PM Modi US Visit: प्रधानमंत्री मोदी का तीन दिनों का अमेरिका का दौरा खत्म, जानिए क्यों कहा जा रहा कामयाब?
PM Modi US Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा खत्म हो गई है, जिसे कामयाब और सार्थक दोनों माना जा रहा है। उनकी यात्रा में क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेना, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 'भविष्य के शिखर सम्मेलन' कार्यक्रम में संबोधन और कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक शामिल रही हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए बताया है, कि प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली वापस आ रहे हैं, जो उनकी प्रभावशाली यात्रा का अंत है। आइये जानते हैं, कि प्रधानमंत्री मोदी की तीन दिनों की इस यात्रा में क्या कहा हुआ?

पीएम मोदी के पहला दिन की बड़ी बातें
अमेरिका की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का एजेंडा, कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से लबालब भरा हुआ था। पहले दिन, वे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के साथ जो बाइडेन के होमटाउन डेलावेयर के विलमिंगटन में मिले, जहां चारों नेताओं ने क्वाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया।
इस बैठक से इतर, बाइडेन और मोदी ने 31 MQ-9B सशस्त्र ड्रोन की खरीद की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाया, जिसे जनरल एटॉमिक्स बना रहा है। इसके अलावा भी दोनों नेताओं ने डिफेंस हार्डवेयर की आपूर्ति बढ़ाने को लेकर बातचीत की। वहीं, बाइडेन ने इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को तस्करी कर अमेरिका ले गये 297 पुरावशेष लौटाए।
QUAD शिखर सम्मेलन के दौरान ऑस्ट्रेलिया और जापान के नेताओं के साथ मोदी की द्विपक्षीय मुलाकातों का मकसद आपसी लाभ के लिए सहयोग को गहरा करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देना था। क्वाड शिखर सम्मेलन में मोदी ने सहयोग, संपर्क और जुड़ाव के माध्यम से विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। शिखर सम्मेलन में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कैंसर से लड़ने के लिए क्वाड कैंसर मूनशॉट पहल की घोषणा भी की गई, जिसमें भारत ने सर्वाइकल कैंसर से लड़ने के लिए 7.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर देने का वादा किया।
मोदी के दौरे का दूसरा दिन
मोदी की यात्रा का दूसरा चरण उन्हें न्यूयॉर्क ले गया, जहां उन्होंने नासाउ कोलिजीयम में भारतीय प्रवासियों की एक बड़ी सभा को संबोधित किया। नासाउ कोलिजीयम में प्रधानमंत्री मोदी ने 13 हजार से ज्यादा अमेरिकन-भारतीयों को संबोधित किया, जिसमें पीएम मोदी ने भारत के भविष्य को लेकर अपना नजरिया पेश किया। वहीं, यूएस दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने, बोस्टन और लॉस एंजिल्स में नए वाणिज्य दूतावास खोलने की घोषणा की।
पीएम मोदी ने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए भारतीय-अमेरिकी समुदाय की प्रशंसा की, उन्हें भारत का ब्रांड एंबेसडर बताया।
न्यूयॉर्क में मोदी ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से भी मुलाकात की, गाजा में मानवीय संकट पर चिंता व्यक्त की और शांति बहाली के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने शीर्ष अमेरिकी टेक कंपनियों के सीईओ के साथ एक गोलमेज बैठक में भाग लिया, जिसमें भारत की विकास संभावनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संभावित लाभों पर जोर दिया गया।

पीएम मोदी के बैठक का तीसरा दिन
अपने दौरे के अंतिम दिन, मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में 'भविष्य के शिखर सम्मेलन' को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने दुनिया में चल रहे अलग अलग संघर्षों पर सामूहिक शक्ति की वकालत की और वैश्विक अधिकारों और समृद्धि के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।
यूएनजीए के संबोधन के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ भी पीएम मोदी ने मुलाकात की। पिछले तीन महीनों में ये उनकी जेलेंस्की से तीसरी मुलाकात थी, जिसमें पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की। मोदी की अमेरिका यात्रा में महत्वपूर्ण कूटनीतिक बातचीत और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से पहल की गई है।












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