यूएई देगा भारत को आईएसआईएस से निपटने के टिप्स
दुबई। इराक और सीरिया में अपने पैर मजबूती से जमा चुका आतंकी संगठन आईएसआईएस अब धीरे-धीरे भारत के लिए चुनौतियां पैदा कर रहा है। हाल ही में एक ब्रिटिश डेली ने भी दावा किया है कि आतंकी संगठन की योजना वर्ष 2020 तक भारत को अपने कब्जे में लेने की है। पहले से ही पाकिस्तान में पनपे आतंकवाद का सामना कर रहे भारत को आईएसआईएस से निबटने में अब यूएई मदद करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 और 17 अगस्त को यूएई की यात्रा पर रवाना होंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान वह यूएई के साथ काउंटर टेरर पार्टनरशिप के अलावा आईएसआईएस पर भी चर्चा कर सकते हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के अलावा दोनों देश पिछले कुछ वर्षों से काउंटर टेररिज्म पर एक दूसरे का सहयोग कर रहे हैं।
इसके तहत दोनों के बीच आतंकी संगठनों से जुड़ी कई तरह की जानकारियों और इंटेलीजेंस का भी आदान-प्रदान होता है। साथ ही यूएई साउथ एशिया में सक्रिय कई ऑपरेटिव्स के बारे में भी भारत के साथ जानकारियां साझा करता है।
वर्ष 2011 में दोनों देशों के बीच साइन हुए सुरक्षा सहयोग समझौते के तहत आईएसआईएस पर भी चर्चा होगी। अधिकारियों के मुताबिक यह बात सच है कि संगठन भारत के लिए खतरा बनता जा रहा है। साथ ही यूएई के लिए इसका खतरा बरकरार है।
दोनों देशों के बीच मैरिटाइम सिक्योरिटी डील भी है जिसके तहत पर्शियन खाड़ी क्षेत्र में पाइरेसी के खतरे से देश निपट रहे हें। इस क्षेत्र में समझौते के तहत ही इंडियन नेवी काफी सक्रिय है।
वर्ष 2011 में उस समय के पीएम मनमोहन सिंह के दौरे के समय दोनों पक्षों के बीच जो बातें तय हुई थीं माना जा रहा है कि पीएम मोदी की यात्रा उन्हें मजबूत कर सकती है।












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