Pickaxe Mountain: 5000 फीट नीचे ईरान की ‘सीक्रेट' पहाड़ी से बनेगा अमेरिका-इजरायल की तबाही का रास्ता?
Pickaxe Mountain Iran: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच एक नई और गभीर चिंता सामने आई है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का दावा है कि पिकएक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) के भीतर ईरान सीक्रेट मिशन को अंजाम दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, गहरी सुरंगों और बंकरों में ईरान अपना गुप्त परमाणु कार्यक्रम चला रहा है। इस पहाड़ के अंदर संवर्धित यूरेनियम रखा गया है, जिससे अमेकरिका और इजरायल दोनों की चिंता बढ़ गई है।
पिछले करीब दो हफ्तों से पश्चिम एशिया में युद्ध का माहौल बना हुआ है। मिसाइल हमलों, ड्रोन हमलों और सैन्य गतिविधियों के बीच क्षेत्र में भारी तनाव है। इसी बीच सामने आई रिपोर्टों ने एक नए संभावित खतरे की ओर दुनिया का ध्यान खींचा है। कहा जा रहा है कि इस शांत दिखने वाली पहाड़ी के भीतर ईरान का सबसे गुप्त और संवेदनशील परमाणु प्रोजेक्ट चल रहा है।

Pickaxe Mountain क्या है?
बाहर से देखने पर एक साधारण और बंजर पहाड़ी जैसा दिखाई देता है। इसकी ऊंचाई करीब 5000 फीट बताई जाती है और पूरा इलाका पथरीला व ऊबड़-खाबड़ है। यही वजह है कि यहां की गतिविधियों को सैटेलाइट या ड्रोन से साफ-साफ ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
America के लिए क्यों है चिंता का कारण?
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का दावा है कि इसी प्राकृतिक सुरक्षा का फायदा उठाकर ईरान ने पहाड़ के भीतर गहरे अंडरग्राउंड बंकर और सुरंगें बनाई हैं। इन बंकरों में एक अत्याधुनिक अंडरग्राउंड परमाणु सुविधा तैयार की गई है जहां संवर्धित यूरेनियम को रखा गया है और वैज्ञानिक लगातार काम कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार करीब 400 किलोग्राम एनरिच्ड यूरेनियम इस पहाड़ी के अंदर बने लगभग 329 फीट गहरे बंकर में रखा गया है। इतनी गहराई पर बने ठिकानों को नष्ट करना बेहद मुश्किल माना जाता है।
नतांज परमाणु केंद्र के पास स्थित इलाका
यह पहाड़ उस इलाके में स्थित बताया जा रहा है जहां पहले से ही ईरान की महत्वपूर्ण परमाणु सुविधाएं मौजूद हैं। खासतौर पर Natanz Nuclear Facility वर्षों से अंतरराष्ट्रीय निगरानी में रहा है। माना जा रहा है कि अब कुछ महत्वपूर्ण परमाणु संसाधनों को वहां से हटाकर इस नए अंडरग्राउंड ठिकाने में शिफ्ट किया गया है। पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस गतिविधि की जानकारी अब वॉशिंगटन तक पहुंच चुकी है और अमेरिकी रक्षा मुख्यालय Pentagon इस पूरे मामले पर करीबी नजर रख रहा है।
America-Israel के लिए क्यों बन सकता है खतरा?
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से अमेरिका और इजरायल दोनों ही चिंतित रहे हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu कई बार कह चुके हैं कि वे किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई परमाणु सुविधा किसी पहाड़ के अंदर सैकड़ों फीट गहराई में बनी हो तो उसे बंकर-बस्टर बमों से भी पूरी तरह नष्ट करना बेहद कठिन हो सकता है।
बदल सकता है पश्चिम एशिया का शक्ति संतुलन
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु निगरानी एजेंसी के प्रमुख Rafael Grossi के अनुसार ईरान के पास मौजूद यूरेनियम करीब 60 प्रतिशत तक संवर्धित हो चुका है। परमाणु हथियार बनाने के लिए इसे लगभग 90 प्रतिशत तक संवर्धित करना होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान परमाणु हथियार बनाने में सफल हो जाता है तो पश्चिम एशिया का रणनीतिक संतुलन पूरी तरह बदल सकता है। इससे क्षेत्र में परमाणु हथियारों की नई दौड़ भी शुरू हो सकती है। फिलहाल दुनिया की नजरें सिर्फ युद्ध के मोर्चे पर नहीं बल्कि इस रहस्यमयी पहाड़ पर भी टिकी हुई हैं, जिसके भीतर छिपे रहस्य आने वाले समय में वैश्विक सुरक्षा समीकरण बदल सकते हैं।












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