Modi In Russia: प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे मॉस्को, मंदिर के अलावा रूस में रहने वाले भारतीयों की और क्या मांगे है
Modi Russia Visit: रूस में भारतीय समुदाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉस्को यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहा था और प्रधानमंत्री मोदी के मॉस्को पहुंचने के बाद वो काफी उत्साहित हैं। इस मौके पर भारतीय समुदाय, रूस में एक हिंदू मंदिर बनाने, एक नए भारतीय स्कूल भवन बनवाने और भारत के लिए ज्यादा सीधी फ्लाइट्स की उपलब्धता के लिए उनका समर्थन मांगेगा।
मंगलवार को होने वाले 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पुतिन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 8 से 9 जुलाई तक मॉस्को में रहेंगे। रूस में भारतीय प्रवासियों ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए पीएम मोदी की रूस यात्रा पर उत्साह जताया है।

रूस में रहने वाले भारतीय समुदाय की क्या है मांगे?
प्रवासी भारतीय सदस्यों ने एक हिंदू मंदिर, एक नए भारतीय स्कूल भवन और भारत के लिए अधिक उड़ानों की उपलब्धता की भी इच्छा व्यक्त की है।
रूस में रहने वाले पटना के राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा, कि "समाज में कुछ चीजें ऐसी हैं, जिनकी कमी रह गई है। उदाहरण के लिए, हम प्रधानमंत्री मोदी के माध्यम से एक हिंदू मंदिर की मांग करेंगे। एयरलाइनों के साथ कुछ परेशानियां हैं, क्योंकि केवल एयरोफ्लोट ही काम करती है। अगर एयर इंडिया जैसी कोई अन्य एयरलाइन रूस के लिए उड़ानें संचालित करती है, तो सीटों की उपलब्धता के साथ-साथ फ्रीक्वेंसी भी बढ़ेगी।"
हाल के वर्षों में रूस में हिंदू धर्म के प्रसार और भारतीयों की बढ़ती संख्या के साथ, समुदाय को अपनी आध्यात्मिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए देश में एक हिंदू मंदिर की जरूरत महसूस हो रही है। उन्होंने कहा, कि "हमें प्रधानमंत्री मोदी से केवल एक ही उम्मीद है, कि प्रवासी भारतीयों के लिए कुछ किया जाना चाहिए ताकि प्रवासी छात्रों को अच्छी शिक्षा मिले और स्कूलों को मजबूत किया जाए।
इसके अलावा, भारतीय समुदाय का कहना है, कि भारत से सामान आयात करने वाले प्रवासी भारतीयों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, उन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि भारत-रूस संबंधों को और मजबूत किया जा सके।
उत्तर प्रदेश से आने वाली और रूस में रहने वाली भारतीय पोज्जा चंद्रा ने कहा, कि "चूंकि मैं एक मां हूँ, इसलिए मैं भारतीय स्कूल के लिए एक नई बिल्डिंग की मांग करती हूं। वर्तमान इमारत काफी पुरानी है और अगर हमें एक नई इमारत मिलती है तो छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।"
वहीं, रूस में रहने वाले एक भारतीय डॉक्टर ने प्रधानमंत्री मोदी से रूस में आयुर्वेदिक दवाओं को मान्यता देने का आग्रह किया है। मॉस्को में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर एम मैथ्यू ने कहा, कि रूस में आयुर्वेद को एक स्वीकृत औषधीय प्रणाली के रूप में मान्यता नहीं दी गई है और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी यात्रा के दौरान रूसी अधिकारियों के साथ इस मुद्दे को उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, कि "भले ही रूस एक बहुत बड़ा बाजार है, लेकिन हम एक तरह से विकलांग हैं, क्योंकि आयुर्वेद को रूस में एक स्वीकृत औषधीय प्रणाली के रूप में मान्यता नहीं दी गई है। इसलिए, मैं विनम्रतापूर्वक हमारे प्रधानमंत्री से अनुरोध करता हूं, कि जब वह मॉस्को का दौरा करें, तो रूसी अधिकारियों के साथ इस मुद्दे को उठाएं और वैकल्पिक चिकित्सा के रूप में आयुर्वेद के लिए रूसी संघ के स्वास्थ्य विभाग से अनुमोदन प्राप्त करें।"
प्रधानमंत्री मोदी रूस पहुंच चुके हैं और उनकी यात्रा को लेकर रूस में रहने वाले भारतीयों में काफी उत्साह है। एक अन्य नृत्य कलाकार नतालिया ने कहा, "यह बहुत बड़ी घटना है कि वह (प्रधानमंत्री मोदी) यहां आ रहे हैं। हम इस कार्यक्रम की कई दिनों से तैयारी कर रहे हैं, हमें उन्हें यहां देखकर खुशी होगी। मैंने थोड़ी-बहुत हिंदी सीखी है, इसलिए मैं कह सकती हूं कि मुझे प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर खुशी होगी।"












Click it and Unblock the Notifications