India-Abu Dhabi Ties: अबु धाबी के क्राउन प्रिंस से मिले PM मोदी, लिख डाली भारत के साथ दोस्ती की नई कहानी
PM Modi meets Abu Dhabi Prince: दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आज जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात कर रहे थे, दरअसल उस वक्त भारत और अरब के इस शक्तिशाली देश के बीच की दोस्ती की नई कहानी लिखी जा रही थी।
प्रधानमंत्री मोदी और शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की ये मुलाकात महत्वपूर्ण इसलिए है, क्योंकि आने वाले कुछ सालों में इन्हीं के हाथों में संयुक्त अरब अमीरात की कमान आने की संभावना है और इसीलिए इस मुलाकात को 'भविष्य की कहानी' लिखने वाला मुलाकात कहा जा रहा है।

इस मुलाकात को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया, कि नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों पर पूरी चर्चा की। हालांकि, बैठक के बारे में विस्तृत जानकारी अभी नहीं दी गई है।
शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, जो प्रधानमंत्री मोदी के दोस्त भी हैं, वो संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति हैं और उनके बेटे शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान इस वक्त दिल्ली पहुंचे हैं, लिहाजा मोदी के साथ उनकी मुलाकात के मायनों को समझा जा सकता है।
किन मुद्दों पर हुई बातचीत?
क्राउन प्रिंस रविवार को दो दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे, जिसका उद्देश्य ऊर्जा और कनेक्टिविटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करना है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया, जिसमें इस यात्रा को भारत द्वारा दिए जाने वाले महत्व पर प्रकाश डाला गया।

भारत-यूएई संबंधों को मजबूत करना
यूएई के कई मंत्रियों और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ क्राउन प्रिंस दिल्ली में अपने कार्यक्रमों के बाद मुंबई भी जाएंगे। मुंबई में वे मंगलवार को दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक नेताओं के साथ एक व्यापार मंच में भाग लेंगे। इस यात्रा से भारत और यूएई के बीच मजबूत संबंधों को और मजबूत करने और नई साझेदारी के अवसरों की तलाश करने की उम्मीद है।
अगस्त 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के बाद भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इस यात्रा ने उनके संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया। फरवरी 2022 में, दोनों देशों ने एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए थे,इसके बाद जुलाई 2023 में भारतीय रुपये और AED (संयुक्त अरब अमीरात दिरहम) का उपयोग करके सीमा पार लेनदेन की सुविधा के लिए एक स्थानीय मुद्रा निपटान (LCS) प्रणाली पर हस्ताक्षर किए गये।
आर्थिक एवं रक्षा सहयोग
- भारत और यूएई के बीच आर्थिक संबंध मजबूत हैं और 2022-23 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 85 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा। यूएई भारत के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में शुमार है और इसी अवधि के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में अग्रणी निवेशकों में से एक है।
- यूएई में भारतीय समुदाय बहुत सक्रिय है और वहां सबसे बड़ा प्रवासी समूह है, जिसकी संख्या लगभग 35 लाख है। भारत की जी20 प्रेसीडेंसी के दौरान पीएम मोदी ने यूएई को विशेष तौर पर आमंत्रित किया था। इसके अलावा, फरवरी 2023 में भारत-यूएई-फ्रांस (यूएफआई) त्रिपक्षीय पहल की औपचारिक शुरुआत हुई।
- भारत ने मई 2023 में एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) में एक संवाद साझेदार के रूप में यूएई को शामिल करने और 1 जनवरी से ब्रिक्स में इसकी सदस्यता शुरू करने का सक्रिय रूप से समर्थन किया है। रक्षा सहयोग ने भी हाल ही में गति पकड़ी है, जनवरी 2024 में राजस्थान में पहला भारत-यूएई द्विपक्षीय सेना अभ्यास 'डेजर्ट साइक्लोन' आयोजित किया गया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अल नाहयान की यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को मजबूत करेगी और उभरते क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खोलेगी।












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