पाकिस्तान से व्यापार पर करना चाहिए विचार.. भारत सरकार को संसदीय कमेटी ने दी सलाह, क्या करेंगे पीएम मोदी?
India-Pakistn Trade: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद तत्कालीन इमरान खान सरकार ने पाकिस्तान का भारत के साथ व्यापार को रोक दिया था और उसके बाद से, पाकिस्तान भारत से सिर्फ इमरजेंसी दवाएं ही खरीदता है।
पाकिस्तान की तरफ से बार बार भारत के साथ व्यापार फिर से शुरू करने को लेकर पहल की जाती है, लेकिन जनता के प्रेशर में आकर पाकिस्तान की सरकारें, भारत से व्यापार को लेकर आगे नहीं बढ़ती हैं। वहीं, अब भारत के विदेश मामलों की एक समिति ने भारत सरकार को सुझाव दिया है, कि भारत सरकार को पाकिस्तान से व्यापार को लेकर विचार करनी चाहिए।

संसदीय समिति की सलाह क्या है?
विदेश मामलों की संसदीय समिति का सुझाव है, कि भारत सरकार को पाकिस्तान के साथ आर्थिक संबंधों पर विचार करना चाहिए "यदि वे आगे आते हैं।" समिति ने सुझाव दिया है, कि भारत सरकार को 'लोगों से लोगों' के बीच संपर्क बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
इसके अलावा, समिति ने भारत सरकार से "आतंकवाद को बढ़ावा देने में पाकिस्तान द्वारा निभाई गई भूमिका" पर वैश्विक समुदाय को भी जागरूक करने को कहा है।
विदेश मामलों की समिति ने भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति पर अपनी बाईसवीं रिपोर्ट में यह सिफारिश की है, जिसमें नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए, एक साझा मंच स्थापित करने का भी अनुरोध किया गया है।
इस नीति के तहत, सरकार को सुझाव दिया गया है, कि सरकार अपने सभी पड़ोसियों के साथ परामर्शात्मक और गैर-पारस्परिक दृष्टिकोण के आधार पर, दोस्ताना और पारस्परिक रूप से लाभप्रद संबंध विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करे।
विदेश मामलों की समिति का कहना है, कि "पाकिस्तान के आक्रामक रवैये को देखते हुए, समिति की इच्छा है, कि सरकार को क्षेत्रीय और बहुपक्षीय निकायों/संगठनों के साथ बड़े पैमाने पर सक्रिय रूप से जुड़ना जारी रखना चाहिए, ताकि उन्हें आतंकवाद को बढ़ावा देने में पाकिस्तान द्वारा निभाई गई भूमिका के बारे में संवेदनशील बनाया जा सके और अपनी धरती पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनका समर्थन हासिल किया जा सके।"
रिपोर्ट में कहा गया है, "नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक साझा मंच स्थापित करने का भी प्रयास किया जा सकता है।" इस रिपोर्ट में सरकार से यह भी सिफारिश की गई है, कि सरकार, पाकिस्तान के साथ आर्थिक संबंध स्थापित करने पर विचार करे, यदि वे आगे आएं और सांस्कृतिक समानताओं के मद्देनजर व्यापक 'लोगों से लोगों के बीच' संपर्क बनाने की दिशा में काम करें।
लोकसभा में पेश की गई है रिपोर्ट
संसद की 17वीं लोकसभा में इस रिपोर्ट को पेश किया गया है और इस समिति नोट किया है, कि नेबरहुड फर्स्ट नीति के लाभ संयुक्त राष्ट्र, एनएएम, राष्ट्रमंडल, सार्क और बिम्सटेक जैसे विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर भारत के लिए मजबूत समर्थन में तब्दील हो गए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, "भारत क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने की दिशा में इन समूहों में अपने पड़ोसी भागीदारों के साथ निकट सहयोग में काम करता है।"
आपको बता दें, कि इसी सहयोग की वजह से 2014 के बाद से, 40 भारतीय मछुआरों और 5 भारतीय नागरिक कैदियों सहित 2,700 से ज्जा भारतीय कैदियों की रिहाई और स्वदेश वापसी सुनिश्चित करवाई गई है।
विदेश मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है। भारत की सतत स्थिति यह है, कि भारत और पाकिस्तान के बीच यदि कोई मुद्दा है, तो उसे आतंक और हिंसा से मुक्त माहौल में द्विपक्षीय और शांतिपूर्ण ढंग से हल किया जाना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications