पीएम मोदी ने यूंही नहीं भरी तेजस की उड़ान, छिपी है बड़ी स्ट्रैटजी.. चीन को छोड़ अर्जेंटीना करेगा भारत से डील?
India Tejas Argentine Fighter Deal: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत में बने स्वदेशी फाइटर जेट तेजस की उड़ान यूं ही नहीं भरी है, बल्कि इसके पीछे बहुत बड़ी स्ट्रैटजी है। रणनीति ये है, कि पीएम मोदी ने तेजस की उड़ान के साथ दुनियाभर के देशों को एक संदेश भेजा है, कि भारतीय फाइटर जेट तेजस, अपनी कैटोगिरी के विमान में किसी से कम नहीं है। वहीं, माना जा रहा है, कि अर्जेंटीना, भारतीय तेजस का खरीददार बन सकता है।
अर्जेंटीना के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जेवियर माइली ने खुले तौर पर चीन के साथ राजनयिक संबंधों पर कम आशावादी उम्मीद जताई है। अर्जेंटीना में वामपंथी सरकार का पतन हो चुका है और नये राष्ट्रपति का यह रुख, उनके कार्यकाल के दौरान अर्जेंटीना को बेचे जाने वाले चीनी JF-17 जेट के प्रत्याशित सौदे की संभावना को 'काफी कम' कर देता है।

अर्जेंटीना के नए राष्ट्रपति के चुनाव के बाद, उनके नेतृत्व में ब्यूनस आयर्स और बीजिंग के बीच संबंधों में संभावित तनाव का संकेत देने वाली सुर्खियाँ सामने आईं हैं। इसके अलावा, जेवियर माइली के मुख्य विदेशी मामलों के सलाहकार, डायना मोंडिनो ने ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित प्रमुख उभरते बाजारों के सहयोग के प्रति अर्जेंटीना के रुख में बदलाव की घोषणा की है, जिससे भारत को बहुत बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।
ऐसी संभावना बन रही है, कि अर्जेंटीना, भारतीय तेजस फाइटर जेट खरीद सकता है।
भारत-अर्जेंटीना में तेजस का सौदा कैसा होगा?
अर्जेंटीना के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज तायना ने जुलाई महीने में भारत का दौरा किया था, जहां उनकी मुलाकात भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई थी। उस वक्त डीडी न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया था, कि दोनों पक्षों ने रक्षा और सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की है।
जबकि, वहीं, हिंदुस्तान की रिपोर्ट में कहा गया था, कि अर्जेंटीना के रक्षा मंत्री की इस यात्रा के दौरान भारत के साथ चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1ए और एलसीएच प्रचंड के लिए 8675 करोड़ रुपये का सौदा होने की संभावना थी। लिहाजा, अब जबकि नई सरकार का चुनाव हो गया है, तो माना जा रहा है, कि दोनों देशों के बीच ये सौदा हो सकता है।

दक्षिण अमेरिकी राष्ट्र अर्जेंटीना ने पिछले साल से ही अर्जेंटीना एयर फोर्स के लिए भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी। वहीं, इस साल जून की शुरुआत में, अर्जेंटीना में भारतीय राजदूत दिनेश भाटिया ने अर्जेंटीना वायु सेना प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल जेवियर इसाक के साथ तेजस लड़ाकू विमानों में सहयोग पर चर्चा की थी। अर्जेंटीना की नजर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित विभिन्न प्रकार के हेलीकॉप्टरों पर भी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अर्जेंटीना भारत से 12 हल्के लड़ाकू विमान तेजस खरीदना चाहता है, जिसके लिए उसे चीन की तरफ से JF-17 और एचएएल की तरफ से तेजस को लेकर लेटर ऑफ इंटेंट मिल चुका है। लेकिन, अब जबकि चुने गये राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है, कि उनका देश चीन से सौदा नहीं करेगा, तो फिर तेजस के लिए अर्जेंटीना का रास्ता खुल सकता है।
चीन ने अर्जेंटीना को JF-17 ऑफर किया था और शुरूआत में माना जा रहा था, कि चीनी JF-17 के सामने भारतीय तेजस का कड़ा मुकाबला हो सकता है, लेकिन एचएएल इस मामले में काफी तेजी से आगे बढ़ी और तेजस के मुकाबले चीनी JF-17 पिछड़ गया। लिहाजा, अर्जेंटीना अब तेजस के लिए डील फाइनल कर सकता है।
भारत को करना होगा तेजस को अपग्रेड
अर्जेंटीना से डील करने के लिए एचएएल को को तेजस की 50 से ज्यादा सिस्टम और सब-सिस्टम को बदलने की जरूरत होगी, जिनकी आपूर्ति बीएई सिस्टम्स, कोबम और मार्टिन-बेकर जैसी यूके की कंपनियों द्वारा की जाती है।
आपको बता दें, कि भारत में निर्मित हल्का लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस, तेजी से कई देशों की पहली पसंद बनता जा रहा है। मलेशिया के बाद अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, मिस्र, अमेरिका, इंडोनेशिया और फिलीपींस ने भी तेजस को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है।
मलेशिया ने चीनी जेएफ-17 को टक्कर देने के लिए अपने लड़ाकू जेट कार्यक्रम के लिए तेजस एमके-1ए खरीदने का फैसला किया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने भी रॉयल मलेशियाई वायु सेना के आरएफआई के अनुरोध का जवाब दिया है। इसके बाद एचएएल को जल्द ही तेजस का पहला एक्सपोर्ट ऑर्डर मिल सकता है।












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