ब्राजील पहुंचे PM Modi का भव्य स्वागत, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत की मजबूत भागीदारी
PM Modi Brazil visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों आठ दिवसीय विदेश यात्रा पर हैं, जिसमें वह पाँच देशों का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा के चौथे चरण में वह अब ब्राज़ील पहुँच चुके हैं। यह दौरा कई कारणों से बेहद खास और ऐतिहासिक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान रियो डी जनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहाँ दुनिया के कई बड़े नेता वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ब्राज़ील की राजधानी ब्रासीलिया में एक राजकीय दौरे पर भी जाएंगे, जहाँ वह ब्राज़ील के राष्ट्रपति से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को और मज़बूत बनाने पर बात करेंगे।

इस यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पहलू है - ब्राज़ील में बसे भारतीय समुदाय से प्रधानमंत्री की मुलाकात। इस मुलाकात के ज़रिए न केवल भारतीय प्रवासियों में उत्साह देखा जा रहा है, बल्कि भारत-ब्राज़ील के लोगों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी के ब्राज़ील पहुंचने पर उनका भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अब इस दौरे के दौरान होने वाली बैठकों और वैश्विक मंच पर भारत की भागीदारी को लेकर पूरी दुनिया की निगाहें इस यात्रा पर टिकी हुई हैं।
भव्य स्वागत और सांस्कृतिक प्रदर्शन
शनिवार (5 जुलाई) की शाम को प्रधानमंत्री मोदी जब ब्राज़ील के गालियाओ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुँचे, तो उन्हें भव्य औपचारिक स्वागत दिया गया। इसके साथ ही रियो डी जनेरियो में भारतीय प्रवासी समुदाय ने पारंपरिक नृत्य और लोक संगीत के माध्यम से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
एक खास प्रस्तुति "ऑपरेशन सिंदूर" से प्रेरित थी, जिसमें "सौगंध मुझे इस मिट्टी की" गीत पर नृत्य किया गया। इस भावनात्मक और देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुति ने प्रधानमंत्री मोदी को भावविभोर कर दिया। उन्होंने इस नृत्य मंडली के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और इस पहल की सराहना की।
BRICS Summit में क्या है भारत की भूमिका?
प्रधानमंत्री मोदी 6 और 7 जुलाई को रियो डी जनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका है। इसके अतिरिक्त हाल ही में ब्रिक्स समूह में पाँच नए देश - मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल किए गए हैं, जिससे इसका दायरा और प्रभाव बढ़ गया है।
सम्मेलन के दौरान वैश्विक शांति और सुरक्षा, बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिम्मेदाराना उपयोग, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य और आर्थिक-आर्थिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा, वह कई अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
ब्रिक्स सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ब्रासीलिया की यात्रा करेंगे, जहाँ वह ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह लगभग छह दशकों के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय ब्राज़ील यात्रा है। बैठक में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य और लोगों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। भारत-ब्राज़ील के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की उम्मीद जताई जा रही है।
अर्जेंटीना में मिले 'की टू द सिटी' सम्मान
ब्राज़ील पहुँचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी अर्जेंटीना की यात्रा पर थे, जहाँ उन्होंने राष्ट्रपति जेवियर मिली से विस्तृत चर्चा की। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को विविध बनाने और रक्षा, खनिज, दवाइयों, ऊर्जा और खनन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
इस विशेष दौरे के दौरान प्रधानमंत्री को ब्यूनस आयर्स शहर की "की टू द सिटी" भेंट की गई। यह सम्मान वहाँ की सरकार द्वारा विशेष अतिथियों को दिया जाता है। मोदी ने इसे एक गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
पाँच देशों की यात्रा - अफ्रीका में समापन
प्रधानमंत्री मोदी की यह पाँच देशों की यात्रा 2 जुलाई को घाना से शुरू हुई थी। वहाँ से वह त्रिनिडाड और टोबैगो, फिर अर्जेंटीना, और अब ब्राज़ील पहुँचे हैं। यह दौरा 9 जुलाई को नामीबिया में समाप्त होगा, जहाँ वह नामीबिया की संसद को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, सामरिक और सामुदायिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ब्राज़ील के साथ भारत की गहराती साझेदारी, ब्रिक्स के मंच पर भारत की सक्रिय भूमिका और प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव - यह सभी पहलू भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करने की दिशा में एक सशक्त कदम हैं।












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