G7 Summit 2021: आज 7 बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था को संबोधित करेंगे पीाएम मोदी, भारत के लिए क्यों है अहम, जानिए

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय प्रधानमंत्री तीन अलग सत्रों में जी-7 शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। जिसमें पीएम मोदी कोरोना वायरस से कैसे मजबूती से निपटा जाए, ग्लोबल वॉर्मिंग और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों पर बात कर सकते हैं।

नई दिल्ली, जून 12: भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में आज हिस्सा लेने जा रहा है। भारत में कोरोना वायरस की वजह से पीएम मोदी इस बैठक में वर्चुअल ही शामिल होंगे। जी-7 मीटिंग में आज और कल यानि 12 और 12 जून को तीन अलग अलग सत्रों में पीएम मोदी का संबोधन होगा। जी-7 सात बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का मिलन है। हालांकि, भारत इस संगठन का हिस्सा तो नहीं है लेकिन भारत पिछले कई सालों से बतौर मेहमान जी-7 में भाग लेता आया है और जी-7 देशों से भारत की बेहद अच्छी दोस्ती है। पीएम मोदी से पहले मनमोहन सिंह भी जी-7 की बैठकों में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होते थे।

पीएम मोदी का संबोधन

पीएम मोदी का संबोधन

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय प्रधानमंत्री तीन अलग सत्रों में जी-7 शिखर सम्मेलन को संबोधित करने जा रहे है। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी कोरोना वायरस से कैसे मजबूती से निपटा जाए, ग्लोबल वॉर्मिंग और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों पर भारत की बात कर सकते हैं। आपको बता दें कि जी-7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देश शामिल हैं और इस बार जी-7 की मेजबानी ब्रिटेन कर रहा है। जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ब्रिटेन पहुंच चुके हैं, जहां ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने स्वागत करते हुए कहा कि जो बाइडेन से मिलना ताजी हवा में सांस लेने जैसा है। जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत के अलावा दक्षिण कोरिया और जापान को भी आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि इस बार जी 7 में कोरोना वायरस तो सबसे अहम मुद्दा होगा ही, इसके साथ ही फ्री ट्रेड और पर्यावरण को लेकर अहम बैठक होगी।

क्या भारत जी7 में होगा शामिल?

क्या भारत जी7 में होगा शामिल?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल जून में जी7 समूह को 'पुराना समूह' बताते हुए इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को शामिल करने की मांग की थी। पिछले साल जी7 के 46वें शिखर सम्मेलन को स्थगित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, कि G7 समूह पुराना हो चुका है, और अपने वर्तमान प्रारूप में यह वैश्विक घटनाओं का सही तरीके से प्रतिनिधित्व करने में सक्षम नहीं है। 2019 में 45वें जी7 समिट का आयोजन फ्रांस में किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विशेष अतिथि के तौर पर बुलाया गया था। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अब वक्त आ गया है, जब जी7 ग्रुप को जी10 या फिर जी11 बना दिया जाए। ट्रंप ने जी7 ग्रुप में भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया के अलावा रूस को भी शामिल करने की मांग की थी।

जी7 पर भारत का सकारात्मक रूख

जी7 पर भारत का सकारात्मक रूख

आने वाले सालों में भारत अपनी इकॉनोमी को बढ़ाकर 5 ट्रिलियन डॉलर करना चाहता है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल भारत की अर्थव्यवस्था का आकार 3 ट्रिलियन डॉलर से नीचे है। हालांकि, पिछले दो सालों से कोरोना वायरस की वजह से लगाए गये लॉकडाउन ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा झटका दिया है, बावजूद इसके भारत का लक्ष्य बदला नहीं है। अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारत भी जी7 ग्रुप में शामिल होना चाहता है, ताकि भारतीय उद्योगों को यूरोपीय बाजार में रियायत के साथ ही आधुनिक टेक्नोलॉजी मिल सके। नरेन्द्र मोदी अब तक जहां एक बार जी7 समिट में शामिल हुए हैं, वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जी7 समिट में पांच बार हिस्सा लिया था। ऐसे में अगर भारत जी7 ग्रुप का हिस्सा बनता है, तो निश्चित तौर पर उसे वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाने में कामयाबी हासिल होगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+