजीव गांधी
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की भी उनकी मां इंदिरा गांधी की एक आतंकी हमले में मौत हुई। 21 मई 1991 के दिन चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में जब राजीव गांधी से लोग मुलाकात कर रहे थे, उसी दौरान उन्हें फूलों का हार पहनाने के बहाने तेनमोजि राजरत्नम नाम की लिट्टे की महिला आतंकी आई। राजीव गांधी के पास आकर महिला उनके पांव छूने के बहाने नीचे झुकी, और इसी दौरान उसने अपने कमर में बंधे बम में विस्फोट कर दिया। धमाका इतना जोरदार था कि हमलावर महिला और राजीव गांधी समेत 16 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

जॉन एफ कैनेडी
अमेरिका के 35वें राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की भी जानलेवा हमले में मौत हो चुकी है। 22 नवंबर 1963 के दिन अमेरिका के राष्ट्रपति केनडी को पूर्व मरीन ली हार्वी ओसवाल्ड ने गोली मार दी थी। कैनेडी को गोली लगने के बाद पार्कलैंड मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। ओसवाल्ड को डैलस पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और दो दिन बाद ही उसकी भी हत्या कर दी गई।

अब्राहम लिंकन
14 अप्रैल 1865 के दिन अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन को वॉशिंगटन के 'फोर्ड थियटर' में उस समय गोली मार दी गई , जब वो 'अवर अमेरिकन कजिन' नाटक देख रहे थे। गोली मारने वाला जॉन वाइक्स बूथ पेशेवर नाट्यकर्मी था। लिंकन के सुरक्षागार्ड 'जॉन पार्कर' मध्यांतर में ही वहां से बाहर निकल गए थे। रात सवा दस बजे मौका देखकर जॉन ने लिंकन को सिर पर पीछे से गोली मार दी। लिंकन को गोली मारने वाले जॉन वाइक्स बूथ को दस दिन बाद वर्जीनिया के एक फार्म से पकड़ा गया, जहां अमेरिकी सैनिकों ने उन्हें एक मुठभेड़ में मार गिराया।

बेनजीर भुट्टो
पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की 27 दिसंबर, 2007 की शाम हत्या कर दी गई थी। बेनजीर भुट्टो हत्या की शाम रावलपिंडी से एक चुनावी रैली संबोधित कर के लौट रही थीं। तभी हमलावर बेनजीर की कार के पास आया और उनको गोली मार दी। बाद में उसने खुद को भी उड़ा लिया। भुट्टो के साथ उनकी पार्टी के 20 कार्यकर्ताओं की भी जान गई थी और 71 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। भुट्टो की मौत को 15 साल से भी अधिक वक्त बीत गया, लेकिन पाकिस्तान अब तक हत्यारों को सजा नहीं दिला पाया। पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या से जुड़ा मामला अभी भी लाहौर हाईकोर्ट में लंबित है। यह सवाल जस का तस बना हुआ है कि हत्या के पीछे किसका हाथ है, किसके कहने पर भुट्टो को मारा गया।

लियाकत अली
पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 16 अक्टूबर 1951 को कंपनी गार्डन में एक सभा में हत्याकांड को अंजाम दिया गया। उसी वक्त हमलावर सईद अकबर को पुलिसवाले गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। एक प्रधानमंत्री की मौत की कभी जांच ही नहीं हो पाई कि आखिर हुआ क्या था। ये आज भी एक रहस्य ही है कि क्या वाकई गोली सईद अकबर ने ही चलाई थी या फिर वो कोई और था जिसने सईद अकबर को मारकर इस पूरे हत्याकांड पर मिट्टी डाल दिया।

शेख मुजीबुर रहमान
बांग्लादेश के प्रथम राष्ट्रपति शेख मुजीबुर्रहमान की 15 अगस्त 1975 को राष्ट्रपति भवन में ही परिवार सहित हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड को बांग्लादेश सेनावाहिनी (बांग्लादेश की सेना) के युवा समूह ने अंजाम दिया था। शेख मुजीबुर्रहमान को बांग्लादेश का जनक भी कहा जाता है। उन्हें बंगबन्धु की पदवी से सम्मानित किया गया था। उनकी हत्या के सैनिक तख्तापलट के मकसद से की गई थी। युवा सैन्य अफसरों की ये टुकड़ी हथियार बंद तो थी ही, ये अपने साथ टैंक लेकर भी राष्ट्रपति भवन पहुंची थी।

यित्ज़ाक राबिन
यित्ज़ाक राबिन इज़राइल के 5 वें प्रधान मंत्री थे। अपने कार्यकाल में राबिन ने कई साहसिक फैसले किए जिसमें, फिलिस्तीनियों के साथ ओस्लो समझौते और जॉर्डन के साथ शांति संधि थी। इन उपलब्धियों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा दिलाई, जिसके लिए उन्हें अंतर्राष्ट्रीय नोबेल शांति पुरस्कार (1994) और द रोनाल्ड रीगन स्वतंत्रता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 4 नवंबर, 1995 को, तेल अवीव में एक यहूदी दक्षिणपंथी चरमपंथी द्वारा राबिन की हत्या कर दी गई।

राफिक हरीरी
राफिक हरीरी लेबनान के सबसे ज्यादा लोकप्रिय सुन्नी मुस्लिम नेता थे। 12 फरवरी 2005 को लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री राफिक हरीरी के काफिले पर बम से हमला किया गया था। जिसमें पूर्व पीएम हरीरी समेत 22 लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों लोग जख्मी हुए थे। इस हमले में 2 टन आरडीएक्स इस्तेमाल किया गया था। उनकी हत्या का शक ईरान समर्थित शिया अतिवादी संगठन हिज्बुल्लाह पर था, जो लेबनान में काफी प्रभावशाली है।

ओलोफ पाल्मे
ओलोफ पाल्मे स्वीडन की डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता था। 14 अक्टूबर 1969 से 8 अक्टूबर 1976 तक वह दो बार स्वीडन के प्रधानमंत्री बने। पीएम बनने के बाद भी वह सामान्य जीवन जीते थे। 28 फरवरी 1986 को सेंट्रल स्टॉकहोम स्ट्रीट पर उस वक्त उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह पत्नी और बेटे के साथ सिनेमाघर से वापस लौट रहे थे। उस वक्त इनके साथ सुरक्षाकर्मी नहीं थे। सादगी पंसद पाल्मे अक्सर सुरक्षाकर्मियों के बिना बाहर निकल जाते थे। हमलावर ने एक गोली ओलोफ पाल्मे को मारी और दूसरी गोली उनकी पत्नी लिसबेथ पाल्मे (Lisbeth Palme) को मारी थी।












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