ब्रिटेन में ऋषि सुनक को ये दो लोग दे सकते हैं कड़ी टक्कर, 28 अक्टूबर को तय होगा पार्टी का नेता
संसद में कंजर्वेटिव पार्टी के कुल सांसदों की संख्या 357 है। ऐसे में तीन से अधिक प्रत्याशी अपना दावा पेश नहीं कर पाएंगे। इस चुनाव में जो भी विजयी होगा, वह लगभग छह साल में पांचवां कंजर्वेटिव प्रधानमंत्री बनेगा।
लिज ट्रस के प्रधानमंत्री बनने के 45 दिन बाद ही इस्तीफा देने के बाद अब कंजर्वेटिव पार्टी नए नेता का ऐलान 28 अक्तूबर को करेगी। चुनाव प्रक्रिया के प्रमुख ग्राहम ब्रैडी ने यह घोषणा की। ब्रैडी ने कहा कि लिज ट्रस की जगह लेने के लिए जो नेता अपना दावा पेश करेंगे, उनके नामांकन पत्र पर कम से कम पार्टी के 100 सांसदों के हस्ताक्षर होने चाहिए। अगर एक से ज्यादा नेता ने ये शर्त पूरी करते हुए नामांकन दायर करते हैं तो कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों के बीच ऑनलाइन माध्यम से मतदान कराया जाएगा।

तीन लोगों के बीच हो सकता है चुनाव
संसद में कंजर्वेटिव पार्टी के कुल सांसदों की संख्या 357 है। ऐसे में तीन से अधिक प्रत्याशी अपना दावा पेश नहीं कर पाएंगे। इस चुनाव में जो भी विजयी होगा, वह लगभग छह साल में पांचवां कंजर्वेटिव प्रधानमंत्री बनेगा। लिज ट्रस से पहले बोरिस जॉनसन, थेरेसा मे, डेविड कैमरन कंजर्वेटिव पार्टी के पीएम रह चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अगर तीन नेता पीएम पद के लिए अपना दावा पेश करते हैं तो इसमें ऋषि सुनक और पेनी मॉर्डन्ट के अलावा तीसरा नाम बोरिस जॉनसन का हो सकता है।

बोरिस जॉनसन
लिज ट्रस से पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे बोरिस जॉनसन एकबार फिर से पीएम बनने के दावेदार बन गए हैं। लिज ट्रस के समर्थकों ने संकेत दिया है कि वह एक बार फिर से पीएम बनने के लिए तैयार बैठे हैं। रक्षा मंत्री बेन वालेस ने कहा है कि वे पीएम पद की रेस में नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि वे बोरिस जॉनसन का समर्थन करने वाले हैं। इससे पहले बोरिस ने क्रिस पिंचर स्कैंडल में फंसने की वजह से पद छोड़ दिया था।

पेनी मॉर्डन्ट
पीएम पद की दौड़ में एक बड़ा नाम पेनी मॉर्डन्ट का भी है। लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद पेनी मोर्डोंट प्रधानमंत्री बनने के लिए सट्टेबाजों की फेवरेट बनी हुईं हैं। नेता पद के पिछले चुनाव में मॉर्डन्ट तीसरे नंबर पर रही थीं। जब चुनाव प्रक्रिया सांसदों के बीच चल रही थी, तब उन्हें 105 सांसदों का समर्थन मिला था। इसलिए इस बार मैदान में उतरने की पहली शर्त यानी 100 सांसदों का समर्थन पाने में वे सफल रहेंगी, ऐसा माना जा रहा है। मॉर्डन्ट पहले रक्षा मंत्री रह चुकी हैं और सुनक की तरह ही वह पार्टी के उदारवादी नेताओं में गिनी जाती हैं।

ऋषि सुनक
लिज ट्रस के बाद पीएम बनने के सबसे पसंदीदा कैंडिडेट ऋषि सुनक हैं। सांसदों के बीच हुए पांच राउडों में वह हर बार सबसे आगे रहे थे। लेकिन अंतिम दौर में वह लिज ट्रस से हार गए। चुनावी रैलियों के सुनक ने ट्रस की आर्थिक योजना के बारे में जो भविष्यवाणियां कीं, उनमें से ज्यादातर सही साबित हुई हैं। सुनक ने कहा था कि अगर ट्रस ने राजकोष में आमदनी का बिना इंतजाम किए टैक्स कटौती की, तो उससे ब्रिटिश मुद्रा पाउंड गंभीर संकट में फंस जाएगा। ऋषि सुनक ने कहा कि वह भले चुनाव हार जाएं मगर जनता से झूठे वायदे नहीं करेंगे। अब जब लिज ट्रस का ट्रस्ट खत्म हो चुका है लोगों को सुनक याद आ रहे हैं। ऋषि सुनक को आर्थिक मामलों का अनुभवी जानकार माना जाता है। इस वक्त ये बात उनके पक्ष में जाती दिख रही है।
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